*आज का सुविचार* - fastnewsharpal.com
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*आज का सुविचार*

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..08-10-2020*..🎋


✍🏻लफ्ज़ ही तो हैं थोड़े खर्च कर लो, सबसे मीठे बोल बोलकर ऐसे भी एक दिन, खामोश तो हो ही जाना है।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *ओमशान्ति*🌷


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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

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 *क्रोध के समय*

   *थोडा रुक जायें.*

          *और*

   *गलती के समय*

   *थोडा झुक जायें.*

*दुनिया की सब समस्याये हल हो जायेगी.* ।                                                                                                       

🌹 *ओमशान्ति*🌹


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अनमोल वचन :


किस्मत में जितना लिखा होगा उतना तो मिलकर ही रहेगा.उसे कोई रोक नही सकता | भगवान तो सब पर अकारण रहम करते रहते हैं,कोई उन्हें मानें या न मानें तो भी। उसने हमें जीवन दिया और हर कदम पर संभाला।क्या यह सब काफी नहीं, प्रभु से प्यार करने के लिए ? भाव और प्यार से भगवान का सिमरन करेंगें तो मन खिला- खिला रहेगा ......


🙏 ओम् शान्ति 🙏


☸️आपका दिन शुभ हो ☸️


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👌 *बहुत ही सुन्दर मैसेज* 👌
💐🌸💮🌺🌹🌷🌻🌷🌲🌳💐💮🌹🌺
    👉 *जहाँ सूर्य की किरण हो* ..
     *वहीँ प्रकाश होता है*..
     *जहाँ भगवान के दर्शन हो*..
    *वहीँ भव पार होता है*..
    *जहाँ संतो की वाणी हो*...
    *वहीँ उद्धार होता है*...
                 *और*...
      *जहाँ प्रेम की भाषा हो*..
       *वहीँ परिवार होता है*... 

 🙏   *🌹नमस्कार🌹*   🙏
  🌷 *Good Morning*  🌷

❊ *परमात्मा और किसान - कहानी* ❊


⍟ एक बार एक किसान परमात्मा से बड़ा नाराज हो गया। कभी बाढ़ आ जाये, कभी सूखा पड़ जाए, कभी धूप बहुत तेज हो जाए तो कभी ओले पड़ जाये! हर बार कुछ ना कुछ कारण से उसकी फसल थोड़ी ख़राब हो जाये! 


⍟ एक दिन बड़ा तंग आ कर उसने परमात्मा से कहा ,देखिये प्रभु,आप परमात्मा हैं, लेकिन लगता है आपको खेती बाड़ी की ज्यादा जानकारी नहीं है, एक प्रार्थना है कि एक साल मुझे मौका दीजिये, जैसा मै चाहू वैसा मौसम हो, फिर आप देखना मै कैसे अन्न के भण्डार भर दूंगा! परमात्मा मुस्कुराये और कहा ठीक है, जैसा तुम कहोगे वैसा ही मौसम दूंगा, मै दखल नहीं करूँगा!


⍟ किसान ने गेहूं की फ़सल बोई, जब धूप चाही, तब धूप  मिली, जब पानी तब पानी। तेज धूप, ओले,बाढ़, आंधी तो उसने आने ही नहीं दी, समय के साथ फसल बढ़ी और किसान की ख़ुशी भी, क्योंकि ऐसी फसल तो आज तक नहीं हुई थी। किसान ने मन ही मन सोचा अब पता चलेगा परमात्मा को, की फ़सल कैसे करते हैं, बेकार ही इतने बरस हम किसानो को परेशान करते रहे।


⍟ फ़सल काटने का समय भी आया, किसान बड़े गर्व से फ़सल काटने गया, लेकिन जैसे ही फसल काटने लगा, एकदम से छाती पर हाथ रख कर बैठ गया!  गेहूं की एक भी बाली के अन्दर गेहूं नहीं था, सारी बालियाँ अन्दर से खाली थी, बड़ा दुखी होकर उसने परमात्मा से कहा, प्रभु ये  क्या हुआ?


⍟ तब परमात्मा बोले, “ये तो होना ही था, तुमने पौधों को संघर्ष का ज़रा सा भी मौका नहीं दिया। ना तेज धूप में उनको तपने दिया, ना आंधी ओलों से जूझने दिया, उनको किसी प्रकार की चुनौती का अहसास जरा भी नहीं होने दिया, इसीलिए सब पौधे खोखले रह गए, जब आंधी आती है, तेज बारिश होती है ओले गिरते हैं तब पोधा अपने बल से ही खड़ा रहता है, वो अपना अस्तित्व बचाने का संघर्ष करता है और इस संघर्ष से जो बल पैदा होता है वोही उसे शक्ति देता है, उर्जा देता है, उसकी जीवटता को उभारता है। सोने को भी कुंदन बनने के लिए आग में तपने, हथौड़ी से पिटने, गलने जैसी चुनोतियो से गुजरना पड़ता है तभी उसकी स्वर्णिम आभा उभरती है, उसे अनमोल बनाती है!”


⍟ उसी तरह जिंदगी में भी अगर संघर्ष ना हो, चुनौती ना हो तो आदमी खोखला ही रह जाता है, उसके अन्दर कोई गुण नहीं आ पाता! ये चुनोतियाँ  ही हैं जो आदमी रूपी तलवार को धार देती हैं, उसे सशक्त और प्रखर बनाती हैं, अगर प्रतिभाशाली बनना है तो चुनोतियाँ तो स्वीकार करनी ही पड़ेंगी, अन्यथा हम खोखले ही रह जायेंगे। अगर जिंदगी में प्रखर बनना है, प्रतिभाशाली बनना है, तो संघर्ष और चुनोतियो का सामना तो करना ही पड़ेगा।



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