अब फिर से गांव के बरामदों में पाठशाला लगने लगी है,सरकार ने मोहल्ला क्लास की जो अनुमति दी है, इससे सुदूर वनांचल के गाँवो में बड़ी राहत मिली
अब फिर से गांव के बरामदों में पाठशाला लगने लगी है,सरकार ने मोहल्ला क्लास की जो अनुमति दी है, इससे सुदूर वनांचल के गाँवो में बड़ी राहत मिली
जयलाल प्रजापति/नगरी
...सरकार ने मोहल्ला क्लास की जो अनुमति दी है, इससे सुदूर वनांचल के गाँवो में बड़ी राहत मिली है, ऐसे इलाको मोबाइल नेटवर्क नही होने से दो साल से शिक्षण बन्द था, अब कोर्स कवर करने बच्चे और शिक्षक जमकर पसीना बहा रहे है।
- ... ये नज़ारा है धमतरी जिला मुख्यालय से करीब 110 किलोमीटर दूर, खुदुर पानी और भैसा मुड़ा गांव का, जहाँ मोहल्ला क्लास चल रही है। देखिए कि बच्चे कितने ध्यान और लगन से पढ़ाई कर रहे है।
कोरोना की दो लहर और कई दौर के लॉक डाउन ने स्कूलिंग और शिक्षा को बड़ा नुकसान पहुँचाया है, हालांकि सरकार सभी को जनरल प्रोमोशन देकर पास करती जा रही है लेकिन, सिलेबस वाइस तो बच्चे पिछड़े हुए ही हैं, ऑनलाइन क्लास से कुछ रिकवरी जरूर हुई है, लेकिन उन इलाकों में तो रत्ती भर पढ़ाई नही हो पाई जहाँ न मोबाइल नेटवर्क है और न ही स्मार्ट फोन, धमतरी जिले में भी ऐसे गांव बड़ी संख्या में है जहाँ आज तक मोबाइल नेटवर्क नही है, लिहाजा लोगो के पास स्मार्ट फोन भी नही है, अब ऐसे इलाको में मोहल्ला क्लास शुरू होने से शिक्षण ने गति पकड़ी है, दो साल से बच्चे स्कूल जाने को तरस गए थे, ऑनलाइन क्लास भी नही हो पाई शिक्षक भी अपने विद्यार्थियों के लिए परेशान थे, अब फिर से गांव के बरामदों में पाठशाला लगने लगी है, कोशिश हो रही है कि, जितना पिछड़ गए थे वो दूरी तेजी से तय कर ली जाए, इस कोशिश में जितना बच्चे मेहनत कर रहे है, शिक्षक भी उतना ही पसीना बहा रहे हैं।


