सफल ब्यूटिशियन बन कर शबाना बनी युवाओं की प्रेरणाश्रोत
सफल ब्यूटिशियन बन कर शबाना बनी युवाओं की प्रेरणाश्रोत
रायपुर
महिलाएं अपने सुंदर लुक के प्रति सजग नजर आती हैं। खूबसूरत बनने की उनकी ललक को अंजाम दे रहे हैं ब्यूटी पार्लर। जब सभी खूबसूरत नजर आना चाहते हैं तो निश्चित तौर पर ब्यूटी पार्लर और ब्यूटीशियन्स का काम भी बड़े पैमाने पर होगा ही। बस यही एक सोच से शुरू हुई एक ब्यूटीशियन की कहानी जिनका नाम है शबाना परवीन।
यह सफलता की कहानी एक ऐसी ही ब्यूटीशियन की हैं जिन्होंने न केवल खुद को बल्कि कई लोगों को आत्मनिर्भर बनाया है। शास्त्री मार्केट रायपुर की शबाना परवीन ने स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई की हैं। अपने पैरांे पर खड़े होने की चाह और कुछ कर गुजरने का जूनून उनको ब्यूटीशियन्स की ओर आकर्षित किया।
शबाना के ब्यूटिशियन बनने का राह आसान नहीं था, उन्हें बहुत सारी समस्याएं, अड़चनें एवं दिक्कतें आयीं। उन्होंने दिक्कतों को नजर अंदाज करते हुये, जी तोड़ मेहनत की और कुछ सालों के अथक प्रयासों से ब्यूटीशियन बन गयी। लेकिन स्वयं को सिद्ध करने के लिए उसे एक पार्लर की जरूरत थी, जिसके लिए उनकेे पास पूंजी की कमी थी।
शबाना ने बताया कि शासकीय योजना की जानकारी मिलते ही उसने जिला एवं उद्योग केन्द्र, रायपुर पहंुचकर ऋण हेतु आवेदन किया। प्रथम बार में ऋण आवेदन बैंक से रिजेक्ट होने के बाद उन्होंने हिम्मत न हारते हुये उद्योग विभाग के अधिकारी श्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी से मुलाकत कर पूरी योजना को अच्छी तरह से समझकर सभी दस्तावेजों सहित पी.एम.ई.जी.पी योजना के तहत फिर से ऋण के लिए आवेदन किया।
भारतीय स्टेट बैंक से उन्हें 6 लाख 90 हजार रूपये ऋण स्वीकृत किया गया, जिसमें 4 लाख 90 हजार टर्म लोन एवं 2 लाख कैश क्रेडिट लिमिट के रूप में स्वीकृत किया गया। इसके बाद उन्होंने नाईस एण्ड नेचुरल ब्यूटी सेलून एवं एकेडमी के नाम से ब्यूटी पार्लर और टेªनिंग सेंटर शास्त्री मार्केट में प्रांरभ किया।
एक ब्यूटीशियन का काम यूॅ तो ग्राहकों के हिसाब से उनके चेहरे को खूबसूरत लुक देना होता हैं, लेकिन चेहरे को खूबसूरत बनाने के पीछे जो प्रक्रियाएं, यानी काम किए जाते हैं, उन्हें अनेक नाम दिए गए हैं। इन कामों में खासतौर पर थ्रेडिंग, ब्लीच, अनेक तरह के फेशियल, फेस पैक, हेड मसाज, बॉडी मसाज, हेयर स्टाइल, कलर व कटिंग आदि रोलर सेटिंग, आई ब्रो, शैम्पू, मेंहदी, अनेक तरह के मेकअप, नेल केयर और इसी तरह के काम किए जाते हैं। जिनके लिए पार्लर में एक काफी रकम व्यय को जाती हैं। यह रकम कई बार मध्यवर्गीय महिलाआंे के लिए उनके बजट से उपर ही होती हैं। इसको देखते हुए, शबाना ने एक ऐसी स्कीम लाई जिसमें एक मेम्बरशिप कार्ड एक मामूली सी फीस के तहत ग्राहकों को दिया जाता और जिसके एवज में कार्ड धारक पूरे वर्ष भर 5 बार कोई भी सुविधा का लाभ ले सकता था। इस तरह महिलाओं को उनके बजट के हिसाब से वे सारी सुविधाएं उपलब्ध हो पाई और कम वक्त में शबाना ने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई।
शबाना ने स्वयं आत्मनिर्भर बनते हुए कई और लोगों को रोजगार मुहैया कराया। दूरदृष्टि, कार्य कुशलता और कड़ी परिश्रम से जो आपने आप को समाज में स्थापित करना चाहते हैं, उनके लिए शबाना परवीन उद्यमी एवं प्रेरणा स्त्रोत हैं। शबाना कहती है यदि आप में हुनर है तो कहीं भी रहकर एक निश्चित आय अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने शासकीय योजनाओं से मिले लाभ के लिए उद्योग विभाग एवं बैंक को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।

