गरियाबंद में विजयादशमी पर माँ दुर्गा को दी भावभीनी विदाई,
गरियाबंद में विजयादशमी पर माँ दुर्गा को दी भावभीनी विदाई,
छिंद तालाब में भक्तों ने नम आँखों से किया प्रतिमाओं का विसर्जन,
ढोल-नगाड़ों और जयकारों से गूंज उठा पूरा नगर, बरसते पानी में दिखा अद्भुत उत्साह
गरियाबंद
नवरात्रि की भक्ति और उत्साह के साथ माँ दुर्गा की सेवा-पूजा करने के बाद गुरुवार को विजयादशमी पर माँ की प्रतिमाओं का विसर्जन नगर के छिंद तालाब में किया गया। विदाई के समय श्रद्धालुओं की आँखें नम थीं, पर मन में यह विश्वास था कि माँ अगले साल पुनः विराजमान होकर आएंगी।
विसर्जन से पूर्व संतोषी मंदिर, डाक बंगला, शारदा चौक, बजरंग चौक सहित विभिन्न दुर्गा पंडालों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने माँ का आशीर्वाद लेकर एक-दूसरे को गुलाल लगाया और जयकारे के बीच माँ दुर्गा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सजाए गए वाहनों पर विराजमान रंग-बिरंगी प्रतिमाओं के साथ मंदिरों से झांकियां निकाली गईं। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जसगीत की धुन पर भक्त नाचते-गाते विसर्जन स्थल तक पहुंचे।
बरसते पानी ने भी भक्तों का जोश कम नहीं किया। महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे सभी ने भक्ति गीतों और जय माता दी के उद्घोषों के साथ माँ को विदाई दी। नगर की गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक धार्मिक वातावरण गूंजता रहा।
छिंद तालाब पर नगर पालिका प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी। क्रेन की मदद से प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। तालाब में साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल, नाव, रस्सी और तैराकों की व्यवस्था की गई थी। इस दौरान पालिका के अधिकारी-कर्मचारी पूरी तरह सक्रिय रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से थाना प्रभारी ओम प्रकाश यादव के नेतृत्व में पुलिस बल और ट्रैफिक टीम मुस्तैद रही। जगह-जगह पुलिस जवान तैनात रहे और पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया।
पूरे नवरात्रि में नगर का वातावरण भक्तिमय रहा। गांधी मैदान, यादव पारा, सुभाष चौक, शिक्षक नगर, सिविल लाइन, संतोषी मंदिर समेत विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और जसगीत हुए। वहीं गुजराती समाज और श्री सार्वजनिक नव दुर्गा उत्सव समिति द्वारा आयोजित गरबा महोत्सव ने लोगों को आकर्षित किया।






