"कर्म की भोग हर प्राणी को भुगतना पड़ता है
"कर्म की भोग हर प्राणी को भुगतना पड़ता है"
ग्राम-जौन्दी(चम्पारण)
विगत कई वर्षों से श्रावन मास भर राम कथा चली आ रही है जिसके कथा वाचक के रुप मे सेवा अवकाश प्राप्त प्रधान अध्यापक श्रद्धेय श्री जे.आर.ध्रुव गुरुजी रामायण के साथ अन्य धर्म ग्रंथ का बारीकी से राम कथा के अंतर्गत सरल से सरल भाषा शैली व भजन के माध्यम से समस्त ग्रामवासियों को ज्ञान, भक्ति,वैराग्य के साथ कर्म का बोध ईन्द्र पुत्र जयंत बाली,रावण और सच्चे मित्र की परिभाषा भगवान राम और सुग्रीव की मित्रता जैसे अनेकानेक कथा से भाव विभोर किया जिनके वकतव्य मे स्वंय माँ सरस्वती व भक्त हनुमानजी जी का वास शब्द रस अलंकार प्रतित हुआ साथ मे भक्ति संगीत की सुमधुर आवाज के धनी कवि रोहित साहू"माधुर्य" तबले पर पुत्र मनीष साहू ,बालक सत्यम साहू,जनक साहू,बंधु साहू,विश्राम साहू,राजाराम साहू,आसकुमार साहू,हेमकुमार साहू जौन्दा,पूजा आरती नंद साहू,अश्वनी साहू,भोराम यादव व समस्त ग्रामवासियों का प्रतिदिन प्रसाद की ब्यवस्था मे विशेष योगदान रहा रक्षाबंधन के दिन पूजा आरती व राम कथा विश्राम पश्चात सरपंच कुंती/सरजू साहू के पुत्र पूर्व सरपंच श्री टोमन साहू दूवारा श्रद्धेय गुरुजी को मंत्र चादर ,लेखनी,श्रीफल व प्रतीक चिन्ह भेंटकर भावभीनी बिदाई कर आगामी वर्ष के लिए कथा वाचन करने के लिए समस्त ग्रामवासियों की ओर से आग्रह किया।
