*मगरलोड क्षेत्र के पुलिस अपने में मस्त,आखिर कहां करे शिकायत*...
*असमाजिक तत्वों के आगे जनता पस्त*
*मगरलोड क्षेत्र के पुलिस अपने में मस्त,आखिर कहां करे शिकायत*...
असमाजिक तत्वों के आगे जनता पस्त,मगरलोड क्षेत्र के पुलिस अपने में मस्त,आखिर कहां करे शिकायत...
राजेंद्र साहू/ मगरलोड
छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन को दो साल पूरे हो गए है। 15 साल के सूखे के बाद सूबे में एक बड़े जनसमर्थन के साथ कांग्रेस पार्टी राज्य की कमान संभाली है।लेकिन आज भी पूर्ववर्ती सरकार की तरह क्षेत्र में अफसर शाही कायम है। ये बात भले आपको हवा हवाई लगें, लेकिन यही जमीनी हकीकत है। धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड में पुलिस अधिकारियों के दफ्तर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। क्षेत्र में कुछ समय से जमे पुलिस अधिकारी अपने अलग रंगत में नजर आते है।फरियादी व शिकायतकर्ताओं के साथ अधिकारी ऐसे पेश आते है, जैसे शिकायत कर्ता खुद कोई बड़ा अपराध किया हो।
शिकायत पर कोई कार्रवाई करने के बजाय बड़े नेताओं के संरक्षण में अपना धौंस दिखाते है। वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के पुलिस अधिकारी अपने ड्यूटी निभाने के बजाय सत्ताधारी सफेद पोश नेताओं की खातिरदारियों में लगे हुए है।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कुछ पुलिस अधिकारी वनांचल क्षेत्र के गाँवों राजाडेरा,मंडेली, बकोरी के जलाशय एवं जंगलो में सत्ताधारी चंद जनप्रतिनिधियों के साथ जाम छलका रहे है।
चंद अधिकारियों के कारण थाना से उठ रहा है जनता का भरोसा
क्षेत्र में पदस्थ पुलिस के रवैये से अब जनता का भरोसा उठ चुका है। रईसजादों के खिलाफ यदि कोई शिकायत अधिकारियों के दफ्तर पहुँचता है तो साठ-गांठ और मिली भगत के चलते कोई कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे में समाज की सुरक्षा करने वाले प्राशासनिक अधिकारियों से विश्वास उठता जा रहा है।
आम जनता कहा करे शिकायत?
सत्ता और अधिकारियों के संरक्षण में आसामाजिक तत्वों का अड्डा बना मगरलोड ,क्षेत्र की जनता अब न्याय की गुहार लगाने कहा जाए। ये अपने आप मे एक बड़ा सवाल बना हुआ है। आसामाजिक तत्वों के लोगों के हौसलें के आगे अब गरीब और पीड़ितों की आँसू पोछने वाला कोई नहीं है।
