कुर्रा से नवापारा राजिम पुल तक बन रहे सड़क मे घोर लापरवाही, जिम्मेदार अधिकारीयों कि उदासीनता, राहगीरों का जोखिम भरा सड़क
कुर्रा से नवापारा राजिम पुल तक बन रहे सड़क मे घोर लापरवाही, जिम्मेदार अधिकारीयों कि उदासीनता, राहगीरों का जोखिम भरा सड़क
गोबरा नवापारा
सड़क चौड़ीकरण में ठेकेदार द्वारा बरती जा रही घोर लापरवाही और सुस्त रैवये के चलते अभनपुर से गरियाबंद की ओर आने और जाने वाले लाखो लोगो को नवापारा शहर के बीच से गुजरते वक्त बेहद परेशानियो का सामना करना पड़ रहा है। शहर के बीच से सड़क चौड़ीकरण का काम 29 करोड़ रूपए की लागत से हो रहा है। मगर काम में जरा भी ठिकाना नही है। बीच-बीच में अधुरा छोड़-छोड़कर काम किया जा रहा है। जिस पेच को बनाने की सख्त आवश्यकता है उसे नजरअंदाज किया जा रहा है। नालियो की ऊंचाई सड़क के ऊपर इस तरह से बना दी गई है कि लोगो का धंधा पानी न केवल चौपट हो गया है बल्कि जिस दिन बारिश होती है उस दिन परेशानी झेलने वाले चार आंसू रोते है। सड़को पे जहां-तहां नुकीली गिट्टियां बिखरी पड़ी हुई है। वार्ड नंबर 2,वार्ड नंबर 1,वार्ड नंबर 4,वार्ड नं 9 जो कि हो रहे सड़क चौड़ीकरण के किनारे ही है। यहां बेढंगे बनाई गई नालियों की वजह से लोगो का जीना हराम हो गया है।
वार्ड नं 2 जो कि बस स्टेंड से लगा हुआ वार्ड है यहां भीतर जाने के रास्ते को आज तक नही बनाया गया। पहले नाली की ऊंचाई इस मार्ग पर इस तरह से बनाई गई कि न तो गाड़ी इधर से चढ़ सकती थी और न ही उधर से उतर सकती थी। नाली की हाईट को कम करने के लिए तोड़ा गया परंतु तोड़े हुए इस हिस्से को नही बनाया जा रहा है। ठेकेदार के गुर्गे अपने मनमर्जी से काम कर रहे है और लोग उसे देख रहे है। वही नगरवासियो का सब्र अब जवाब देने लगा है। जिस जगह पर नाली के हाईट को तोड़कर कम ऊंचाई से बनाया जाना है उसे न तो ठेकेदार ध्यान दे रहा है और न ही विभागीय अधिकारी। नाली के दूसरे तरफ जो होटल है ये होटल आज कई महीनो से बंद है। इसके बावजूद अफसरो को तरस नही आ रहा है। जो प्वाइंट जरूरी है।
जहां से लोगो का गुजर-बसर होना है,आना-जाना होना है उसे ध्यान न देकर दूसरी जगहो पे काम लगा रहे है। इससे जन आक्रोश भड़कने लगा है। तीन किमी का यह काम 13 महीने में भी पूरा नही हो सका। जबकि इसे जुलाई 2023 तक पूरा हो जाना चाहिए था। चौड़ीकरण के काम में विलंब होने के कारण सड़के कही अप है कहीं डाऊन है जिसे रात में चलने वाली गाड़ियां नही देख पाती। इससे आए दिन दुर्घटना हो रही है। पिछले दिनो इसी वजह से वार्ड नंबर 2 के नवयुवक की जान चली गई। एक ट्रक पलटते-पलटते बचा जिसकी तस्वीर मिडिया की सुर्खियां बनी थी। आए दिन दर्जनो दुपहिया वाहनो में टकराव हो रहा है। सड़क में बिछाए गए गिट्टी और धूल के कारण रात में कुछ दिखता नही और गाड़ियां बिल्कुल एक दूसरे के करीब आकर टकराते-टकराते बचती है। किसी भी दिन बड़ी दुर्घटना होने से इंकार नही किया जा सकता। सड़क किनारे के मोटर मैकेनिको और छोटे-छोटे ठेलो में धंधा चलाकर परिवार पालने वाले लोग भी काफी परेशान है।
वही जिम्मेदार अधिकारीयों औऱ ठेकेदार कि लापरवाही का खामियाजा आम राहगीरों को भुगतना पड़ रहा हैं।




