गौमाता का पूजन कर मनाया गोपाष्टमी पर्व
गौमाता का पूजन कर मनाया गोपाष्टमी पर्व
गोबरा नवापारा नगर
तैतीस करोड़ देवी-देवता जिसमें निवास करते हैं ऐसी परम पावनी गौ माता, हम सब की अपने बच्चों की तरह से ही रक्षा करे, पालन-पोषण करे, उक्त उद्गार गोपाष्टमी के पर्व पर समिति के अध्यक्ष गिरधारीलाल अग्रवाल ने व्यक्त किये, कोविड महामारी के चलते श्री गोपाल गौशाला में यह पर्व सामान्य परम्परागत ढंग से मनाया गया, वटवृक्ष की छाया में विराजमान श्रीहनुमान जी महाराज के समक्ष, उनके सानिध्य में पूजन प्रभारी पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने गौमाता का पूजन किया व सत्यनारायण भगवान की मंगलमयी कथा सुनाई, आरती उतारी, मुख्य यजमान उगमराज कोठारी ने गौशाला मे काम करने वाले यादव सेवको को वस्त्र उपहार भेंट में दिए, विभिन्न यादव मंडलियों द्वारा गौठान का पूजन कर गऊओं को सोहाली बाँधकर खिचड़ी खिलाई गई, गौ पूजन के लिए नगर वासी देर शाम तक आते रहे, उनको प्रसाद वितरण मुंशी सुन्दर सिंह ठाकुर ने किया, राजू काबरा, चन्दू कंसारी, रूपेन्द्र चन्द्राकर, नन्दकिशोर राठी,संतोष माखीजा आदि लोग व्यवस्था में लगे रहे, इस अवसर पर ओमप्रकाश सारडा, अजय अग्रवाल, पुरूषोत्तम लालवानी, मोहित धामेजानी,रत्तीराम साहू, मेघनाथ साहू,भूपेन्द्र सोनी, वेदप्रकाश तिवारी, चतुर जगत, डॉक्टर वर्मा, छन्नू, श्याम लाल, मंगलू रज्जू, ईश्वरी यादव,बल्ला, गुड्डू, तोरण, चैन यादव सहित अनेक लोग उपस्थित थे, वाय एस. एस. ग्रुप ने भी गायों को हरी शाकभाजी खिलाई।
पंडित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने गोपाष्टमी पर्व की महिमा का बखान करते हुए कहा कि आज ही के दिन से श्री कृष्ण भगवान ने गौचारण लीला प्रारम्भ की थी, अपने साथी गोपग्वालों के साथ वन में गऊओं को चराते हुए उन्होंने अनेक लीलाए की थी, जिनका स्मरण करते ही मन पुलकित हो उठता है, शरीर में रोमांच भर आता है।
