*नगरी -एक जिला, एक नियम का संकल्प*( सामाजिक कार्यशाला की समीक्षा बैठक में लिया निर्णय )
*नगरी -एक जिला, एक नियम का संकल्प*( सामाजिक कार्यशाला की समीक्षा बैठक में लिया निर्णय )
जयलाल प्रजापति /नगरी
*जिला साहू संघ धमतरी के द्वारा सामाजिक कार्यशाला समीक्षा बैठक आहूत कर समस्त तहसील अध्यक्ष, परिक्षेत्र अध्यक्ष एवं जिला पदाधिकारियों की उपस्थिति में एक जिला एक समान सामाजिक नियम का संकल्प लिया l साहू समाज द्वारा विभिन्न रचनात्मक कार्यों, सामाजिक नियमावली पर कार्यशाला का आयोजन कर समाज में व्याप्त कुरीतियों, विकृतियों एवं आडंबर पर रोक लगाते हुए सनातन संस्कृति के अनुरूप प्रत्येक संस्कार को सम्पन्न करने का निर्णय लिया l जन्मदिन, सगाई, विवाह एवं अन्य सभी कार्यक्रमों पर केक काटना प्रतिबंधित किया गया l सगाई में केवल अंगूठी रस्म होगा, जय माला पहनाना या अन्य आभूषण देना प्रतिबंधित किया गया l विवाह में कपड़ा बांटना बंद किया गया l केवल निकटतम रिश्तेदार को ही उपयोगी कपड़ा दिया जाएगा l मृत्यु भोज को शांति भोज के नाम से जाना जाएगाl जिसमें केवल चावल, दाल, सब्जी ही परोसी जाएगी l*
*सामाजिक कार्यशाला से मिले आम सहमति /फीडबैक एवं 09जुलाई 2023के बैठक में जिला कार्यकारिणी, तहसील अध्यक्षों, परिक्षेत्र अध्यक्षों से मिले सुझाव के आधार पर तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ संशोधित एकीकृत सामाजिक नियमावली संस्करण वर्ष 2023 के अध्याय- 2 सामाजिक आचार संहिता नियमावली का परिपालन कड़ाई से करने हेतु निर्देशित किया जाता है l*
*1. जन्म / जन्मोत्सव संस्कार*
*(अ ). घर में नया मेहमान आने की सूचना ग्रामीण अध्यक्ष और पार -पांघर अध्यक्ष को देना अनिवार्य होगा l*
*(ब ). सामान्य प्रसव में छट्ठी कार्यक्रम 6 दिवस के भीतर और सिजेरियन प्रसव में 1 माह में कराया जावे l*
*(स ). छट्ठी कार्यक्रम में माँ और बच्चे को साड़ी /कपडे के जगह में उनके सुखद भविष्य मे आर्थिक सहयोग किया जावे l*
*(द ). आशीर्वाद स्वरुप मिले राशि का बैंक में डिपॉजिट कर जानकारी पांघर अध्यक्ष दी जावे l*
*(इ ).जन्मोत्सव कार्यक्रम में पश्चिमी संस्कृति का प्रतीक केक को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है l काँके पानी पीना अनिवार्य किया जाता है l केक काटना जन्म, जन्मोत्सव, सगाई, विवाह, वर्षगाँठ और भी अन्य कार्यक्रम में प्रतिबंध किया जाता हैं।*
*(फ ). छट्ठी में रामायण कार्यक्रम आयोजन पर पारंपरिक सोहर मंगल गीत हो, फूहड़ता वाले गीत ना करें l*
*2. सगाई*
अध्याय.2 के अनु.1 के परिपालन में
*(अ ). सगाई का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा l*
*(ब ). रिश्ता तय होने के समय दोनों परिवार, पांघर पदाधिकारियों /सदस्यों की उपस्थिति में सगाई संपन्न कराने की संपूर्ण बातचीत कर ली जावे (बाराती संख्या, विधि विधान /रस्म )*
*(स ).सगाई रस्म केवल अंगूठी पहना कर की जावे l सगाई में जयमाला पहनाना एवं केक काटना पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है l सगाई में मंगलसूत्र व अन्य गहना देना प्रतिबंधित किया जाता हैं।*
*(द ).प्री वेडिंग फोटोशूट एवं प्री वेडिंग शॉपिंग प्रतिबंध किया जाता है l*
*(इ ).सगाई कार्यक्रम यथासंभव दिन में करने का प्रयास करें l*
*3.विवाह संस्कार*
*(अ ). विवाह गोधूलि बेला में संपन्न करने का प्रयास करेंl*
*(ब ). विवाह में जयमाला के समय वर-वधू को ऊपर उठाना एवं जयमाला के समय वर-वधू का नाचना प्रतिबंधित किया जाता हैl*
*(स )नेंग की राशि के लिए अनावश्यक दबाव नहीं किया जावें l वर पक्ष द्वारा दी गई राशि को सहर्ष से स्वीकार किया जावे l ( सामाजिकजनों की उपस्थिति में दोनों परिवार के द्वारा वैवाहिक रस्मों के संबंध में संपूर्ण बातचीत कर ली जावे )*
*(द ).विवाह में जूता छिपाने का नेग पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाता है l*
*(इ ). जीजा के गोद में साली को बिठाना पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाता हैl*
