देखे वीडियो ---ब्रह्माकुमारीज छुरा सेवाकेंद्र मे हुआ स्वउन्नति के लिए ज्ञान योग भट्ठी, माउन्ट आबू ज्ञान सरोवर से पहुंचे राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई जी ने सुनाये विशेष अनुभव
देखे वीडियो --ब्रह्माकुमारीज छुरा सेवाकेंद्र मे हुआ स्वउन्नति के लिए ज्ञान योग भट्ठी, माउन्ट आबू ज्ञान सरोवर से पहुंचे राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई जी ने सुनाये विशेष अनुभव
छुरा
ब्रह्माकुमारीज छुरा सेवाकेंद्र मे,छुरा सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी गायत्री बहन के विशेष बुलावे पर, राजयोगी ब्रह्माकुमार रोहित भाई ज्ञान सरोवर माउन्ट आबू राजस्थान का योग भट्ठी के विशेष कार्यक्रम मे आना हुआ।
जो क्षेत्रीय भाई बहनो के ज्ञान योग मे व स्व उन्नति के लिए विशेष शक्तिशाली योग भट्ठी के साथ,विशेष अनुभवो के माध्यम से,पावरफुल स्थिति बंनाने मे सहज उपाय बताये, साथ ही कहा क्रोध मुक्त होने का सहज तरीका बताया,कि सप्ताह मे सातों दिन एक स्वमान के साथ क्रोध मुक्त बन सकते हैं, व दिन वार कुछ बाते स्मृति मे रह दिन कि शुरुवात करे,जो रविवार क्रोध की छुट्टी,सोमवार सभी को सोम रस पीना, पिलाना हैं,मंगलवार मंगल वचन,बुधवार शुद्ध वचन,गुरुवार सबको वरदान देना हैं शुक्रवार ---सबको शुक्रियाशनिवार, क्रोध रूपी शनि से दूर रहना हैं, । वही स्वंमान प्रति दिन स्मृति मे रखे मै एक महान आत्मा हू,पूर्वज हू,फरिस्ता हू,मास्टर सर्वशक्तिमान हू, गाडली स्टूडेंट,भगवान मेरा छत्र छाया हैं,व भोजन दृस्टि देकर ही भोजन करे भोग लगाकर खाये,सभी को आत्मा देखने का अभ्यास करना हैं,सोते समय सारा दिन का बाबा को चार्ट देकर सोना हैं।
नींद नहीं आने का कारण पाप कर्म हैं,हर घंटा एक मिनट शरीर से डिटेच परमधाम जाना हैं,दूसरे का बुराई करने पर दूसरे का पाप कर्म अपने सिर पर आता हैं,मोबाइल देखते न सोना,स्वयं पर अटेंसन दो,बाबा को यूज करे, साथ ही प्रति दिन यह 5 बाते याद रखे कि ,अकेले आये,अकेला जाना,अकेले मे,अकेला बनकर,अकेले बाबा को याद करना हैं साथ ही विशेष रूप से अनुभव शेयर किये, इस कार्यक्रम मे ब्रह्माकुमारीज छुरा सेवाकेंद्र से जुड़े भाई बहनो के साथ साथ नगर कि प्रतिष्ठित भाई बहने व नगर के प्रबुद्ध लोग भीं शामिल हुए, उपस्थित भाई बहनो ने कार्यक्रम मे हुए अपने अनुभव सुनाये, कार्यक्रम के समापन अवसर मे छुरा सेवाकेंद्र संचालिका ब्रह्माकुमारी गायत्री बहन ने सभी का आभार माना कि आपकी सब कि उपस्थिति मे कार्यक्रम बहुत ही श्रेष्ठ व सफल हुए।







