गणपति विसर्जन पर वार्ड-06 में उमड़ा उत्सव का सैलाब – - fastnewsharpal.com
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गणपति विसर्जन पर वार्ड-06 में उमड़ा उत्सव का सैलाब –

 गणपति विसर्जन पर वार्ड-06 में उमड़ा उत्सव का सैलाब –



लाइव आर्केस्ट्रा और मेलोडी ग्रुप ने बांधा समां –



पार्षद छगन यादव बोले, त्योहार का असली आनंद परिवार संग


गरियाबंद

 वार्ड क्रमांक-06 में विराजमान गणपति बप्पा की पारिवारिक विदाई सोमवार को बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। पूरे वार्ड ने मिलकर बप्पा को विदा किया। विदाई जुलूस में छोटे-बड़े, महिलाएं-बच्चे, युवा-बुजुर्ग सभी शामिल हुए। 





सड़कों पर “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयकारे गूंजते रहे। नम आंखों से बप्पा को विदा करते समय श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।


जुलूस में सैकड़ों की भीड़ उमड़ी। झांकी आकर्षण का केंद्र रही। उड़ीसा से आए मेलोडी ग्रुप और लाइव आर्केस्ट्रा ने माहौल को भक्तिमय और संगीतमय बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा नाचते झूमते रहे, वहीं महिलाओं ने मंगल गीतों के जरिए बप्पा को विदाई दी। पूरा मोहल्ला एक परिवार की तरह दिख रहा था।


वार्ड पार्षद छगन यादव ने कहा कि वार्ड-06 की खासियत ही यही है कि यहां हर त्योहार पूरे परिवार और भाईचारे के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया—

“हमारे वार्ड में यह परंपरा रही है कि किसी भी पर्व को अकेले नहीं मनाया जाता। चाहे गणेशोत्सव हो, होली-दीपावली हो —हर आयोजन पूरे मोहल्ले की सहभागिता से ही होता है। यही एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। परिवार और समाज का साथ हमें मजबूती देता है और यही संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी मिलते हैं।”


उन्होंने आगे कहा कि त्योहार केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश देने का अवसर भी होते हैं।

“वार्ड के हर सदस्य को यह एहसास है कि हम सब एक परिवार हैं। यही वजह है कि यहां के हर पर्व में अमीर-गरीब, छोटे-बड़े सभी बराबर भागीदार बनते हैं।”


कार्यक्रम के पश्चात पारंपरिक भंडारे का आयोजन किया जाता है । इसमें पूरे मोहल्ले ने एक साथ बैठकर प्रसादी ग्रहण की। पार्षद यादव ने कहा—

“साथ बैठकर भोजन करना सिर्फ परंपरा नहीं बल्कि आपसी मेल-जोल और रिश्तों को मजबूत करने का माध्यम है। यही हमारी वार्ड की सबसे बड़ी पहचान है।”


स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल गणेशोत्सव वार्ड-06 में एक पारिवारिक पर्व की तरह मनाया जाता है। इस बार भी बप्पा की विदाई ने सबको भावुक कर दिया, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि अगले बरस और अधिक धूमधाम और श्रद्धा के साथ बप्पा का स्वागत किया जाएगा।

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