*शहीद किसानों के स्मारक में होगी छत्तीसगढ़ की मिट्टी शामिल* - fastnewsharpal.com
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*शहीद किसानों के स्मारक में होगी छत्तीसगढ़ की मिट्टी शामिल*

 *छत्तीसगढ़ की मिट्टी लेकर किसान जाएंगे सिंघु बार्डर* 



 *शहीद किसानों के स्मारक में होगी छत्तीसगढ़ की मिट्टी शामिल* 


 कॉरपोरेट परस्त तथा किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी तीनों कानून को रद्द करने, एमएसपी की गारण्टी कानून बनाने, बिजली संशोधन बिल 2020 को वापस लेने और प्रदूषण नियंत्रण कानून में किसान विरोधी कॉलम को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली सीमाओं पर जारी किसान आंदोलन को चार महीना से ज्यादा हो चुका है और इस दौरान सवा तीन सौ के करीब किसान अब तक अपनी प्राणों की कुर्बानी दी चुके हैं। परन्तु कॉरपोरेट हितैषी  सरकार किसानों की मांगों को मानने अब तक राजी नहीं है।  दिल्ली सीमाओं पर जहाँ आंदोलन जारी है जैसे सिंघु, टीकरी, गाजीपुर, शाहजहांपुर, पलवल में शहीद किसानों की स्मारक बनाने के लिए देश भर में मिट्टी सत्याग्रह के माध्यम से मिट्टी एकत्रित किया जा रहा है जो 06 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुचेंगे। शहीद किसानों की स्मारक बनाने एकत्रित किये जा रहे मिट्टी में छत्तीसगढ़ की मिट्टी भी शामिल होगी। 


उक्त आशय की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्यों तेजराम विद्रोही, जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, डॉ संकेत ठाकुर, पारसनाथ साहू, जनकलाल ठाकुर, शत्रुघन साहू,  ने कहा कि 30 मार्च 2021 को दांडी गुजरात से मिट्टी सत्याग्रह यात्रा शुरू हुई है जो 6 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुँचेगी। छत्तीसगढ़ की धरती में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ संघर्ष का महान परंपरा विद्यमान है इसलिए छत्तीसगढ़ की मिट्टी भी दिल्ली सीमाओं पर शहीद किसानों के स्मारक का अंश बनेगा।

इसके लिए हम 03 अप्रैल को दिन के 12 बजे सोनाखान से मिट्टी लेंगे जो 1857 में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्रामी वीर नारायण सिंह के जन्म स्थली है। शाम 4 बजे तमोरा से मिट्टी लेंगे जहां 1930 में अंग्रेजों के विरुद्ध जंगल सत्याग्रह हुआ। इसी प्रकार 04 अप्रैल को दिन के 12 बजे दल्ली राजहरा शहीद स्थल से मिट्टी लेंगे जहां पर सरकार की नवउदारवादी नीतियों की विरोध करने वाले मजदूर पुलिस दमन का शिकार हुआ उसी दिन शाम 04 बजे धमतरी जिला के कंडेल से मिट्टी लेंगे जहां किसानों ने 1920 में नहर सत्याग्रह किया था। चारो जगह से ली गई मिट्टी राजिम में रहेगी जिसे 05 अप्रैल को सुबह 09 बजे लेकर रायपुर रेलवे स्टेशन पहुचेंगे। जगदलपुर के साथी 1910 में बस्तर में हुए भूमकाल आंदोलन के शहीदी स्थल से मिट्टी लेकर आएंगे इसी प्रकार नगरी सिहावा व अन्य जगहों से लाए गए मिट्टी को 5 अप्रैल को दिन के 12 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन पर तेजराम विद्रोही व मूलचंद साहू को सौपेंगे जिनके नेतृत्व में यह मिट्टी  06 अप्रैल को सिंघु बार्डर पहुँचेगी।

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