जिले की सुरक्षा पर लगा ग्रहण, कॉलोनी, गली, मोहल्ले असुरक्षित, चोरी, हत्या, लूट की वारदातों से लोग सहमे, मकान को खाली छोड़ना भी हुआ मुश्किल
जिले की सुरक्षा पर लगा ग्रहण, कॉलोनी, गली, मोहल्ले असुरक्षित, चोरी, हत्या, लूट की वारदातों से लोग सहमे, मकान को खाली छोड़ना भी हुआ मुश्किल
जितेन्द्र महमल्ला /धमतरी
जिले को कभी शांत जिला कहा जाता था किंतु बीते कुछ वर्षों से यह बिल्कुल अशांत सा हो गया है। चोरी, लूट, उठाईगिरी, चाकूबाजी और हत्या यहा आम बात हो गई है। गली, मोहल्ले, कॉलोनी असुरक्षित है। वहीं घरों को खाली छोड़ना भी मुश्किल हो गया है। ज्ञात हो कि बीते रविवार को कुरुद की श्रीराम कॉलोनी में रहने वाले शिक्षक दम्पत्ती की अज्ञात कातिल ने निर्मम हत्या कर दी थी। जबकी मालूम हो कि इस तरह की घटनाएं अब जिले में आम हो गई है। यहां हर कुछ दिनों में ऐसी वारदातें सामने आती ही रहती है। चाकूबाजी का सिलसिला भी आम हो चला है और चोरी लूट के दर्जनों मामले पुलिस थानों में दर्ज है। इस परिस्थिति में अब शहर हो या जिलेवासी खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करें। अब यदि बात करें कि घर छोड़कर कहीं बाहर जाने कि तो ऐसे भी दर्जनों मामले है। जब व्यक्ति अपने घर में ताला लगाकर गया है और वापस आने पर पता चलता है कि उसके घर चोरी हो गई है। इसके अलावा दुकानों, गोदामों का भी यही हाल है, जहां से आये दिन चोरी के मामले सामने आ रहे है।
पुलिस सुरक्षा पर उठे सवाल? कब सुधरेगा जिले का हाल –
मालूम हो कि पुलिस के दावे तो बड़े बड़े रहते है मगर धरातल की सच्चाई किसी से छिपी नहीं है। आज जिले का जो हाल है, वह भी किसी से छिपा नहीं है। अपराधों के साथ अवैध धंधे, जुआ, सट्टा, शराब का खेल लंबे समय से चल रहा बल्कि इसमें पुलिस से सांठगांठ का भी आरोप लगता रहता है। फिर पुलिस कार्यशैली की सुस्त गति भी एक वजह है, जिसका उदाहरण शिक्षक दम्पत्ती के कातिल का अब तक नहीं पकड़ा जाना है, जिसे लेकर क्षेत्र में दहशत व्याप्त होने के साथ पुलिस की कार्यशैली को लेकर अक्रोश भी देखा जा रहा है।
