*मांगे पुरे होते ही कामगारों के खिल उठे चेहरे, शिवसेना पदाधिकारियों का जताया आभार*
*तिल्दा नेवरा के छपोरा प्लांट में तीन दिनों से चल रहे हड़ताल हुआ समाप्त सभी मांगे हुई पुरी*
*मांगे पुरे होते ही कामगारों के खिल उठे चेहरे, शिवसेना पदाधिकारियों का जताया आभार*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
तिल्दा नेवरा तहसील अंतर्गत ग्राम छपोरा स्थित प्रेसिव इंफ्रा प्रोजेक्ट जिसमें मजदूरों का तीन दिनों से हड़ताल कर वाजिब मांगों के लिए संघर्ष किया जा रहा था। जिसको बलौदा बाजार जिला व विधानसभा के शिवसेना पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल में कड़ाके की ठंड को झेलते हुए वाजिब मांगो पर अड़े रहे कई समस्याओं जिसमें प्रसाशन व असमाजिक तत्वों के द्वारा आंदोलन को अलग मोड़ कर कुचलने का प्रयास भी किया गया एवं कुछ मिडिया के द्वारा ग़लत व भ्रामक समाचार भी दिखाया गया जिसके बाद कई मिडिया वालो ने शिवसेना के सच्ची लड़ाई को देखकर सच आम जनता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाया जिसके बाद तीसरे दिन प्रसाशन जागा और जिला कलेक्टर ने श्रम विभाग के अधिकारियों को आदेशित कर श्रम कमिश्नर व सिनियर इंस्पेक्टर श्रम विभाग एवं नायाब तहसीलदार, पुलिस अधिकारीयों को आंदोलन स्थल में भेजा जिनके द्वारा पारदर्शिता दिखाते हुए मज़दूरों के समक्ष उनके समस्याओं को सुना जिसे मजदुरो के तरफ से शिवसेना जिला अध्यक्ष संतोष यदु ने मांग किया। जिसके बाद अधिकारीयों ने संयंत्र के अंदर जाकर जांच किया और जिसमें अनियमितताएं पाई गई जिनको दुर करने श्रम अधिकारियों ने कंपनी को लिखित आदेशित करते हुए श्रम नियम का पालन करते हुए सभी मांगों को प्रबंधन से पुरा करने लिखित में दिया गया जिसके बाद हड़ताल समाप्त करने की घोषणा की गई।मांगे पुरी होने से मजदुरो के चेहरे खिल उठे एवं सभी ने शिवसेना व पदाधिकारीयों को दिल से धन्यवाद देते हुए गुलाल व फुलमालाओ से सभी पदाधिकारियों का स्वागत किया।
जिसमें प्रमुख रूप से जिला महासचिव मनहरण साहु, भीखम यदु,जिला सचिव ओमकार वर्मा, मुकेश साहू, ईश्वर प्रसाद निषाद, उपाध्यक्ष शिवचंद्र निर्मलकर, राजेश घृतलहरे, ब्लाक अध्यक्ष रोहित देवांगन, जीके सिंह, खिलेंद्र सेन, भुपेंद्र मानिकपुरी, सचिव कामता निर्मलकर, उपाध्यक्ष रवि यदु, शिवा निषाद, विशाल माही, महिला सेना में गंगोत्री साहु, निशा घृतलहरे, ग्राम अध्यक्ष रामेश्वर जांगड़े, आत्माराम नेताम, लेखपाल देवांगन, डागेश्वर वर्मा, रामशाय चतुर्वेदी, सुनील, दुर्गेश, पुरुषोत्तम साहु, भुवनेश्वर बांधे ग्रामिण जन एवं कामगारो का विषेश सहयोग रहा।
