मुसीबत के समय लोगो की मदद करना इंसान का नैतिक कर्तव्य है। और जब बात कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की हो तो मदद की यह जिम्मेदारी ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गरियाबंद जिले के अंतिम छोर पर बसे देवभोग के लोगो ने।
नेक पहल -कोविड मरीज़ों के मदद के लिए बनाया व्हाट्सएप ग्रुप, महज़ 2 घंटे में 24 ऑक्सीजन सिलेंडर देने को हुए तैयार सर्वदलीय कोविड फंड से जुड़े सदस्य, नगर में हो रही है जमकर तारीफ़
मुसीबत के समय लोगो की मदद करना इंसान का नैतिक कर्तव्य है। और जब बात कोरोना जैसी महामारी से लड़ने की हो तो मदद की यह जिम्मेदारी ओर भी ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है गरियाबंद जिले के अंतिम छोर पर बसे देवभोग के लोगो ने।
गरियाबंद
--गरियाबंद जिले में कोरोना से हालात बेकाबू होने लगे तो कलेक्टर निलेश कुमार क्षीरसागर ने 5 दिन पहले जिले के सभी ब्लॉक स्तर पर कोविड केयर सेंटर संचालित करने का फैसला लिया। देवभोग ब्लॉक में भी 200 बिस्तर का कोविड केयर सेंटर खोला गया। कोरोना से जूझ रहे देवभोग वासियो के लिए यह बड़ी राहतभरी खबर थी। मगर कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन सिलेंडर की सुविधा नही होने से गंभीर मरीजो की दिक्कत कम नही हुई। क्योकि देवभोग जिला मुख्यालय गरियाबंद से 130 किमी और राजधानी से 225 किमी दूर स्थित है। स्थानीय समाजसेवियों ओर युवाओं ने इसे गम्भीरता से लिया। व्हाटसअप पर सर्वदलीय कोविड फंड के नाम से ग्रुप बनाया और लोगो से मदद की अपील की। महज दो घण्टे में ही लोग 24 ऑक्सीजन सिलेंडर देने के लिए तैयार हो गए।
--- सर्वदलीय कोविड फंड से जुड़े लोग इससे पहले भी कोरोना मरीजो के घरों तक राशन से लेकर दवाइयां पहुंचाने तक मे मदद करते रहे है। उनकी इस मदद से स्थानीय कोरोना मरीजो को तो बड़ी राहत मिली ही है, स्थानीय प्रशासन को भी सिंबल मिला है। एसडीएम अनुमप आशीष टोप्पो ने सर्वदलीय कोविड फंड से जुड़े लोगों की जमकर तारीफ की है।
-अनुपम आशीष टोप्पो, एसडीएम, देवभोग
कोरोना से जंग जीतने के लिए सभी को अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना जरूरी है। फिर चाहे बात चेहरे पर मास्क लगाने की हो या फि सोशल डिस्टेंसिंग की ओर या फिर लोगो की मदद की। जब तक सभी अपना फरफॉर्मेंश सही नही देंगे तबतक अकेले सरकार के भरोसे कोरोना की चेन को तोड़ पाना मुश्किल है।

