*वीडियो--क्या गांव व गरीबों के जानमाल से बढ़कर हैं उद्योग*
*मौत के मुहाने पर टाडा सिलतरा मांढर*
*क्या गांव व गरीबों के जानमाल से बढ़कर हैं उद्योग*
*गांव से सटकर खतरनाक आयल,भंडारण को लेकर उठ रहे सवाल*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
कल देर शाम टाडा गांव में स्थित ग्रीन पेट्रो फ्यूल नामक फेक्ट्री में आयल टैंकरों में आग लगने व ब्लास्टिंग से पूरा गांव सहम उठा खतरे को देखते हुए तीन वार्डों के रहवासियों को अन्यत्र व्यवस्था की गई लेकिन रातभर कोई ग्रामीण चैन की नींद नही सो सका अब सवाल यह उठता इतने खतरनाक आयल प्लांट के लिए गांव से लगकर आख़िर अनुमति केंसे मिली क्या गांव व ग्रामीणो की जानमाल से बढ़कर खतरनाक आयल प्लांट हो गए है ।
*सरपंच ने कहा रिहायशी इलाकों से दस किलो मीटर दूर हों ऐंसे प्लांट*
इस बड़ी घटना के बाद ग्राम पंचायत टांडा की सरपंच श्रीमति रुक्मणि शिवहरे ने कहा कि ऐंसे खतरनाक प्लांट जिनसे ग्रामीणो की जानमाल को खतरा रहता है वह रिहायशी इलाकों से कम से कम दस किलो मीटर दूर रहना चाहिए उन्होंने कहा कि प्लांट लगाते समय तो उधोगपति पूरी सुरक्षा की बात कहते है लेकिन वास्तविकता में करते नही है जिससे ऐंसी घटनाएं होती हैं ऐंसे खतरनाक प्लांट गांव से दूर हों इसके लिए वह जिला प्रशासन से मांग करेंगी ।
*मौत के मुहाने पर करीब आधा दर्जन गांव*
टांडा सहित आसपास के करीब आधा दर्जन गांव ऐंसे है जो मौत के मुहाने पर हैं सिलतरा मांढर टांडा अकोली के बीचों बीच गैस प्लांट भी मौजूद है और ओर आसपास बड़ी संख्या में केमिकल टायर से आयल बनाने वाली फैक्ट्रियां एवं स्पंज आयरन प्लांट हैं जिनमे ज्वलनशील गैस का भंडारण होता है जो कभी भी इन गांवों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।
*फायर कर्मी झुलसे*
आयल टैंकरों में ब्लॉस्टिंग के साथ लगी भीषण आग को बुझाने सर्वप्रथम रायपुर एलायस शारडा एनर्जी नामक फेक्ट्री की दमकल गाड़ी पहुची ओर दमकल कर्मी आग बुझाने लगे इसी दौरान एक ओर टैंक ब्लॉस्ट हुआ जिसमें तीन फायर कर्मी बुरी तरह झुलस गए उन्हके तत्काल रायपुर के किसी निजी अस्पताल में उपचारार्थ भेजा गया।
*इस्पात गोदावरी के गार्डों ने रोका पत्रकारों को*
घटना के दूसरे दिन श्रमजीवी पत्रकार संघ की प्रदेश सचिव पत्रकार सुश्री रेणु मिश्रा धरसीवां श्रमजीवी पत्रकार संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुरेन्द्र जैन परमानन्द वर्मा दुर्गा बंजारे घटनास्थल देखने पहुचे लेकिन गेट नम्बर चार पर मौजूद इस्पात गोदावरी के गार्डों ने पत्रकारों को घटनास्थल जाने के लिए गेट खोलने से साफ इंकार कर दिया उन्होंने कहा कि ऊपर से हमे आदेश है हालांकि इसी दौरान बीमा कंपनी के लोग एवं कुछ अन्य लोग भी मौके पर पहुचे जिन्हें गेट खोलकर घटनास्थल तक जाने दिया सिर्फ पत्रकारों को ही रोका गया।
*आख़िर कौन है प्लांट का असली मालिक*
ग्रीन पेट्रो फ्यूल का असली मालिक कौन है उक्त फेक्ट्री किसकी है पत्रकारों को अंदर जाने से रोकने का काम इस्पात गोदावरी के गार्ड क्यों कर रहे यह समझ से परे है हालांकि ग्राम पंचायत सरपंच रुक्मणि शिवहरे ने कहा कि उन्होंने इस प्लांट की एनओसी आशीष सिंघानिया के नाम दी थी वही पुलिस के समक्ष अब तक कोई मालिक सामने निहि आया है।

