अकाल मृत्यु को रोकने में सक्षम है दुआएं । दुआओं में सभी रोगों, समस्याओं को खत्म करने की शक्ति है--ब्रह्मा कुमार नारायण भाई
अकाल मृत्यु को रोकने में सक्षम है दुआएं । दुआओं में सभी रोगों, समस्याओं को खत्म करने की शक्ति है--ब्रह्मा कुमार नारायण भाई
अलीराजपुर 15 दिसंबर
मानव के पूर्व जन्म में किए गए पाप कर्मों की वर्तमान जीवन में काली छाया दुख ,दर्द, चिता ,तनाव डिप्रेशन व कई मानसिक रोग पैदा कर रहे हैं जिससे वर्तमान जीवन की सुख शांति खत्म होती जा रही है। अब अगर वापिस जीवन को पुनः सही मार्ग पर लाना है तो सबसे सहज कार्य है दुआएं दो दुवाएं लो। यह दुआएं आपके सिर पर मंडरा रही काली छाया को खत्म कर देगी वापिस जीवन में बहार ला देगी ।आप यदि कुछ नहीं कर सकते तो एक कार्य करे सारे दिन मे दूआए दे...
अभी क्या है हम जिसको देखते है उसके लिए अनेक संकल्प चलाते है। जैसे कोई काला है खराब है दुख देता है बार बार गलती करता है परेशान करता है उसको देख कर ऐसे ही सारे दिन अनेक तरह के जैसे लोग वैसे ही उनके लिए संकल्प। जैसे रंग रूप पद postion बड़ा छोटा इसका बहुत बड़ा विस्तार है। तो हमे मालूम नही चलता क्या क्या विचार हम सारा दिन चलाते है। यह विचार इंदौर से पधारे जीवन जीने की कला के प्रणेता ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने महात्मा गांधी मार्ग पर स्तिथ ब्रह्मा कुमारी सभागृह में दुआओं द्वारा रोगो व समस्याओं का निदान विषय पर नगरवासियों को संबोधित करते हुए बताया। दुआओं का कार्य बड़ा चमत्कारी होता है। जिसे हम में भी कोई कोई विरले आत्माए ही समझ पाती है। दुआए सूक्ष्म अदृश्य ऊर्जा के रूप में आत्मा तक पहुचती है फिर वह स्थूल वस्तुओं में कनवर्ट हो जाती है अर्थात वह ऊर्जा उस आत्मा तक प्रकृती की सहायता से स्थूल रीती से सहयोग, आरोग्य, धन इत्त्यादी खिंचकर ले आती है। दुआ से प्राप्त ऊर्जा आत्मा तक आरोग्य खिंचकर ले आती है।दुआ की ऊर्जा अच्छे ग्राहकों को हमारे दूकान ( ऑफिस ) तक खिंचकर ले आती है। दुआ से प्राप्त ऊर्जा अपघाती मृत्यु होने से आत्मा की सुरक्षा करती है। दुआ की ऊर्जा अच्छा संग दिलाती है। दुआ की ऊर्जा आपातकाल में हमतक स्थूल सहयोग खिंचकर ले आती है।दुआ से प्राप्त ऊर्जा अपघात होने के एक क्षण पहले हमारी गाडी को रोक देती है। इन सबके विरुद्ध मनुष्य आत्मा बद्दुआ के रूप में जो नकारात्मक ऊर्जा कमाती है वो ऊर्जा उस आत्मा तक प्रकृती की सहायता से मुसीबत वाली परिस्थितिया, बिमारिया, दरिद्रता, अपघाती मृत्यु, दुखदायी परीवार, नुकसान इत्त्यादी बाते खिंचकर ले आती है। दूआए देने कैसे है। आप कही भी है कुछ भी देख रहे है। देखते ही परमात्मा से दुआ करना। जो कि ज्ञान, गुण शक्तियों का दाता है। उनके लिए संकल्प करना इसे सूख मिले शांति मिले। इस आत्मा को सदबुद्धि दे। ऐसे आप सिर्फ एक दिन करके देखें। तो आप खुद पायेगे कैसे मैं कितना हलका ओर खुशी से भरपूर हू। इसलिए परमात्मा शिव हम बच्चों से सदैव कहते है बच्चे सबसे दुआ लो और सबको दुआ दो।

