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*गंगरेल से डिस्चार्ज बढ़ाने की मांग, जलाशयों से भी छोड़ा गया पानी-आरंग*
शनिवार, 1 अगस्त 2020
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गंगरेल से डिस्चार्ज बढ़ाने की मांग, जलाशयों से भी छोड़ा गया पानी
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बीते कुछ दिनों से अवर्षा की स्थिति के चलते किसानों की मांग पर केबिनेट की बैठक के बाद जल संसाधन मंत्री रवीन्द्र चाबे के घोषणा के चलते सिंचाई हेतु प्रदेश के बांधों का गेट खोल दिया गया है। इधर गंगरेल से छोड़े जा रहे पानी को वर्तमान हालात में अपर्याप्त ठहराते हुये जनप्रतिनिधियों ने डिस्चार्ज बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है वहीं जल संसाधन संभाग के अधीन आने वाले 8 जलाशयों व डायवर्सनो से भी किसानों की मांग पर सिंचाई पानी छोड़ना शुरू कर दिया गया है। ज्ञातव्य हो कि बीते कल से गंगरेल के कमांड एरिया में आने वाले ग्रामों के खेतों को सिंचाई पानी देने बांध का गेट खोल दिया गया है व 500 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किये जाने के साथ किसानों की मांग पर डिस्चार्ज बढ़ाने की बात विभागीय अधिकारियों ने कही थी। इधर अंतिम छोर के ग्रामों सहित माइनरों, वितरक शाखाओं व आउटलेटों के कमांड एरिया में आने वाले ग्रामो के खेतों तक पहुंचने में इस पानी को अपर्याप्त ठहराते हुये पंचायत व सिंचाई पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने पर्याप्त डिस्चार्ज बढ़ाने की मांग करने के साथ-साथ इस हेतु मांगपत्र भी भिजवाना शुरू कर दिया है। रायपुर जिला जल उपभोक्ता संस्था संघ के अध्यक्ष रहे भूपेन्द्र शर्मा सहित जिला पंचायत सदस्य अनिता थानसिह साहू व ललिता कृष्णा वर्मा ने गंगरेल से पर्याप्त डिस्चार्ज बढ़वा जल्द से जल्द अंतिम छोर के ग्रामो सहित माइनरों, वितरक शाखाओं व आउटलेटों के खेतों तक पानी पहुंचाने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है। वितरक शाखा क्रमांक 24 के अन्तर्गत आने वाले ग्राम टेकारी के सरपंच नंदकुमार यादव, कठिया के सरपंच रूपेन्द्र पप्पू वर्मा व अमेरी के सरपंच दाऊराम बंजारे ने मांगपत्र सौंप इस शाखा के अन्तर्गत आने वाले ग्राम टेकारी, कुंडा, कठिया, अमेरी, संकरी व सोनभट्ठा के लिये इस शाखा में पानी दिये जाने का आग्रह किया है। सिंचाई पंचायत के पूर्व अध्यक्ष थानसिह साहू, गोविंद चंद्राकर, चिंताराम वर्मा, हिरेश चंद्राकर, प्रहलाद चन्द्राकर, धनीराम साहू, मनमोहन गुप्ता, तुलाराम चंद्राकर, भारतेन्दु साहू व सन्तराम बघेल सहित खौली के सरपंच चमेली धनाजिक चंद्राकर, नारा के सरपंच हेमंत चंद्राकर व डिघारी के सरपंच लक्ष्मी राजू सारथी आदि ने भी डिस्चार्ज बढ़ाने की मांग की है। ज्ञातव्य हो कि गंगरेल में पानी का भराव आधे से कुछ अधिक करीबन 54 प्रतिशत है। इधर किसानों की मांग पर जल संसाधन संभाग के अधीन आने वाले कुरूद, कोसरंगी, गुमा, नवागांव, नरदहा जलाशय सहित पलौद व दोन्दे डायवर्सन व सिवनी टार से भी पानी छोड़ दिये जाने की जानकारी इस संभाग के अनुविभाग एक के अनुविभागीय अधिकारी दीपक देव ने दी है।
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