आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..12-06-2021*..🎋


✍🏻मन को वश करने के लिए दो तलवारों का प्रहार करना पड़ता है, एक हे अभ्यास और दूसरा है वैराग्य।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻"समस्याएं" हर व्यक्ति के जीवन में आती है, किंतु सफल वही व्यक्ति होता है, जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी, मन को कमजोर नही करता।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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         ओम शांति
_*✍जीवन में सुख साधन से संपन्न व्यक्ति भाग्यशाली होते हैं लेकिन परम सौभाग्यशाली वो होते हैं, जिनके पास "भोजन के साथ भूख भी हो" "बिस्तर के साथ नींद भी हो" "धन के साथ धर्म भी हो" और "विशिष्टता के साथ शिष्टता भी हो...!!!"*_
       ओम शांति
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🌷👌 *सुंदर वाक्य* 👌🌷

    *होश का पानी छिड़को*

    *मदहोशी की आँखों पर,*

    *अपनों से कभी ना उलझो*

    *गैरों की बातों पर।*

     🙏 *ओम शांति* 🙏
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*आज का सुविचार* :-
*मनुष्य सुख की खोज में अपने जीवन को असंतुलित कर लेता है परन्तु वो ये नहीं जानता कि सुख का असली आधार तो संतुलित जीवन ही होता है*
🌹 *ओम शांति* 🌹
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आज का विचार

        दुसरो की छांव में खड़े रहकर हम अपनी परछाई खो देते है,
        खुद की परछाई के लिए तो धूप में खड़ा होना पड़ता है।

💐brahmakumaris💐🌷om shanti🌷
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*12 जून:-*_ में इस शरीर को चलनेवाली आत्मा हु, इस स्व स्थिति के आगे परिस्थिति (परायी स्थिति) कुछ भी नही।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰💥🇲🇰
*आँखे बंद करने से..*
      *मुसीबत नहीं टलती .!*
                  *और .*
       *मुसीबत आए बिना ..*
        *आँखे  नहीं खुलती...* 

     *छल* में बेशक *बल* है
                  लेकिन
    *प्रेम में आज भी हल है*।
              
good👆🏻💫🇲🇰🌌🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️night.😊
👏🌹😊अनमोल मोती-
12-06-2021
*हमारे अनुभव के आधार पर ही हमारी समझ या धारणा होती है, और समझ या धारणा के आधार पर ही हमारी सोच, हमारे व्यवहार प्रेरित होते हैं, अतः जैसे ही हमारे अनुभव बदलते हैं, वैसे ही हमारी समझ या धारणा, सोच, व्यवहार सब बदल जाते हैं।*
🙏🏻🌹*ओमशान्ति, सुप्रभात*👍💖
🙏 *ॐ शांति* 🙏

*मनोविज्ञान* के अनुसार जो *डांटता* है... वही *बीमार* होता है, डांट खाने वाला मनुष्य कभी बीमार नहीं होता, क्योंकि नुकसान या मुनाफा फैक्ट्री के मालिक को होता है... कर्मचारी को नहीं...

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

जीवन में अगर 'खुश' रहना है तो, स्वयं को एक 'शांत सरोवर' की तरह बनाए...जिसमें कोई 'अंगारा' भी फेके तो.. खुदबखुद ठंडा हो जाए....

*💐 आपका दिन शुभ और मंगलमय हो💐*

टूटे न कोई और💫 सितारा आओ दुआ करें...
बिछड़े न कोई हमसे👬🏻👭🏻👫🏻👨‍👩‍👧‍👦 हमारा आओ दुआ करें I
तूफाँ है तेज़ ,कश्तियाँ सबकी भँवर में हैं..
मिल जाये हर किसी को👆🏻💫किनारा आओ दुआ🤲🏻 करें.
Good👆🏻💫🇲🇰🌅🧘🏻‍♀️🧘🏻‍♂️morning

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️ 

   👉 छोटी बहू  🏵️

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एक बूढे सेठ थे । वे खानदानी रईस थे, धन-ऐश्वर्य प्रचुर मात्रा में था परंतु लक्ष्मीजी का तो है चंचल स्वभाव । आज यहाँ तो कल वहाँ!! 


