आज का चिंतन(सुविचार) - fastnewsharpal.com
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आज का चिंतन(सुविचार)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..04-04-2021*..🎋


✍🏻सबसे बेहतरीन नजर वह है जो स्वयं की कमियों को देख सके क्योंकि नींद तो रोज खुलती है पर आँखे कभी कभी खुलती हैं।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥

✍🏻बुरा कर्म करते हुए अच्छे जीवन जीने की आश करना वैसा ही जैसे दो नाव में पैर रखना, जिसका फल अफलता ही हैं।
🌹 *σм ѕнαитι.*🌹
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*“हर रिश्ते में विश्वास रहने दो ...*
*जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो ...*
*यही तो अंदाज़ है* *जिंदगी जीने का ...*
*न खुद रहो उदास ...*
*न दूसरों को रहने दो” ...*

               *🌸 सुप्रभात 🌸*
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मिलता तो बहुत कुछ हैं

       "इस जिंदगी में

"बस हम गिनती उसी की करते हैं"

   "जो हासिल ना हो सका..."

     ☀️ओम शांति☀️  
🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻🌹🌻
*मतलब और स्वार्थ के रिश्ते कोयले की तरह होते हैं l*_
_*जब गर्म होते हैं.. तो छूने वाले को जला देते हैं !*_
_*और ठंडे होते हैं तब हाथ काले कर देते है l*_
_*🌞🌞*_  *कोई अगर आपके अच्छे कार्य पर  सन्देह करता है ...*
   *तो करने देना,क्योकि...*
    *शक़, सदा सोने की शुद्धता पर किया   जाता है...*
  *कोयले की कालिख पर नही...!*

*वक्त से बढ़कर शिक्षा देने वाला*
*आज तक कोई गुरु नहीं हुआ,*
*और*
*विपत्ति से बढ़कर*
*अनुभव देने वाला आज तक*
*कोई विद्यालय नहीं खुला*

              *राधे राधे जी*


परमात्मा 👆🏻💫🇲🇰

  *हर🕰️ पल का "शुकराना"*
*हर❤️स्वांस का "शुकराना"*
*हाथ🤝🏻थामने का "शुकराना"*
  *सिर✋🏻 पर हाथ रखने का*
       *"शुकराना"*
  *हर🚶🏻‍♀️😷🚶🏻‍♂️ दुख🤦🏻‍♀️🤦🏻‍♂️ से बचाने का*  
       *"शुकराना"*
*अंग संग रहने का* *"शुकराना"*
*अपना बनाने का* *"शुकराना"*   
*"शुकराना" आपके हर रहमों कर्म का* .
    शुभ👆🏻💫🇲🇰🌌🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️रात्रि।

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                 *🛡️● ओम शान्ति ●🛡️*


_★एक व्यक्ति सांसारिक समस्याओं से जूझते हुए इतना निराश हुआ कि उसने नींद की गोलियां खाकर आत्महत्या करने का विचार किया । गोलियां कम थी, मृत्यु की बजाय बेहोशी जैसी स्थिति में उसे आवाज सुनाई दी, तुम क्यों हार मानते हो, ऐसा क्यों नहीं सोचते कि संघर्ष का नाम ही जीवन है और देखो, हर आदमी का जीवन ही दुख और परेशानियों से भरा है ।_


_◆ उसने नजर घुमाई तो एक पुटलियों का ढेर दिखाई पड़ा और पुनः आवाज आई, देखो यह हर आदमी की परेशानियों की पोटलियां हैं, अगर तुम चाहो तो मैं तुम्हें तुम्हारी समस्याएं किसी दूसरे से बदलने का मौका देता हूं । बस कोई दो पोटलियां खोलकर तुम्हें फैसला करना होगा । वह व्यक्ति खुश हो गया । वह हमेशा सोचता था कि नगर का धनाढ्य व्यक्ति तो अवश्य सबसे सुखी होगा परंतु उसके नाम की पोटली खोली तो उसमें भी चिंताएं और पीड़ा ही थी । उसकी आंखों में पानी भर आया और उसने पोटली बंद कर दी ।_


_◆ दूसरी पोटली खोलने का उसका विचार समाप्त हो गया, उसने अपने आंसुओं को पोंछ लिया और अदृश्य आवाज का धन्यवाद किया । उसकी निराशा मिट गई । उसे समझ में आ गया कि जीवन संघर्ष नहीं है लेकिन सुखों की चाहत में अपने छोटे-छोटे दुखों को पहाड़ समान समझकर हम इसे संघर्ष बना लेते हैं ।_


_◆ ईश्वरीय ज्ञान भी मानव को यही सिखाता है । यदि स्वयं को आत्मा समझें, देहभानजनित इच्छाओं को नियंत्रित करें, जीवन में दूसरों को देने का भाव रखें और ईश्वर से संबंध जोड़ कर उसकी श्रीमत प्रमाण चलने का लक्ष्य रखें तो कठिनाइयां खेल सम्मान लगने लगती हैं । जैसे माता पिता का साया न रहने से कोई भी बच्चा बेसहारा महसूस करता है, उसी प्रकार ईश्वर पिता के संबंध ना होने के कारण ही जीवन संघर्ष लगता है, नहीं तो जीवन एक मीठा प्यारा खेल है जिसे खेलने में हर्ष ही हर्ष है ।_


                *💡★ ओम शान्ति ★💡*


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