*बिलासा साहित्य संगीत धारा छत्तीसगढ़ पर हुआ पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता का दोहानुवाद - fastnewsharpal.com
फास्ट न्यूज हर पल समाचार पत्र,

*बिलासा साहित्य संगीत धारा छत्तीसगढ़ पर हुआ पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता का दोहानुवाद

 *बिलासा साहित्य संगीत धारा छत्तीसगढ़ पर हुआ पवित्र ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता का दोहानुवाद



     बिलासा साहित्य संगीत धारा के पावन पटल पर साहित्य सृजन के विविध आयाम/विधा संचालित किए जाते है,इनमें से एक महत्वपूर्ण ग्रंथ भारतीय संस्कृति के पोषक गीता भागवत ग्रंथ के श्लोकों का दोहा काव्य में अनुवाद करने की श्रृंखला प्रारंभ की गई थी।

यह काव्यानुवाद पटल पर सप्ताह में एक दिन बुधवार को आयोजित की जाती थी,जो १४० सप्ताह यात्रा के बाद दिनांक ३/५/२०२३ को पूर्ण हुई।

गीता भागवत श्लोक के दोहा काव्यानुवाद रचना में मंच के श्रेष्ठ रचनाकारों ने सहभागिता निभाई और पुण्य के भागी बन अपनी लेखनी को कृतार्थ किया।

बिलासा साहित्य संगीत धारा के संरक्षक पूज्य गुरुदेव आ. डा.रामनाथ साहू ननकी जी, संस्थापक आ.तेरस कैवर्त आसु जी,अध्यक्षा आ. सुकमोती चौहान रुचि जी,उपाध्यक्ष आ. डा. माधुरी डड़सेना मुदिता जी, ने सभी साहित्यकारों का आत्मीय अभिनंदन करते हुवे,बिलासा साहित्य संगीत धारा मंच को गौरवान्वित करने पर सादर आभार व्यक्त किया है।तथा इस वृहद श्रृंखला को संकलित कर ग्रंथ का रूप देने का बीड़ा उठाया हैं,जो आने वाली पीढ़ी के लिए अद्भुत काव्य ग्रंथ होगा। दोहा काव्यानुवाद के सृजनकार आ.गीता उपाध्याय,आ. सुकमोती चौहान रुचि,आ.सुधा शर्मा,आ.नीरामणी श्रीवास नियति,आ.प्रियदर्शिनीराज,

आ.मधुतिवारी,आ.भारत नायक "बाबूजी" जी ने श्रेष्ठ दोहा सृजन किया तथा पटल के अन्य सृजनकारों ने भी उत्तम सृजन  किया।पूरे श्रृंखला में प्रेषित दोहानुवाद की समीक्षा विद्वान समीक्षक आ.भागवत निषाद जी,आ.पद्मा साहू "पर्वणी" जी,आ.अनामिका "अनु" जी ने विद्वता पूर्वक किया।

बिलासा साहित्य संगीत धारा संचालन मंडल ने सभी रचनाकारों,समीक्षकों का आत्मीय अभिनंदन कर सादर आभार व्यक्त करते हुवे पटल के साहित्यिक गतिविधियों में अपनी लेखनी व विचारों की निरंतरता बनाए रखने का आवाहन किया हैं।

 बिलासा साहित्य संगीत धारा वर्ष २०१७ से निरन्तर साहित्यकारों को मंच प्रदान कर रही है जिसमें सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ ही नहीं भारत के विभिन्न राज्यों के साहित्यकार अपनी लेखन कला से साहित्य की सेवा कर रहें है।



Previous article
Next article

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads