आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..06-08-2021*..🎋


✍🏻स्वयं का बचाव करने के लिए कभी दूसरों पर दोषारोपण मत करें क्योंकि समय के पास सत्य को प्रकट करने का अपना तरीका है।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻विज्ञान कहता है कि जीभ पर लगी चोट सबसे जल्दी ठीक हो होती हैं, और ज्ञान कहता है कि जीभ से लगी चोट कभी भी ठीक नहीं हो सकती।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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🙏 *ॐ शांति* 🙏

*सम्मान* के लिये *संघर्ष* अवश्य करें पर अधर्म का साथ न दें ... *अधिकार* के लिये अवश्य *लड़ें*... किंतु जिस पर अधिकार नहीं ... उसका *मोह* न करें ...

🌸 सुप्रभात ...

💐💐 आपका दिन शुभ हो ... 💐💐
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संत समझाते हैं जैसे बहते पानी में अपना चेहरा दिखाई नहीं देता, हिल रही सुई में धागा नहीं पिरोया जा सकता वैसे ही जब तक मन पूरी तरह स्थिर ना हो प्रभु से नहीं जुड़ सकता, मन को वश में करना बहुत बड़ी विजय है
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*06 अगस्त:-*_ मेहनत से छुटना है तो मोहब्बत के जुले में जुलते रहो।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*"सच्चाई और अच्छाई की तलाश में पूरी दुनियां घूम ले, अगर वो हमारे अंदर नही है तो कहीं नहीं है।"*
      ओम शांति
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*उत्तम से सर्वोत्तम*

*वही हुआ है...*

*जिसने बड़ा दिल*

*रखकर आलोचनाओं*

*को सुना और सहा है।*
        ओम शांति
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*खुशी के लिए काम करोगे तो*

            *ख़ुशी नहीं मिलेगी,*

*लेकिन खुश होकर काम करोगे,*

    *तो ख़ुशी और सफलता दोनो*ं

                  *ही मिलेगी !*
    ओम शांति
🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻🌹🙏🏻
🙏 *ॐ शांति* 🙏

*भगवान* ने हमें दो हाथ सिर्फ *प्रार्थना* करने के लिये ही नहीं... बल्कि *प्रयत्न* करने के लिये भी दिये हैं। सिर्फ हाथों को जोड़े रखने से कुछ नहीं होगा.... हमें इनका *उपयोग* कर *प्रयास* करना चाहिये।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l*

 ♥ मीठे बच्चे आत्म चिंतन और आत्मा के रिलाइजेशन से ही, परफेक्ट होता जाएगा हर एक्शनl 🧎🏻

🇲🇰ऑलमाइटी अथॉरिटी बाप का है यह डायरेक्शन l यहीं के उनकी शिक्षाएं और शिक्षणl जिससे जीवन में आते हैं, सर्व गुणों के लक्षणl फिर सहज चलता रहेगा, चक्र स्वदर्शन l🎯

 🥇कभी नहीं होगा पर चिंतन पर दर्शन l हर कर्म में आती जाएगी, परफेक्शनl तन पर भी नहीं होगा, किसी चीज का रिएक्शन l🥌

 🎧आत्म स्वरूप में रहने का, सदा रहेगा अटेंशनl वृत्ति, दृष्टि, स्मृति का, निरंतर होता रहेगा निरीक्षण l 🏌🏻‍♂️

🇲🇰मीठे बाबा से ही, सदा जुड़ा रहेगा कनेक्शन l सर्वशक्तिमान बाप का हर परिस्थिति में मिलता रहेगा सरंक्षण l👨‍👨‍👧‍👧


♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


👉🏿अंहकार की सजा 🏵️

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एक बहुत ही घना जंगल था। उस जंगल में एक आम और एक पीपल का भी पेड़ था। एक बार मधुमक्‍खी का झुण्‍ड उस जंगल में रहने आया, लेकिन उन मधुमक्‍खी के झुण्‍ड को रहने के लिए एक घना पेड़ चाहिए था। 

रानी मधुमक्‍खी की नजर एक पीपल के पेड़ पर पड़ी तो रानी मधुमक्‍खी ने पीपल के पेड़ से कहा, हे पीपल भाई, क्‍या में आपके इस घने पेड़ की एक शाखा पर अपने परिवार का छत्‍ता बना लु?


