आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..02-07-2021*..🎋


✍🏻इंसान ही जल्दबाज़ी में उम्मीद को छोड़ जाता है, उम्मीद कभी भी हमें छोड़ कर नहीं जाती है।

💐 *Brahma Kumaris* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻जिंदगी को गमले के पौधे की तरह मत बनाईये जो थोड़ी सी धूप लगने पर मुरझा जाये, जिंदगी को जंगल के पेड़ की तरह बनाइये जो हर परिस्तिथि में मस्ती से झूमता रहे।

🌹 *σм ѕнαитι.*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*02 जून:-*_ हम सफलता से केवल उतना ही दूर है जितना के हम कड़ी मेहनत से दूर है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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अनमोल वचनः

सच्चे भगवान का सच्चा ज्ञान तो बहुत सुनते हैं,पर विरले ही इस पर चल पाते हैं, क्योंकि भगवान से सच्चा मिलन मनाने के लिये अपनी आत्मा की शुद्धता को बढ़ाना पडता है ।

🙏ओम् शांति🙏

💐आपका दिन शुभ हो💐

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

*जिन्दगी* खेलती भी उसी के साथ है... जो *खिलाड़ी* बेहतरीन होता है.! दर्द सबके एक जैसे हैं, मगर हौसले सबके अलग-अलग हैं। कोई हताश हो के बिखर जाता है, तो कोई *संघर्ष* करके *निखर* जाता है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
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      ओम शांति
*रिश्तों को शब्दों का ,* 

  *मोहताज  ना बनाइये ..* 

*अगर अपना कोई खामोश हैं तो* 

*खुद ही आवाज लगाइये ..!!*
      ओम शांति
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ॐ शांति
,,,,,परमात्मा हमे क्या देगा ?ये कई लोग सोचते है।वास्तव में कोई कुछ नही देगा जैसे हम बच्चोंको क्या देते है-अछि सोच,अच्छे विचार,अच्छे संस्कार,अछि शिक्षा विगेरे,,,विगेरे,,,,,लेकिन क्यों ?कोई भी ये नही सोचता मेरा बच्चा बड़ा लोफर बने !!!!वैसे ही हमारे शरीर का इंचार्ज हमारी आत्मा है । आत्मा भी कभी नहीं चाहती मेरा देह गलत मार्ग अपनाये !!!!!! लेकिन आत्मा के चाहनेसे कुछ होता नहीं है,,,उसे भी मेहनत करनी पड़ेगी,बॉडी को उस ढाँचे में तब्दील करना पड़ेगा।जो हम आध्यात्मिक-अलौकिक सत्संग याने योग-मेडिटेशन द्वारा कर सकते हो।हमे अपनी अंतरात्मा को जगाना है।कभी हमने भी सुना होगा कोई मसले पे -तुम्हारी अंतरात्मा क्या कहती है !!!ये कभी गलत नही बोलती !!!!!क्यों की अंतरात्मा की लिंक परमात्मासे होती है। 

          ॐ शांति,,,,।


♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*आज का प्रेरक प्रसंग  🏵️

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    *!! जीवन की मुस्कान !!             🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅

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एक फटी धोती और फटी कमीज पहने एक व्यक्ति अपनी 15-16 साल की बेटी के साथ एक बड़े होटल में पहुंचा। उन दोंनो को कुर्सी पर बैठा देख एक वेटर ने उनके सामने दो गिलास साफ ठंडे पानी के रख दिए और पूछा- आपके लिए क्या लाना है? 


उस व्यक्ति ने कहा- "मैंने मेरी बेटी को वादा किया था कि यदि तुम कक्षा दस में जिले में प्रथम आओगी तो मैं तुम्हें शहर के सबसे बड़े होटल में एक डोसा खिलाऊंगा। इसने वादा पूरा कर दिया। कृपया इसके लिए एक डोसा ले आओ।" वेटर ने पूछा- "आपके लिए क्या लाना है?" उसने कहा- "मेरे पास एक ही डोसे का पैसा है।" पूरी बात सुनकर वेटर मालिक के पास गया और पूरी कहानी बता कर कहा- "मैं इन दोनों को भर पेट नास्ता कराना चाहता हूँ। अभी मेरे पास पैसे नहीं है, इसलिए इनके बिल की रकम आप मेरी सैलेरी से काट लेना।" मालिक ने कहा- "आज हम होटल की तरफ से इस होनहार बेटी की सफलता की पार्टी देंगे।" 


होटल वालों ने एक टेबल को अच्छी तरह से सजाया और बहुत ही शानदार ढंग से सभी उपस्थित ग्राहकों के साथ उस गरीब बच्ची की सफलता का जश्न मनाया। मालिक ने उन्हें एक बड़े थैले में तीन डोसे और पूरे मोहल्ले में बांटने के लिए मिठाई उपहार स्वरूप पैक करके दे दी। इतना सम्मान पाकर आंखों में खुशी के आंसू लिए वे अपने घर चले गए।      


समय बीतता गया और एक दिन वही लड़की I.A.S. की परीक्षा पास कर उसी शहर में कलेक्टर बनकर आई।उसने सबसे पहले उसी होटल में एक सिपाही भेज कर कहलाया कि कलेक्टर साहिबा नास्ता करने आयेंगी। होटल मालिक ने तुरन्त एक टेबल को अच्छी तरह से सजा दिया।यह खबर सुनते ही पूरा होटल ग्राहकों से भर गया।


कलेक्टर रूपी वही लड़की होटल में मुस्कुराती हुई अपने माता-पिता के साथ पहुंची। सभी उसके सम्मान में खड़े हो गए। होटल के मालिक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया और ऑर्डर के लिए निवेदन किया। उस लड़की ने खड़े होकर होटल मालिक और उस वेटर के आगे नतमस्तक होकर कहा- "शायद आप दोनों ने मुझे पहचाना नहीं। मैं वही लड़की हूँ जिसके पिता के पास दूसरा डोसा लेने के पैसे नहीं थे और आप दोनों ने मानवता की सच्ची मिसाल पेश करते हुए मेरे पास होने की खुशी में एक शानदार पार्टी दी थी और मेरे पूरे मोहल्ले के लिए भी मिठाई पैक करके दी थी। आज मैं आप दोनों की बदौलत ही कलेक्टर बनी हूँ। आप दोनों का एहसान मैं सदैव याद रखूंगी। आज यह पार्टी मेरी तरफ से है और उपस्थित सभी ग्राहकों एवं पूरे होटल स्टाफ का बिल मैं दूंगी। कल आप दोनों को "" श्रेष्ठ नागरिक "" का सम्मान एक नागरिक मंच पर किया जायेगा।  


*शिक्षा-*

किसी भी गरीब की गरीबी का मजाक  बनाने के बजाय उसकी प्रतिभा का उचित सम्मान करें। संभव है आपके कारण कोई गुदड़ी का लाल अपनी मंजिल तक पहुंच जाए।



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