*श्याम नगर ग्राम में संस्कृत संभाषण शिविर में विविध कार्यक्रम आयोजित*
*श्याम नगर ग्राम में संस्कृत संभाषण शिविर में विविध कार्यक्रम आयोजित*
राजिम
गरियाबंद जिले के आदर्श ग्राम श्यामनगर में दिनांक 13 जुलाई से दिनांक 23 जुलाई तक 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर आयोजित हुआ। जिसमें संस्कृत भारती के प्रशिक्षक हेमंत साहू के सानिध्य में पूरे श्यामनगर के बालक बालिकाओं तथा युवाओं को तीन पालियों में संस्कृत भाषा का प्रशिक्षण दिया गया, प्रतिदिन प्रातः 6:00 से 7:00 बजे तक लगभग एक घंटे युवा वर्ग को योगाभ्यास एवं संस्कृत संभाषण को अच्छे ढंग से अभिनय एवं वार्तालाप के माध्यम से सिखाया गया साथ ही बाल वर्ग को संस्कृत संभाषण प्रातः 8 से 9.30 तक खेल खेल के माध्यम से संस्कृत संभाषण,अभिनय वस्तुओं के नाम संस्कृत में,एवं छोटे-छोटे वाक्य प्रयोग कर संस्कृत भाषा में सिखाया गया एवं सायंकालीन ग्राम धुमा में संस्कृत प्रशिक्षण अनवरत जारी रहा जिसका विधिवत समापन किया गया इस प्रकार अंतिम दिवस प्रशिक्षार्थी ने बहुत ही सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें गांव के बच्चों द्वारा गीत,नृत्य एवं अभिनय संस्कृत भाषा में किया गया साथ ही कार्यक्रम का संचालन योगेश साहू द्वारा संस्कृत भाषा में किया गया।
इस अवसर पर चंद्रशेखर साहू जिला पंचायत सदस्य गरियाबंद द्वारा अपने वक्तव्य में संस्कृत भाषा की महत्ता का बखान किया और कहा कि संस्कृत भाषा को देववाणी कहा गया है लेकिन वर्तमान परिपेक्ष्य में यह देववाणी संस्कृत भाषा सिर्फ धार्मिक कर्मकांड की भाषा बनकर रह गई है इसे उभारने का हम सबको सामूहिक प्रयास करना चाहिए।यह 10 दिवसीय संस्कृत भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी प्रयोजन का अंग है,ऐसे आयोजनों के माध्यम से हमारी देववाणी को लोकवाणी बनाने के लिए हमें संकल्पवान होना होगा।उन्होंने कहा कि आज अंग्रेजी भाषा को वैश्विक स्तर पर उपयोग किया जाता है लेकिन विश्व के अनेक देशों में अंग्रेजी में वक्तव्य का लय अलग अलग होता है लेकिन विश्व के किसी भी हिस्से में जहाँ पर संस्कृत भाषा उपयोग होती है वहाँ सभी स्थानों पर एक ही लय में एक ही तरीके से संस्कृत भाषा का उच्चारण किया जाता है यह संस्कृत भाषा की प्राचीनता को सिद्ध करती है। उक्त कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत सहकार्यवाह गोपाल यादव द्वारा वक्तव्य में कहा कि संस्कृत भाषा देव भाषा है, संस्कृत भाषा से ही सभी भाषा की उत्पत्ति हुई है। इसलिए संस्कृत भाषा विश्व के समस्त भाषाओं की जननी है। विज्ञान और टेक्नोलॉजी के युग में भी संस्कृत भाषा को ही कंप्यूटर के लिए प्रयुक्त करने के लिए सबसे उपयुक्त माना गया। पूरी दुनिया में आज अमेरिका और ब्रिटेन के अनेक विश्वविद्यालयों में संस्कृत भाषा के पठन पाठन और अध्यापन कार्य किया जा रहा है जिससे हमारी भारतीय संस्कृति का प्रसार हो रहा है।सरपंच दुर्गाछन्नू साहू ने कहा कि संस्कृत सिर्फ भाषा ही नहीं बल्कि भारत और भारतीयता की प्राण है। समाज मे संस्कारों के बीजारोपण और सामाजिक उत्थान में संस्कृत भाषा का ही महत्वपूर्ण योगदान है।उक्त कार्यक्रम में कृषलाल साहू,मध्य क्षेत्र सह बौद्धिक प्रमुख नागेन्द्र वशिष्ट,सक्षम प्रान्त संगठन मंत्री रामजी राजवाड़े,जिला संघ चालक रूपेंद्र साहू,विहिप जिला मंत्री डिगेश्वर वर्मा, प्रेम साहू,कोमल साहू,विवेकानंद साहू,अनिल साहू,सुनील साहू,देवेंद्र साहू,चंद्रकांत,चंद्रभूषण साहू,रामेश्वर साहू,मुकुंद मुरारी,रोमन,ओमकार साहू,कमलेश यादव,जितेंद्र साहू,पवन,मनोज साहू,दुर्गेश साहू,इशु,रंजीत पटेल एवं सभी ग्रामवासी सम्मिलित हुए।


