गौठान में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और चारे की ब्यवस्था के साथ-साथ वृक्षारोपण भी किया जाए-कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन महिला स्व-सहायता समूह की भागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अभनपुर विकासखंड के ग्राम सुन्दरकेरा और नवागांव गौठान का किया निरीक्षण - fastnewsharpal.com
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गौठान में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और चारे की ब्यवस्था के साथ-साथ वृक्षारोपण भी किया जाए-कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन महिला स्व-सहायता समूह की भागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अभनपुर विकासखंड के ग्राम सुन्दरकेरा और नवागांव गौठान का किया निरीक्षण


रायपुर -शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा,घुरुवा और बाड़ी अंतर्गत आज कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन और सीईओ डॉ गौरव कुमार सिंह ने अभनपुर विकासखंड के ग्राम सुन्दरकेरा और नवागांव के गौठान का निरीक्षण किया।इसके पश्चात रोका-छेका के लिए आयोजित पंचायत की बैठक में ग्रामीणों और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने गौठान निरीक्षण के दौरान उपस्थित ग्रामीणों से चर्चा कर पशुओं के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली।उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शासन के निर्देशानुसार पशुओं का रोका-छेका किया जाना है।इसके लिए गांव के सभी पशुओं को गौठान में एकत्रित किया जाना है।बरसात के मौसम को ध्यान रखना जरूरी है,कि गौठान में दलदल की स्थिति निर्मित न हो।ग्रामीणों के सहयोग से  गौठान के लिए कार्य योजना बनाकर व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सकता है।गौठान को इस तरह ब्यवस्थित किया जाय,जिससे गौठान समिति स्वावलंबी हो सके।पशुओं के लिए गौठान में छायादार वृक्षो का रोपण किया जाए।फसलों को सुरक्षित रखने के लिए रोका-छेका हमारे गांवों की पुरानी व्यवस्था है। इसमें खुले में चरने वाले पशुओं पर रोक लगाकर फसलों की सुरक्षा की जा सकती है।उन्होंने कहा कि गांवों में 19 तारीख तक रोका-छेका की व्यवस्था पंचायत स्तर पर अनिवार्य रूप से की जानी है।धान की फसल को बचाने के लिए जरूरी है,जब अनाज के बीज अंकुरित होता है, तब उसकी देखभाल करने की बहुत आवश्यकता होती है। ऐसे समय में जब मवेशी खुला चरते हैं, तो भारी नुकसान होता है। रखवारी की समस्या होती है।इसके लिए मवेशियों का रोका-छेका की व्यवस्था करना जरूरी है। गरूवा के रोका-छेका की व्यवस्था हम जितनी जल्दी करेंगे फसल उतनी ही सुरक्षित रहेगा।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह ने कहा कि गौठान में बहुत सी गतिविधि संचालित किया जाना है।  इससे रोजगार के अवसर निर्मित होंगे, खाद भी बनेगी। आजीविका की अनेक प्रकार की व्यवस्था की जाएगी।  सबसे पहली जरूरत फसल को बचाने की है, इसके लिए रोका-छेका जरूरी है।इसके अतिरिक्त गौठान में आवश्यक सभी ब्यवस्थाए सुनिश्चित किया जाना है।ग्रामीण युवाओ एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को भी गौठान संचालन में सक्रिय भूमिका के लिए प्रेरित किया जाना है।इससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ गौठान समिति को आय का स्त्रोत मिल सकेगा।उन्होंने कहा कि गौठान में निर्मित किये जा रहे वर्मी खाद के उपयोग के लिए सभी को प्रेरित किया जाए।

 निरीक्षण के दौरान गांव के सरपंच,पंचगण, एसडीएम श्री सूरज साहू,अभनपुर जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री शीतल बंसल,संबंधित अधिकारी-कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन गौठान स्थल पर उपस्थित थे।
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