 एक रात को स्वप्न में देखा कि एक स्त्री उनके घर के दरवाजे से निकलकर बाहर जा रही है। 


उन्होंने पूछा : ‘‘हे देवी आप कौन हैं ? मेरे घर में आप कब आयीं और मेरा घर छोडकर आप क्यों और कहाँ जा रही हैं?


वह स्त्री बोली : ‘‘मैं तुम्हारे घर की वैभव लक्ष्मी हूँ । कई पीढयों से मैं यहाँ निवास कर रही हूँ किन्तु अब मेरा समय यहाँ पर समाप्त हो गया है इसलिए मैं यह घर छोडकर जा रही हूँ । मैं तुम पर अत्यंत प्रसन्न हूँ क्योंकि जितना समय मैं तुम्हारे पास रही, तुमने मेरा सदुपयोग किया । संतों को घर पर आमंत्रित करके उनकी सेवा की, गरीबों को भोजन कराया, धर्मार्थ कुएँ-तालाब बनवाये, गौशाला व प्याऊ बनवायी । तुमने लोक-कल्याण के कई कार्य किये । अब जाते समय मैं तुम्हें वरदान देना चाहती हूँ । जो चाहे मुझसे माँग लो । 


सेठ ने कहा : ‘‘मेरी चार बहुएँ है, मैं उनसे सलाह-मशवरा करके आपको बताऊँगा । आप कृपया कल रात को पधारें ।


सेठ ने चारों बहुओं की सलाह ली । 


उनमें से एक ने अन्न के गोदाम तो दूसरी ने सोने-चाँदी से तिजोरियाँ भरवाने के लिए कहा ।


किन्तु सबसे छोटी बहू धार्मिक कुटुंब से आयी थी। बचपन से ही सत्संग में जाया करती थी ।


उसने कहा : ‘‘पिताजी ! लक्ष्मीजी को जाना है तो जायेंगी ही और जो भी वस्तुएँ हम उनसे माँगेंगे वे भी सदा नहीं टिकेंगी । यदि सोने-चाँदी, रुपये-पैसों के ढेर माँगेगें तो हमारी आनेवाली पीढी के बच्चे अहंकार और आलस में अपना जीवन बिगाड देंगे। इसलिए आप लक्ष्मीजी से कहना कि वे जाना चाहती हैं तो अवश्य जायें किन्तु हमें यह वरदान दें कि हमारे घर में सज्जनों की सेवा-पूजा, हरि-कथा सदा होती रहे तथा हमारे परिवार के सदस्यों में आपसी प्रेम बना रहे क्योंकि परिवार में प्रेम होगा तो विपत्ति के दिन भी आसानी से कट जायेंगे। 


दूसरे दिन रात को लक्ष्मीजी ने स्वप्न में आकर सेठ से पूछा : ‘‘तुमने अपनी बहुओं से सलाह-मशवरा कर लिया? क्या चाहिए तुम्हें ?


सेठ ने कहा : ‘‘हे माँ लक्ष्मी ! आपको जाना है तो प्रसन्नता से जाइये परंतु मुझे यह वरदान दीजिये कि मेरे घर में हरि-कथा तथा संतो की सेवा होती रहे तथा परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रेम बना रहे।


यह सुनकर लक्ष्मीजी चौंक गयीं और बोलीं : ‘‘यह तुमने क्या माँग लिया। जिस घर में हरि-कथा और संतो की सेवा होती हो तथा परिवार के सदस्यों में परस्पर प्रीति रहे वहाँ तो साक्षात् नारायण का निवास होता है और जहाँ नारायण रहते हैं वहाँ मैं तो उनके चरण पलोटती (दबाती)हूँ और मैं चाहकर भी उस घर को छोडकर नहीं जा सकती। यह वरदान माँगकर तुमने मुझे यहाँ रहने के लिए विवश कर दिया है.!

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