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*शिक्षिका ने किया ऑनलाइन पढ़ाई में नवाचार*
रविवार, 26 जुलाई 2020
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शिक्षिका ने किया ऑनलाइन पढ़ाई में नवाचार
आरंग
वर्तमान में कोरोना संक्रमण कारण शालाएं खुल नहीं पाई है। ऐसे में बच्चों को शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किया गया है परंतु छोटे बच्चों को डिवाइस की कमी व अज्ञानता के चलते यह सुविधा मिलने में थोड़ी परेशानी या कठिनाई आ रही है। ऐसे समय में शासकीय नवीन प्राथमिक शाला रसनी के शिक्षकों ने एक नया तरीका निकाला उन्होंने गांव की पढ़ी-लिखी युवतियों को लेकर लगभग 8 ग्रुप का निर्माण किया। एक-एक ग्रुप में पांच से छह बच्चे शामिल होते हैं। इन्हें अलग-अलग जगहों पर स्कूल जैसा दूर-दूर बैठाकर मास्क एवं सेनेटाइजर लगाकर ऑनलाइन शिक्षा दी जाती है। यह विधियां अपने डिवाइस में ऑनलाइन क्लास जोड़ती हैं और क्लास के पश्चात भी 1 घंटे उनसे कक्षा कार्य कराती हैं। शिक्षिकाओं को अपने कार्य में लगे देखकर स्थानीय डॉ. उमेश साहू द्वारा बच्चों को मास्क उपलब्ध कराया गया। सप्ताह में एक बार जाकर इनका अवलोकन करते हैं और आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं। ज्ञातव्य हो कि यह सब होने के पूर्व भी यह बच्चियां स्कूल में अध्यापन कार्य सफलतापूर्वक करवा चुकी हैं। श्रमदान, विद्यादान के तहत और जब ऑनलाइन कक्षाएं शुरू नहीं हुई थी तब यह व्हाट्सएप के द्वारा भी पढ़ा रही थी। शिक्षिका श्रीमती शीला गुरु गोस्वामी एवं गिरीश गिलहरी लगातार वर्चुअल क्लास ऑनलाइन ले ही रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बहुत अच्छे तरीके से हो रही है ग्रामीण भी बहुत खुश हैं और लगभग 42 बच्चे रोज पढ़ रहे।
आरंग
वर्तमान में कोरोना संक्रमण कारण शालाएं खुल नहीं पाई है। ऐसे में बच्चों को शिक्षा के लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा किया गया है परंतु छोटे बच्चों को डिवाइस की कमी व अज्ञानता के चलते यह सुविधा मिलने में थोड़ी परेशानी या कठिनाई आ रही है। ऐसे समय में शासकीय नवीन प्राथमिक शाला रसनी के शिक्षकों ने एक नया तरीका निकाला उन्होंने गांव की पढ़ी-लिखी युवतियों को लेकर लगभग 8 ग्रुप का निर्माण किया। एक-एक ग्रुप में पांच से छह बच्चे शामिल होते हैं। इन्हें अलग-अलग जगहों पर स्कूल जैसा दूर-दूर बैठाकर मास्क एवं सेनेटाइजर लगाकर ऑनलाइन शिक्षा दी जाती है। यह विधियां अपने डिवाइस में ऑनलाइन क्लास जोड़ती हैं और क्लास के पश्चात भी 1 घंटे उनसे कक्षा कार्य कराती हैं। शिक्षिकाओं को अपने कार्य में लगे देखकर स्थानीय डॉ. उमेश साहू द्वारा बच्चों को मास्क उपलब्ध कराया गया। सप्ताह में एक बार जाकर इनका अवलोकन करते हैं और आवश्यक दिशा निर्देश देते हैं। ज्ञातव्य हो कि यह सब होने के पूर्व भी यह बच्चियां स्कूल में अध्यापन कार्य सफलतापूर्वक करवा चुकी हैं। श्रमदान, विद्यादान के तहत और जब ऑनलाइन कक्षाएं शुरू नहीं हुई थी तब यह व्हाट्सएप के द्वारा भी पढ़ा रही थी। शिक्षिका श्रीमती शीला गुरु गोस्वामी एवं गिरीश गिलहरी लगातार वर्चुअल क्लास ऑनलाइन ले ही रहे हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई बहुत अच्छे तरीके से हो रही है ग्रामीण भी बहुत खुश हैं और लगभग 42 बच्चे रोज पढ़ रहे।
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