नगरपालिका के शिलालेख में दर्ज नामो को मिटा कर अपना नाम दर्ज करना स्थानीय शासन प्रशासन की ओछी मानसिकता एवं संकीर्ण विचारधारा को प्रदर्शित करता है- विजय गोयल पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष - fastnewsharpal.com
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नगरपालिका के शिलालेख में दर्ज नामो को मिटा कर अपना नाम दर्ज करना स्थानीय शासन प्रशासन की ओछी मानसिकता एवं संकीर्ण विचारधारा को प्रदर्शित करता है- विजय गोयल पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष

नगरपालिका के शिलालेख में दर्ज नामो को मिटा कर अपना नाम दर्ज करना स्थानीय शासन प्रशासन की ओछी मानसिकता एवं संकीर्ण विचारधारा को प्रदर्शित करता है-  विजय गोयल पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष



गोबरा नवापारा नगर

नगरपालिका परिषद् में अधिकारियों की मनमानी ही कहे या वर्तमान चुने जनप्रतिनिधियों की राजनीतिक   जो कि  पूर्व परिषद् ने पालिका कार्यालय के मुख्य द्वार का नवीनीकरण कर परिषद् के सभी सम्मानित सदस्यों के नामो को दर्ज कर शिलालेख लगाया था । जो की पूर्व से ही  चली आ रही परिपाटी अनुसार लगाया गया था । पर पालिका के अधिकारी व कर्मचारी द्वारा उसे मिटा कर उसी शिलालेख में वर्तमान के परिषद् के सदस्यों का नाम लिखा दिए जाने का मामला सामने आया है ।  पूर्व पालिका अध्यक्ष, आर्थिक प्रकोष्ठ रायपुर जिला ग्रामीण संयोजक एवं भाजपा के रायपुर जिला ग्रामीण के नगर पालिकाओ के प्रभारी विजय गोयल ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा ये उचित नहीं है, और कहा कि मैंने तो पूर्व की दो महिला पार्षदों द्वारा गुजारिश करने के पश्चात् ही ये निर्णय लिया था । वैसे भी नगर की जनता जानती है, मैंने कभी भी पत्थर की राजनिति नहीं की है, आप पुरे नगर में घूम कर देख ले हमारे द्वारा दोनों कार्यकाल में जितने भी एतिहासिक काम हुए है, उनके शिलालेखो में प्रथम क्रम में मेरा नाम कही भी नहीं दिखेगा । कलाम कोठी जो की सांस्कृतिक भवन के नाम से था, उसे मैंने अपने विवेक से अतिरिक्त राशि का इंतजाम कर नगरवासियों के लिए बहुआयामी रूप दिया, जिम भवन जो की आज तक चालू नहीं हो सका, बैडमिंटन हॉल, स्यान भवन, ई-लाइब्रेरी, शहीद हेमू कालानी, शहीद वीरनारायण चौक इत्यादि, इनमे आपको कही भी मेरे नाम का शिलालेख नहीं मिलेगा, क्योकि मैंने विकास कार्यो को अंजाम दिया है, नाम के पीछे नहीं भागा, वैसे भी नगर वासी मेरे किये विकास कार्यो को भूले नहीं है I लेकिन वर्तमान में उस शिलालेख में दर्ज नामो को मिटा कर अपना नाम दर्ज करना ये वाकई ठेस पहुचाने वाला कृत्य है, उक्त कार्य नियम विपरीत है । यह कृत्य वर्तमान के स्थानीय शासन प्रशासन की ओछी मानसिकता एवं संकीर्ण विचारधारा को प्रदर्शित करता है । इस कार्य से हर जन प्रतिनिधि आहत हुआ है  और चुने हुए जनप्रतिनिधि जिन्हें वार्डवासी एवं पुरे नगरवासियों ने चुन कर पालिका में भेजा था, वे भी चाहते है उनका नाम भी नगर पालिका के शिलालेख में दर्ज हो ताकि जनता कार्यालय में आते जाते उसे याद रखे ।  जिसके भी निर्देश से उक्त कार्य किया गया है, मै उसकी निंदा करता हु I हमारे कार्यकाल के पूर्व पार्षदगण चाहे वो किसी भी राजनैतिक दल का हो इस घटना से सभी दुखी है, भले ही वो खुल कर नहीं बोल पा रहे है I सभी का कहना है, हमने ऐसा क्या गुनाह किया था, जो हमारे नाम को मिटा कर अपना नाम दर्ज करवा दिए, हटाना ही था, तो ऊपर में भी पूर्व के शिलालेख लगे है, उन्हें भी हटा दिया जाता तो अच्छा था I अभी जिस जगह यह कार्य किया गया है, बगल में और भी रिक्त जगह है, वहां पर स्वर्ण अक्षरों वाला पत्थर बना कर लगवा लेते I आगे गोयल जी ने कहा कि मैंने आज ही एक समाचार पत्र में अध्यक्ष जी का बयान पढ़ा है, गोबरा बस्ती का टिन शेड में अनियमितता पाई गयी, आंधी तूफ़ान में पूरा धराशायी हो गया है, जिसकी जांच के लिए मेरे द्वारा कोई पत्राचार नहीं किया गया, मैं पूछना चाहता हु, कोई भी अनियमितता के लिए क्या लिखित में देने से ही जांच होगी, वो एक सरकारी संपत्ति थी, बड़ी लगन से हमने गोबरा बस्ती वासियों के लिए राशि मुहय्या कर भव्य शेड का निर्माण करवाया था, मुझे भी काफी दुःख हुआ था I प्राकृतिक आपदा में यदि नुकसान हुआ है, बड़े उद्यान गेट सौन्दर्यीकरण में भी क्षति हुई है I जाँच कराने के लिए पालिका स्वतंत्र है, बिलकुल जांच होनी चाहिए, और दोषियों पर कार्यवाही होनी चाहिएI

गोयल ने वर्तमान अध्यक्ष एवं सीएमओ से गुजारिश की है, बगल में पुनः उक्त शिलालेख लगाया जाये, ताकि सभी का मान सम्मान बना रहे ।



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