नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित विकासखंडस्तरीय प्रशिक्षण अभनपुर में जारी
नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित विकासखंडस्तरीय प्रशिक्षण अभनपुर में जारी
अभनपुर
नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित शासकीय उच्च प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों का पांच-दिवसीय प्रशिक्षण शिविर ग्रेसियस महाविद्यालय अभनपुर में विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों और विचार-विमर्श के माध्यम से जारी है। यह प्रशिक्षण नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नवीन पाठ्यपुस्तकों पर आधारित है, जिसका उद्देश्य शिक्षकों को भविष्य के लिए तैयार करना है।
आज का दिन विशेष रूप से शिक्षकों ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त किया, बल्कि अनेक गतिविधियों के माध्यम से व्यवहारिक शिक्षण का अनुभव भी किया।
सुबह का सत्र सिद्धि विनायक गणेश जी की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ। पहले दिन की गतिविधियों का संक्षिप्त पुनरावलोकन किया गया, मास्टर ट्रैनर ने नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिंदुओं को फिर से समझाया। मास्टर ट्रेनर लीना ने भाषा शिक्षण के उद्देश्यों और वर्तमान में भाषा शिक्षण के सामने आ रही चुनौतियों पर गहन चर्चा की। इसके बाद, मास्टर ट्रैनर उमेश ने 'मल्हार' नामक नई पाठ्यपुस्तक की संरचना और उसके अन्वेषण पर विस्तार से बात की साथ ही पाठ योजना बनाने के प्रमुख चरणों और आवश्यक बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया। समूहों में बँटे शिक्षकों ने मिलकर पाठ्यपुस्तक में दी गई विभिन्न विधाओं (जैसे कहानी, कविता आदि) पर आधारित शिक्षण प्रक्रिया के लिए पाठ योजनाएँ तैयार कीं। यह सामूहिक गतिविधि शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग और विचार-विनिमय को बढ़ावा देने में बहुत सहायक रही। दूसरे सत्र की शुरुआत प्रेरणादायक गीतों के साथ की गई। इस सत्र में, बबीता मैडम ने कला शिक्षा के महत्व पर विस्तृत चर्चा की। विभिन्न समूहों ने अलग-अलग कला क्षेत्रों से संबंधित प्रस्तुतीकरण दिए, जिसने सत्र में नई ऊर्जा भर दी।
गणित विषय का दूसरा दिन भी बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक रहा। सत्र की शुरुआत रेखाओं और कोणों जैसे मूलभूत ज्यामितीय सिद्धांतों पर चर्चा के साथ हुई। मास्टर ट्रेनर ने इन कठिन लगने वाले विषयों को सरल और रुचिकर बनाने के लिए कई व्यावहारिक तरीके साझा किए। भोजन अवकाश के बाद, दूसरे सत्र में आँकड़ों का प्रबंधन और सममिति जैसे विषयों पर गहन मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण को और अधिक रोचक बनाने के लिए, मास्टर ट्रेनर डायमंड सिन्हा, पूर्णेन्द्र पाल और पुनारद पटेल ने शिक्षकों के साथ कई मजेदार गतिविधियाँ कराईं, जिससे सीखने की प्रक्रिया और भी प्रभावी बन गई। इन गतिविधियों ने शिक्षकों को यह समझने में मदद की कि वे अपनी कक्षाओं में गणित को किस तरह एक मजेदार और आकर्षक विषय बना सकते हैं। ग्रुपवार प्रस्तुतिकरण के द्वारा अवधारणाओं पर चर्चा परिचर्चा हुई।
प्रशिक्षण में बी आर सी सी श्री राकेश साहू द्वारा निरंतर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में संकुल समन्वयक नागेन्द्र कुमार कंसारी, टिकेंद्र साहू,राधेश्याम बंजारे, अजय दास एवं उच्च प्राथमिक शालाओं के शिक्षक अपनी उपस्थिति दे रहे हैं।



