आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..22-05-2021*..🎋


✍🏻जीत निश्चित हो तो, कायर भी जंग लड़ लेते है, बहादुर तो वो लोग है, जो हार निश्चित हो फिर भी मैदान नहीं छोड़ते।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻एक गलती आपका अनुभव बढ़ा देती है और अनुभव आपकी गलतियां कम कर देता है ज़िन्दगी में अगर कोई सबसे सही रास्ता दिखाने वाला दोस्त है तो वो है अनुभव।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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*बहुत मुश्किल नहीं हैं,*
*ज़िंदगी की सच्चाई समझना,*
*"जिस तराज़ू ⚖पर*
*दूसरों को तौलते हैं,*
*उस पर कभी*
*ख़ुद बैठ के देखिये।*"
      ॐ शांति
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अनमोल वचन :

दूसरों के दर्द मिटाने वाले बन जाओ, ऊपरवाला आपके सभी दर्द मिटा देगा ।

🙏ओम् शांति🙏

🎈आपका दिन शुभ हो🎈

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

अनुभव कहता है कि इस धरा पर इंसाफ सबको मिलता है, केवल हमें *धैर्य* और *संयम* रखने की जरूरत होती है.... यह धरा जिस अटल कानून पर चलती है, उसमें चाहते हुए भी संसार के *कानून* का कोई हस्तक्षेप नहीं चलता। 

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
👏🌹😊अनमोल मोती-

लोगों के द्वारा प्राप्त सम्मान, हालात और उनकी मानसिक स्थिति के अनुसार सदा बदलते रहते हैं, इसलिए जब तक हम खुद का एक निश्चित सम्मान स्वयम तय नही कर लेते,तब तक लोगों के द्वारा दिए गए मान-अपमान हमें सदा विचलित करते रहेंगे,

*ओम शांति,सुप्रभात*
👍💖😊
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अनमोल वचन :

मै इस शरीर को चलाने वाली आत्मा हूंँ और मुझ आत्मा का पिता शिव परमात्मा है। शिव को ही सत्यम,शिवम, सुंदरम कहते है। इस सच्चाई को दिल से मान लेने से सच्चाई की ताकत बढ़ेगी और सदा परमात्मा की मदद का अनुभव होता रहेगा ।

🙏ओम शान्ति🙏

🌹आपका दिन शुभ हो 🌹
 
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*कभी भी लोगों की*

*टीका टिप्पणी से*

*घबराना नही चाहिए*

*क्योंकि खेल में* *दर्शक ही शोर मचाते हैं* 

*खिलाडी नहीं !..*
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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*कहते है दान तसुपात्रों को करना चाहिए* 🏵️

एक  सहर में

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👳‍♂️ *सेठ जयचन्द जैन* रहते थे एक बार गाँव में  अकाल पड़ा जब 2 महीनो बाद लोगो के पास खाने को अन्न नहीं रहा ।

तब

🤴 *राजा मानसिंह* 

ने 📢 मुनादी करवाई की जो सेठ साहूकार सक्षम है  वो अन्न, धन दान करे और राजकोष में  धन- अन्न🥜💰 जमकरवाये।


*सेठ जय चंद*👳‍♂️

 🥜💰🥜

*1000 क्विटल, गेहूं 500 किविंटल दाल, 1000 किलो घी, 2000 किलो तेल और 5000 स्वर्ण मुद्राएं दान दी।*


🙌 *5 माह बाद अकाल पूर्ण हुआ।*


और सेठ को पता चला की उनके पास  *जैन मंदिर* जहाँ वो दर्शन के लिए जाते थे उसके 👴🏻 *पुजारी के 2 बेटे* 👶🏻👩🏻‍🦲भूख से मर गए।


उसके 🏤 कोठी के पास का लगदुमल जो सेठ के बचपन का दोस्त था उसने भुखमरी से दम तोड़ दिया🥴।⚰️


यह सुनकर उसे

⚔️ *राज तंत्र* ⚔️पर बहुत रौष ♨️😡♨️आया वह 


🤴राजा के पास गया 🕌और राजा से कहा

💁🏻‍♂️ कि मैंने इतना दान दिया पर दान की चीज़े मेरे आस पास तक नहीं  पहुँची।


🤴 *राजा बोले:-*  "हे दानवीर आप के दान की मैं प्रशंसा करता हूँ किन्तु राज्य का विस्तार इतना बड़ा है कि जो हम तक और हम जिन तक पहुंच पाये हमने मदद कि कितुं

आपके आस पास के लोग भुखमरी से मरे उसका कारण शायद यह हो सकता है।


🧐 *आपके रिश्तेदार, नौकर-चाकर, मंदिर का माली, पुजारी और मित्र  और संमाज के लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे और शायद वो आपसे कहने में हिचकिचा रहे हो।?*


अतः आपको राजकोष दान तो देना चाहिए था किंतु अगर आप उसका 20% अपने आस पास के लोगों को करते तो आपको ज़्यादा संतुष्टि मिलती।



*मित्रो यही स्थिति हमारी है।*


हमें पहले घर

हमारे कर्मचारी

फिर पड़ोस

फिर मोहल्ला

फिर मंदिर के लोग

फिर हमारे रिश्तेदार

फिर शहर

फिर प्रदेश

फिर देश

फिर विश्व


*अपनी प्राथमिकता निर्धारित करे*

 और 👳‍♂️ *सेठ जयचन्द* जैसी गलती करने से बचे।

प्राथमिकता आपको आपके दान की आत्मसंतुष्टि देगा और 

*यही मानवता और देश के प्रति आपकी संजीवनी सच्ची ज़िम्मेदारी होगी।*🙏



🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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