एक ऐसा शख्स जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित किया , पिछले 27 वर्षो से अनवरत जारी है दुखियो के सेवा का सिलसिला
एक ऐसा शख्स जिन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा को समर्पित किया , पिछले 27 वर्षो से अनवरत जारी है दुखियो के सेवा का सिलसिला
सुरेन्द्र जैन/धरसींवा
एक एैसा सख्स जिसने मानव सेवा को समर्पित किया अपना जीवन , कहीं बेटियो की मुस्कान बने तो कहीं गरीबो के लिए मसीहा साबित हुए तो कहीं शिक्षा के ज्ञान के प्रकाश तक पहुंचाया बच्चो को । सेवा भावना की कहानीयो से सजा जिनका इतिहास और वर्तमान ये इंसान जिसका नाम है टिकेंद्र उपाध्याय जिन्होने अपनी शिक्षा उपरांत अपना जीवन पुरी तरह से जनसेवा मे लगा दिया। टिकेंद्र उपाध्याय जिनके पिता स्व. दाउ प्रसाद उपाध्याय थे जिन्होने 18 मार्च1965 को जन्म लिया था , ग्राम सांकरा के निवासी है । 28 वर्ष के छोटे से उमर मे लोगो की पीड़ा और दुख देखकर समाजसेवा करने की ठानी। सन 1993 से वर्तमान मे लगभग 27 वर्षो से जनकल्याण का कार्य करते आ रहे है। टिकेंद्र उपाध्याय का नाम पद्म श्री अवार्ड के लिए अनुशंसा किया जा चुका है। सन् 1993 मे टिकेंद्र उपाध्याय ने अपनी संस्था सेवा सुगंधम की स्थापना कि जिसके माध्यम से लगातार उनका जीवन जनभावना की सेवा से ओतप्रोत रहा ।
*टिकेंद्र उपाध्याय के जनसेवा कार्य का उल्लेख*
उनके कार्यो का उल्लेख करे तो अब तक इन्होने हिंदु-मुस्लिम , अनुसूचित जनजाती एवं पिछड़ा वर्ग जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठिक नही थी जिनके घर पर बेटिया विवाह योग्य होती थी और उनके विवाह के लिए उनके पिता चिंतिंत रहते थे , उनकी चिंता को दुर करते हुए उनको किसी भी प्रकार का कर्ज मे न डुबने देते हुए टिकेंद्र उपाध्याय आगे आए और इनकी सहायता करते हुए बेटियो का विवाह सम्पन्न करवाया और कन्यादान करने का पुण्य कमाया और एक या दो नही अब तक टिकेंद्र उपाध्याय ने 12 निर्धन कन्याओ का विवाह पुरे रीति रिवाज के साथ संपन्न कराया उसमे कई विकलांक वर-वधु का विवाह भी संपन्न हुआ । ग्राम के ऐसे 3 गरीब बेटीयॉ जो सिलाई में निपुर्ण थी जिसे सिलाई मशीन देकर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए सहयोग प्रदान किया । तक अब तक तीन दिव्यांग भाई बहनों को ट्राईसाईकिल प्रदान किया ।2013 मे आरूषि दुबे जो पैसो की तंगी के चलते उच्च शिक्षा पाने मे असमर्थ हो रही थी जिसके लिए टिकेंद्र उपाध्याय आगे बढ़े और 28000 रूपए की राशि शिक्षा हेतु प्रदान कर उसकी आर्थिक मदद की । वैसे ही टिकेंद्र उपाध्याय ने सफाई कर्मी जिन्हे समाज हिन भावना से देखता है उनके सम्मान को बढ़ाते हुए निर्मलेंद्र सम्मान से बलौदाबाजार के सफाई कर्मीयो को सम्मान किया। वही कोरोना काल मे शहर में तैनात सुरछाकर्मियो के साथ साथ जरूरतमंद लोगो तक खाने के लिए भोजन , फल , मास्क , वितरण करने में अहम भूमिका निभाई । कोरोनाकाल संकट से लड़ने वाले पुलिस , मितानिनो , डाक्टरो , स्वास्थयकर्मीयो , जनप्रतिनिधीयो ,सफाईकर्मीयो , पत्रकारो का आभार-पुष्प सम्मान पत्र से लगभग अभी तक 1500 से उपर सुहेला,बलौदाबाजार,भाटापारा,सांकरा,चरौदा,धरसींवा, हतबन्द , रावन ,रायपुर मे जाकर सम्मान किया। गरीब बच्चो को शिक्षा के लिए पाठन सामग्री की निः शुल्क व्यवस्था कर सहयोग किया। शिक्षको के द्वारा उत्कृष्ण शिक्षक कार्य किऐ जाने पर 10 ग्रामो के माध्यमिक एवं उच्चतर एवं प्राथमिक विद्यालयो के शिक्षको का विद्यापासक सम्मान से प्रोत्साहित किया। 50 से उपर गांवो मे योग शिविर का आयोजन , ट्रायसिकल वितरण , औद्योगिक क्षेत्रो मे बढ़ रहे प्रदुषण के खिलाफ आंदोलन,स्वाइन-फ्लु से बचने 10 हजार लोगो को आयुर्वेदिक औषधी वितरण , 40 व्यक्तियो का नेत्र प्रत्यारोपण , 5 वर्षो मे शिविरो के माध्यम से नेत्र आपरेशन,चश्मा का लाभ 4500 से उपर लोगो को लाभ मिला । 10 गांवो के 17 स्कुलो मे 10 हजार से उपर वृक्षारोपण। इसी तरह एैसे कई अनगिनत कार्य है जो पर्यावरण , सामाजिक , पशुसेवा , मानवसेवा के जनकल्याण कारी कार्य टिकेंद्र उपाध्याय ने अपने जीवन के 27 वर्षो मे किया है ।
*उपलब्धियाॅ एवं सम्मान*
दिल्ली दुरदर्षन द्वारा एक मुलाकात कार्यक्रम के प्रसारण मे समाज सेवी के रूप मे आमंत्रित हुए , संयुक्त सचिव आर्यावर्त सेवा संस्थान रायपुर द्वारा सम्मानित हुए , पतंजति योग समिति एवं सिद्धपीठ महामाया मंदिर ग्राम सांकरा ने सम्मानित किया । स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पद्मश्री डाॅ महादेव प्रसाद पांडे द्वारा पद्मश्री सम्मान के लिए अनुशंसा,विधायक देव जी भाई पटेल के द्वारा सम्मान,जेसीआई रायपुर द्वारा सर्वश्रेष्ठ युवा समाजसेवी सम्मान,तिल्दा प्रेसक्लब द्वारा सम्मान,जीके टीएमटी द्वारा सर्वश्रेष्ठ समाजसेवा का सम्मान,निकेा ग्रुप द्वारा सम्मान,छत्तीसगढ मनवा कुर्मी समाज द्वारा सम्मान ऐसे कई सम्मान एवं उपलब्धियां अपने नाम टिकेंद्र उपाध्याय ने अपने एवं सेवासुगंधम समिति के नाम की । वही समाचार पत्रो ने लगातार इनके सेवाभाव के कार्यो को सम्मान देते हुए इनके आर्टिकलो को छापा और लोगो तक पहुचा कर प्रेरणा देने को कार्य किया । लोग टिकेंद्र उपाध्याय के सेवा कार्यो से प्रभावित होकर हमेशा मदद के लिए हाथ बढ़ाते रहे और जनभावना के कल्याण कारी कार्यो को निभाते रहे है ।
