आर टी ई के 120 विद्यार्थियों के दाखिला पर अब तक नही हुआ उचित कार्यवाही ,,,परिजनों को सताने लगी बच्चे के भविष्य की चिंता ,,,शिव सेना जिला अध्यक्ष ने पुनः स्मरण पत्र सौंप कलेक्टर से किया ये मांग
आर टी ई के 120 विद्यार्थियों के दाखिला पर अब तक नही हुआ उचित कार्यवाही ,,,परिजनों को सताने लगी बच्चे के भविष्य की चिंता ,,,शिव सेना जिला अध्यक्ष ने पुनः स्मरण पत्र सौंप कलेक्टर से किया ये मांग
गरियाबंद :
विगत कई वर्षों जिला मुख्यालय में संचालित ग्रेस इंग्लिश मीडियम स्कूल जिसमें क्षेत्र से लगभग 120 विद्यार्थीओ का आर .टी. ई योजना के तहत अलग अलग कक्षाओं के लिए स्कूल में दाखिला हुआ था।
निर्धन परिवार के बच्चों को सरकार के इस महती योजना से अच्छी शिक्षा प्राप्त हो रही थी,,, अचानक इस स्कूल को संचालक द्वारा स्कूल को बंद कर दिया गया
स्कूल बंद होते ही आगे की पढ़ाई के लिए ,,,क्या किया जाए यह चिंता पालको व विद्यार्थियों को सताने लगी
जब पालकों ने अन्य निजी स्कूल में भर्ती कराने हेतु प्रक्रिया जानना चाहा तब उन्हें बताया गया कि आर.टी.ई के तहत एक स्कूल में दाखिला होने के बाद अन्य दूसरे स्कूलों में दाखिला नहीं होता यह जवाब जान कर परिजन काफी चिंतित हुए ,,,
और अपनी परेशानी को शिवसेना के जिला जिलाध्यक्ष मुकेश पांडे से अवगत करवाया था
मुकेश पांडे द्वारा इस समस्या को लेकर दिनाक 8 जुलाई को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए निवेदन किया कि इन विद्यार्थियों को अन्य किसी भी निजी स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाए या वर्तमान में सरकार के द्वारा संचालित न्यू इंग्लिश मीडियम स्कूल में भर्ती दिलवा जाए ,,, जिस पर कलेक्टर ने विद्यार्थियों को शिक्षा उपलब्ध करवाने की के लिए आश्वासन दिया है पर कोई उचित कार्यवाही या दिशा निर्देश अब तक प्राप्त नही हुआ है ,,, जिस पर पुनः मुकेश पांडे ने जिलाधीश से मुलाकात कर ,,, ज्ञापन का स्मरण पत्र सौपते हुए विद्यार्थियों को किसी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में ही दाखिला दिलवाने का मांग किया किया
रायपुर में ऐसे मामले पर RTE के छात्रों को मिला प्रवेश
ख़मतराई में संचालित लीडर्स वे इंग्लिश मीडियम स्कूल को अचानक बंद कर दिया गया था. किसी को कोई सूचित नहीं किया गया था. छात्रों के अभिभावकों ने कहा कि वहां हमारे बच्चे शिक्षा के अधिकार के तहत पढ़ाई कर रहे थे. इसको लेकर हमने जनप्रतिनिधि और शिक्षा विभाग में एक ज्ञापन सौपा था. फिर सत्य खबर ख़बर प्रकाशित किया.
उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने लिखित में दिया है कि बच्चों को अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल में ही प्रवेश दिया जाएगा.
रायपुर के बाद गरियाबंद के इस मामले में विद्यार्थियों और पलको को जिला कलेक्टर से जल्द उचित कार्यवाही की उमीद है।