*(फ ).केवल निकटतम रिश्तेदार को ही उपयोगी कपड़ा दिया जावे l*
*4.शोक / मृत्यु संस्कार*
अध्याय 2 के अनुच्छेद 16, 17 के परिपालन में
*(अ ) शव में कफन केवल नजदीकी रिश्तेदार देंगे बाकी सभी पुष्पांजलि या स्वेच्छा से अर्थदान करेंगे l*
*(ब )अंतिम संस्कार कार्यक्रम के दिन केवल एक ही व्यक्ति द्वारा श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया जायेगा l*
*(स )शोकाकुल परिवार में विधवा माता का चूड़ी उतारने का कार्य सम्मानपूर्वक घर में की जावेl*
*(द ) तालाब का कार्यक्रम 12:00 बजे तक संपन्न करने का प्रयास करें l जलांजलि के समय तालाब में केवल 5 वस्तु चावल, दाल,तिल,जवा,गुड / दही ही रखे अन्य पर प्रतिबंध किया जाता हैं।*
*(इ )तालाब में किसी भी प्रकार का कपड़ा भेंट ना करें l घर में श्रद्धांजलि वाले जगह में केवल मायके पक्ष से कपड़ा भेंट किया जावे बाकी सभी अपनी श्रद्धा सुमन भेंट करें l*
*(य ) शांति भोज में केवल दाल, चावल, सब्जी की ही व्यवस्था की जावे l*
*(र ). नाश्ता एवं कलेवा को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाता है l*
*टीप :-नियम उल्लंघन होने पर ग्रामीण साहू समाज द्वारा जिला साहू संघ धमतरी को आवेदन दिया जावे l*
अन्य
*1.सभी ग्रामीण साहू समाज दिन में बैठक आहूत करे जिससे महिलाओ की उपस्थिति हो सके।एवं प्रकरणों की विवेचना मर्यादित रूप से की जावे*
*2.माह के प्रत्येक 1 तारीख को अपने अपने ग्राम में कर्मा आरती करें और सामाजिक, धार्मिक चर्चा करे।*
*3.प्रत्येक गांवो मे महिला प्रकोष्ठ,युवा प्रकोष्ठ का गठन अनिवार्य रूप से करे।*
*4.सामाजिक कार्यक्रमों में अतिथियों का स्वागत- अभिनंदन, चंदन का टीका लगा कर करे और भेंट स्वरुप कपड़ा/फेटा को देना प्रतिबंधित किया जाता है।*
*5.विधवा बहन,माताओं को सभी मांगलिक कार्यक्रमों में शामिल होने का अधिकार दिया जाता हैं।*
*6.विधवा विवाह को आदर्श विवाह के रूप में मान्यता दिया जाता हैं।*
*नोट :- 1.समस्त परिक्षेत्र अध्यक्ष, ग्रामीण अध्यक्षों की बैठक लेकर पत्र प्रेषित करते हुए जानकारी देंगे l*
*2. समस्त ग्रामीण अध्यक्ष अपने ग्राम में सामाजिक बैठक लेकर पत्र का वाचन करते हुए जानकारी देंगे l एवं 1-1पत्र प्रत्येक पार -पांघर को देते हुए पार की बैठक लेकर प्रत्येक सदस्य को भी जानकारी देने हेतु निर्देशित करेंगे l*
*इससे आने वाली युवा पीढ़ी को समाज के प्रति जुड़ाव, विभिन्न नियमों एवं गतिविधियों के बारे में जानकारी के साथ ही समाज को संगठित करने में मील का पत्थर साबित होगा l*
*समीक्षा बैठक में जिला अध्यक्ष अवनेन्द्र साहू,महासचिव यशवंत साहू,उपाध्यक्षगण तोरणलाल साहू,केकती साहू,अमरदीप साहू, युवराज,गोकुल,गोकरण,रेखा, सचिव लीलाराम,चोवाराम, कोषाध्यक्ष गणेशराम,अंकेक्षक नरेंद्र साहू,निरंजन,संगठन मंत्री नंदकुमार,गोपीकिशन,महेंद्र, शिवनारायण,तेजराम साहू संगठन सचिव केशव,मंजूषा,भागेश हिरवानी,भामाशाह कोष संयोजक डीपेंद्र साहू,न्याय संयोजक मेवालाल साहू,युवा प्रकोष्ठ संयोजक पवन गजपाल,वीरेंद्र साहू,व्यापारी संयोजक देवा साहू, चिकित्सा संयोजक डॉ ललित साहू, विनेश्वर,गुपेश,हेमंतसाहू,अधिकारी कर्मचारी संयोजक दयाराम साहू,महिला संयोजक चंद्रकला साहू,किसान संयोजक वीरेंद्र साहू,किरण सोनबेर,विधि सलाहकार जयप्रकाश साहू, मीडिया प्रभारी भूपेंद्र साहू, कार्यकारिणी सदस्य तहसील अध्यक्षगण रोहित साहू,गोपाल साहू,राधेश्याम साहू,कामता साहू, तोषण साहू,पुनीतराम साहू,परिक्षेत्र अध्यक्ष दिलेश,मदन,नीलमणि,गणेशराम,राजेंद्र,नारायण,डेरहुराम,हंसराज, नंदकुमार,ज्ञानेश्वर,ललित चौधरी, नारद, निरंजन,रामकिशुन,बलराम, गिरधारी,प्रहलाद,होमेंद्र, रामचंद्र,नीलमणि,जीतेन्द्र, रिखीराम,प्रेमलाल,रामप्यारी, पोखराज,पोषण,कमलेश,कार्तिक, जीवन,नारद,रोहित, छन्नूराम,गयाराम,सहदेव, राजकुमार,मनहरण,जन्मेय, सुरेश,जयकृष्ण,प्रदीप,लक्ष्मण, लालसिंह,मनीराम,पेमंत, विजयगौतम,उपेंद्र,देवेंद्र,डुमेश,राजू साह,सेवक राम के साथ जिला, समस्त तहसील,परिक्षेत्र के सामाजिक पदाधिकारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे l*

