*प्रेमी प्रेमिका को खेत मे मिलते देखना बना था लेखराम की हत्या का कारण,दस साल बाद अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी,एसएसपी रायपुर की सख्ती से सुलझने लगे पुराने मामले*
*प्रेमी प्रेमिका को खेत मे मिलते देखना बना था लेखराम की हत्या का कारण,दस साल बाद अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी,एसएसपी रायपुर की सख्ती से सुलझने लगे पुराने मामले*
सुरेन्द्र जैन/धरसीवां
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के खरोरा में पुलिस ने एक ऐंसे अंधे कत्ल की दस साल बाद गुत्थी सुलझाने में सफलता हांसिल की है जिसमे लाख प्रयास के बाबजूद पुलिस को लंबे समय तक सफलता नही मिली थी लेकिन दस साल बाद एसएसपी की सख्ती के बाद पुनः फाइल खोलकर पतासाजी करने के पर इस हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है पुलिस ने दो हत्यारों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
*प्रेमी प्रेमिका को खेत मे मिलते हुए देखना बन गया था मृत्यु का कारण*
पुलिस थाना खरोरा के ग्राम फरहदा के खेत में 10 वर्ष पूर्व 14 जनवरी 2011 को लेखराम सेन की हत्या का यह मामला था यह एक ऐंसा अंधा कत्ल था जिसमे दूर दूर तक न कोई गवाह न सबूत न किसी पर कोई संदेह क्योकि मृतक की किसी से ऐंसी दुश्मनी भी नही थी पुलिस ने लाख प्रयास किये लेकिन जब कहीं से सफलता नही मिली तो पुलिस भी लगभग शांत होकर बैठ चुकी थी लेकिन जिले के तेज तर्रार एसएसपी अजय यादव ने पुराने हत्याकांडों की फाइलें पुनः खोलने ओर पुनः पतासाजी शुरू करने की हिदायत पुलिस थानों को दी तो खरोरा के इस अंधे कत्ल में भी पुलिस एक बार फिर पातासाजी में जुट गई।
लेकिन इस बार पुलिस को सफलता मिली दरअसल आरोपी प्रेमिका के साथ स्वयं का अवैध संबंध छिपाने यह हत्या किया था जिसमे उसका एक अन्य साथी भी उसके साथ था।
पुलिस के मुताबिक प्रार्थी तोषन लाल सेन ने वर्ष 2011 में दिनांक 15 जनवरी को थाना खरोरा में रिपोर्ट दर्ज कराईं कि वह ग्राम कोसरंगी में रहता है ओर अपने पिता लेखराम सेन के साथ कोसरंगी में सैलून दुकान चलाता है। प्रार्थी के पिता लेखराम सेन दिनांक 14.जनवरी2011 की रात करीब 11 बजे ग्राम फरहदा में आरकेस्ट्रा का कार्यक्रम देखने गए थे वह घर से अकेले निकले थे जो लेकिन अब तक वापस नहीं आये। पुत्र की रिपोर्ट पर पुलिस पतासाजी में जुटी तभी दिनांक 15 जनवरी 2011 को प्रातः 08ः00 बजे गांव के जैलूराम सेन ने बताया कि लेखराम सेन ग्राम फरहदा के एक खेत में मृत अवस्था में पड़े है। जिस पर मृतक के परिवार के साथ ग्राम पुलिस फरहदा पहुची जहां खेत मे लेखराम सेन के सिर, चेहरे में चोट के निशान थे, खून निकला था ओर वह मृत अवस्था में पड़ा था जिस खेत मे वह मृत पाया गया वह खेत झाडूराम सतनामी का था इसके बाद पुलिस थाना खरोरा ने अपराध क्रमांक 18/11 धारा 302, 201, 34 भादवि. का अपराध पंजीबद्ध किया कर अज्ञात हत्यारो की पतासाजी शुरू की वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इस अंधे कत्ल की घटना को गंभीरता से लेते हुये प्रकरण में लगातार अज्ञात आरोपी की पतासाजी की जा रहीं थी, परंतु प्रकरण में सफलता प्राप्त नहीं हो रहीं थी एवं प्रकरण लंबित था। हाल ही में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव द्वारा रायपुर के समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को लंबित हत्या के प्रकरणों में विशेष रूचि लेकर हत्या के प्रकरणों को निकालकर हल करने के निर्देश दिये गये थे। इसी तारतम्य में नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा राहुल देव शर्मा द्वारा अपने अनुभाग के थाना खरोरा के उक्त हत्या के प्रकरण को गंभीरता से लेकर विशेष रूचि लेते हुये पुनः संपूर्ण केश डायरी का बारिकी से अवलोकन किया गया। पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय यादव के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री तारकेश्वर पटेल के पर्यवेक्षण में नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा राहुल देव शर्मा द्वारा थाना प्रभारी खरोरा निरीक्षक नितेश सिंह ठाकुर सहित एक विशेष