*रोका-छेंका कार्यक्रम के तहत विभिन्न ग्रामों में लगाए गए पशु चिकित्सा शिविर*
*रोका-छेंका कार्यक्रम के तहत विभिन्न ग्रामों में लगाए गए पशु चिकित्सा शिविर*
जितेंद्र महमल्ला /धमतरी
प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना (नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी) के तहत रोका-छेंका कार्यक्रम के पहले दिन आज पशुधन विकास विभाग द्वारा जिले के विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। उप संचालक पशुधन विकास डाॅ. एमएस बघेल ने बताया कि रोका छेंका कार्यक्रम के तहत जिले के गौठानों में विभाग की ओर से पशु चिकित्सा शिविर आज से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इसके पहले दिन आज धमतरी विकासखण्ड के ग्राम दरगहन एवं बरारी, नगरी के छिपली एवं घठुला, मगरलोड के सौंगा, बुड़ेनी, आमाचानी तथा कुरूद विकासखण्ड के ग्राम हथबंद, चटौद, कोड़ेबोड़, सिहाद तथा कुहकुहा गौठान में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। जिले में आज कुल 2510 पशुओं को गलघोंटू एवं एकटंगिया बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण किया गया तथा 720 पशुओं का उपचार कर दवाइयां वितरित की गई।
साथ ही उक्त सभी गौठानों की समितियों में पशुपालकों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की जानकारी भी दी गई। यह भी बताया गया कि उक्त कार्यक्रम के तहत मवेशियों को सुबह से शाम तक गौठान में रोककर रखे जाने का कार्य किया जाता है जिससे गांव खुले में चराईमुक्त बन सके। रोका छेका छत्तीसगढ़ की प्राचीन परम्परा है जिसके जरिए एक ओर जहां फसलों की चराई को नियंत्रित किया जाता था। उक्त परिपाटी को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पुनस्थार्पित करने तथा गौठानों का संवर्द्धन करने का कार्य किया जा रहा है। उप संचालक ने बताया कि कुरूद के ग्राम कोड़ेबोड़ में आयोजित पशु चिकित्सा शिविर में पशुधन विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. शंकरलाल उइके शामिल होकर पशुपालकों को आवश्यक जानकारियां दी तथा रोका-छेका के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर काफी संख्या में पशुपालक, ग्रामीण जन एवं विभाग के मैदानी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।

