जन सहयोग से लगवाए गए ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से पड़े हैं बंद,अपराधियो की राह हुई आसान
जन सहयोग से लगवाए गए ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से पड़े हैं बंद,अपराधियो की राह हुई आसान
धमतरी शहर में जन सहयोग से लगवाए गए ज्यादातर सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं... क्योंकि पुलिस विभाग के पास फंड नही है... इस तीसरी आंख के बंद हो जाने से अपराधीयों की राह जहां आसान हुई है.. वहीं पुलिस की मुश्किले बढ़ गई है... लेकिन जरूरत है कि फौरन शहर के सभी सीसीटीवी नेटवर्क को चालू किया जाए... पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारी गंभीरता दिखाएं तो ये समस्या चुटकी बजाते हल हो सकती है...हाल ही में 24 घण्टे पहले एक 2.50 लाख रूपये की उठाई गिरी हुई थी उसके बाद भी धमतरी पुलिस मुस्तैद नही है...
धमतरी शहर में लगातार बढ़ते चोरी.. चैन स्नैचिंग.. उठाईगिरी... जैसे अपराधो को देखते हुए.. लगभग दो ढाई साल पहले..... पुलिस ने सभी रास्तों पर.. चौराहो पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का विचार किया.. लेकिन इसके लिये पुलिस के पास कोई फंड नहीं था... तब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक.. ने शहर के व्यापारीयो से सहयोग की अपील की थी.. इस अपील का असर ये हुआ कि... व्यापारीयों ने अपने प्रतिष्ठानो के बाहर तो सीसीटीवी कैमरे लगवाए ही.. शहर के तमा चौराहो और मुख्य रास्तो पर भी... 24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी होने लगी.... इसके कुछ समय तक सड़क हादसो.... यातायात नियंत्रण.. और दिगर अपराधो पर कार्रवाई और सबूत ढूंढने मे ये.. कैंमरे कानून के सबसे कारगर मददगार बन गए.. लेकिन मशीनी चीजें.. मेंटेनेंस भी मांगती है.... जिले के एसपी बदले.. तो हालात भी बदल गए.. एक एक कर के.. कैमरे बंद होते चले गए. तो शहर के दूसरे हिस्सो की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.... पुलिस को बहुत अच्छे से पता है कि... ये कैमरे फौरन सुधरवाना जरूरी है. लेकिन गरीबी आड़े आ रही है... पुलिस के पास फंड नहीं है.... पुलिस विभाग के छोटे कर्मीयो ने अपने अफसरो से कैमरो पर ध्यान देने की गुहार भी लगाई लेकिन.. बड़े अफसर शायद इसे जरूरी नहीं समझते... लेकिन शहरवासी मानते है कि.. आज के दौर में सीसीटीवी कितने अहम है...
धमतरी जिला प्रशासन अपने किसी मद से पुलिस को फंड दे सकता है.... धमतरी एसपी अपने डिपार्टमेंट से आर्थिक मदद ले सकता है... अगर वो भी न मिले तो धमतरी के व्यापारी एक बार फिर आर्थिक मदद कर सकते है... लेकिन पहल तो पुलिस को ही करनी पड़ेगी.. जो नहीं हो रही है....