टीम बनाकर हत्या के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुये अज्ञात आरोपी की पतासाजी प्रारंभ की गई। टीम के सदस्यों द्वारा मृतक व घटना के संबंध में मृतक के पुत्र प्रार्थी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों से विस्तृत पूछताछ करने के साथ ही आसपास के लोगों से भी पुनः पूछताछ की गई। मृतक का शव जिस खेत में पड़ा था उस खेत के स्वामी सहित घटना स्थल के आसपास के लोगों से भी मृतक व घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ की गई। अज्ञात आरोपी की पतासाजी के संबंध में पुलिस ने मुखबीर लगाये। टीम के सदस्यों द्वारा मृतक के साथियों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रहीं थी। मृतक को अंतिम बार किस व्यक्ति के साथ देखा गया था तथा किन - किन साथियों/व्यक्तियों से मृतक का मिलना - जुलना अधिक था, के संबंध में भी जानकारी प्राप्त कर अज्ञात आरोपी को चिन्हांकित करने के प्रयास किये जा रहे थे।
*ढाबे में खुल गया हत्यारे का मुंह*
इस मामले में पुलिस पतासाजी कर ही रही थी कि मंदिर हसौद के जरौद निवासी संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला द्वारा कुछ दिन पूर्व ग्राम फरहदा के ढ़ाबे में किसी व्यक्ति को उसके द्वारा यह बताने की जानकारी मिली कि संतोष यादव ढाबे पर एक दिन कह रहा था कि उसी ने लेखराम सेन की हत्या की है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अंधे कत्ल को सुलझाने में लगी पुलिस की टीम ने घटना के बिन्दुओं को कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुये महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किये तथा संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला की पतासाजी कर उसे हिरासत में लेकर पूंछताछ की टीम के सदस्यों द्वारा संतोष यादव से पूछताछ करने पर उसके द्वारा किसी भी प्रकार से अपराध में अपनी संलिप्तता नहीं होना बताकर लगातार टीम को गुमराह किया जा रहा था। जिस पर पुलिस टीम के सदस्यों द्वारा प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर संतोष यादव अपने झूठ के सामने टिक न सका और अंततः आरोपी संतोष यादव द्वारा अपने साथी लोकेश यादव के साथ मिलकर हत्या की उक्त घटना को स्वीकार किया गया पुलिस टीम के सदस्यों द्वारा घटना में संलिप्त दूसरे आरोपी लोकेश यादव को भी पकड़ा गया।
*कड़ाई से पूछताछ में खोला हत्यारों ने हत्या का राज*
पूछताछ में आरोपी संतोष यादव ने बताया कि वह 10 वर्ष पूर्व अपने नाना के घर ग्राम फरहदा खरोरा में रहता था घटना की रात्रि वह अपनी प्रेमिका से मिलने खेत में गया था और रखवाली हेतु अपने साथी लोकेश यादव को खड़ा किया था। इसी दौरान वहां से गुजरते वक्त लेखराम सेन ने उसे प्रेमिका के साथ मिलते हुये देख लिया था और प्रेमिका भाग गयी थी मृतक लेखराम सेन दोनो प्रेमी ओर उसके साथी को फटकार लगाते हुए बोला की तुम्हारी हरकत को मैं पूरे गांव वालों को बता दूंगा यह सुनते ही दोनों आरोपियों ने लेखराम सेन के साथ हाथ मुक्का एवं लात से मारपीट की तथा पास पडे़ मिट्टी के ढेलों से लेखराम सेन के सिर पर वार किये और अंत में बेल्ट से लेखराम सेन का गला दबाकर हत्या कर बेल्ट को नहर में फेंक कर फरार हो गये तथा आरोपी संतोष यादव भागकर अपने गृहग्राम जरौद मंदिर हसौद में निवास करने लगा। दोनों आरोपियों संतोष यादव उर्फ घनश्याम उर्फ आमला पिता रमेश यादव उम्र 30 साल निवासी ग्राम जरौद थाना मंदिर हसौद रायपुर एवं उसके साथी लोकेश यादव पिता गेंदूराम यादव उम्र 32 साल निवासी ग्राम जरौद थाना मंदिर हसौद रायपुर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
*गुत्थी सुलझाने में इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका*
आरोपियों को गिरफ्तार करने में नगर पुलिस अधीक्षक विधानसभा राहुल देव शर्मा, निरीक्षक नितेश सिंह ठाकुर थाना प्रभारी खरोरा, उपनिरीक्षक रवीन्द्र धु्रव, सउनि. अमित अंदानी, आर. सुरेन्द्र सिंह चैहान, रूपलाल ध्रुवंशी, सचिन पाण्डेय, महेन्द्र वर्मा, आर. टीकम साहू एवं लोकनाथ वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिंका रहीं।