पीपल को कोई परेशान करे यह पीपल को पसंद नही था। अंहकार के कारण पीपल ने रानी मधुमक्‍खी से गुस्‍से में कहा, हटो यहाँ से, जाकर कहीं और अपना छत्‍ता बनालो। मुझे परेशान मत करो।


पीपल की बात सुन कर पास ही खडे आम के पेड़ ने कहा, पीपल भाई बना लेने दो छत्‍ता। ये तुम्‍हारी शाखाओं में सुरक्षित रहेंगी।


पीपल ने आम से कहा, तुम अपना काम करो, इतनी ही चिन्‍ता है तो तुम ही अपनी शाखा पर छत्‍ता बनाने के लिए क्‍यों नही कह देते?


इस बात से आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी रानी से कहा, हे रानी मक्‍खी, अगर तुम चाहो तो तुम मेरी शाखा पर अपना छत्‍ता बना लो।


इस पर रानी मधुमक्‍खी ने आम के पेड़ का आभार व्‍यक्‍त किया और अपना छत्‍ता आम के पेड़ पर बना लिया।


समय बीतता गया और कुछ दिनो बाद जंगल में कुछ लकडहारे आए उन लोग को आम का पेड़ दिखाई दिया और वे आपस में बात करने लगे कि इस आम के पेड़ को काट कर लकड़िया ले लिया जाये।


वे लोग अपने औजार लेकर आम के पेड़ को काटने चले तभी एक व्‍यक्ति ने ऊपर की और देखा तो उसने दूसरे से कहा, नहीं, इसे मत काटो। इस पेड़ पर तो मधुमक्‍खी का छत्‍ता है, कहीं ये उड गई तो हमारा बचना मुश्किल हो जायेगा।


उसी समय एक आदमी ने कहा क्‍यों न हम लोग ये पीपल का पेड़ ही काट लिया जाए इसमें हमें ज्‍यादा लकड़िया भी मिल जायेगी और हमें कोई खतरा भी नहीं होगा।


वे लोग मिल कर पीपल के पेड़ को काटने लगे। पीपल का पेड़ दर्द के कारण जोर-जोर से चिल्‍लाने लगा, बचाओ-बचाओ-बचाओ….


आम को पीपल की चिल्‍लाने की आवाज आई, तो उसने देखा कि कुछ लोग मिल कर उसे काट रहे हैं।


आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी से कहा, हमें पीपल के प्राण बचाने चाहिए….. आम के पेड़ ने मधुमक्‍खी से पीपल के पेड़ के प्राण बचाने का आग्रह किया तो मधुमक्‍खी ने उन लोगो पर हमला कर दिया, और वे लोग अपनी जान बचा कर जंगल से भाग गए।


पीपल के पेड़ ने मधुमक्‍खीयो को धन्‍यवाद दिया और अपने आचरण के लिए क्षमा मांगी।


तब मधुमक्‍खीयो ने कहा, धन्‍यवाद हमें नहीं, आम के पेड़ को दो जिन्‍होने आपकी जान बचाई है, क्‍योंकि हमें तो इन्‍होंने कहा था कि अगर कोई बुरा करता है तो इसका मतलब यह नही है कि हम भी वैसा ही करे।


अब पीपल को अपने किये पर पछतावा हो रहा था और उसका अंहकार भी टूट चुका था। पीपल के पेड़ को उसके अंहकार की सजा भी मिल चुकी थी।


*शिक्षा:- हमे कभी अंहकार नही करना चाहिए। जितना हो सके, लोगो के काम ही आना चाहिए, जिससे वक्‍त पड़ने पर तुम भी किसी से मदद मांग सको। जब हम किसी की मदद करेंगे तब ही कोई हमारी भी मदद करेगा।*



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