आंचलिक खबरें
*नूतन इस्पात की घटना पर त्वरित*
रविवार, 12 जुलाई 2020
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एक बहिन के आंसू क्या कहते हैं
*नूतन इस्पात की घटना पर त्वरित*
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।
मैं अब राखी किसको बांधू बतलादे उधोगपति।।
भाई ही तो मातपिता था थम गई जीवन की ये गति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
माता पिता न रहे तो भाई मात पिता सा पाला है।
किया पढ़ाई संग मजदूरी भाई ही तो पाला है।।
कौन है अब मेरा दुनिया मे बतलादे उधोगपति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
पांच हजार महिना ओर तूं दस लाख ही देता है।
क्या तूं मेरे प्यारे भाई को बतला जीवित कर देता है।।
बहिन की अँखियो में अश्रु की धार लगी उधोगपति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
सागर वर्मा भाई था मेरा,मुख्यमंत्रीजी सुन लीजे।
ग्राम जरोदा धरसीवां में रहता था ये सुन लीजै।।
नूतन है इस्पात फेक्ट्री छीन लील गई जीवन की गति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
सुरेन्द्र जैन
महासचिव
श्रमजीवी पत्रकार संघ
धरसीवां रायपुर छत्तीसगढ़
*नूतन इस्पात की घटना पर त्वरित*
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।
मैं अब राखी किसको बांधू बतलादे उधोगपति।।
भाई ही तो मातपिता था थम गई जीवन की ये गति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
माता पिता न रहे तो भाई मात पिता सा पाला है।
किया पढ़ाई संग मजदूरी भाई ही तो पाला है।।
कौन है अब मेरा दुनिया मे बतलादे उधोगपति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
पांच हजार महिना ओर तूं दस लाख ही देता है।
क्या तूं मेरे प्यारे भाई को बतला जीवित कर देता है।।
बहिन की अँखियो में अश्रु की धार लगी उधोगपति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
सागर वर्मा भाई था मेरा,मुख्यमंत्रीजी सुन लीजे।
ग्राम जरोदा धरसीवां में रहता था ये सुन लीजै।।
नूतन है इस्पात फेक्ट्री छीन लील गई जीवन की गति।
कीमत भाई की न जाने केंसे हैं उधोगपति।।
सुरेन्द्र जैन
महासचिव
श्रमजीवी पत्रकार संघ
धरसीवां रायपुर छत्तीसगढ़
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