नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र पात्रे के विरुद्ध गौहत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज करने की मांग,एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की स्थिति में उग्र आन्दोलन की चेतावनी
नगरपालिका सीएमओ राजेंद्र पात्रे के विरुद्ध गौहत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज करने की मांग,एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की स्थिति में उग्र आन्दोलन की चेतावनी
नवापारा नगर
गौमाताओं को गुपचुप तरीके से जंगल में छुड़वाने का प्रयास करने वाले पालिका सीएमओ के विरुद्ध गौहत्या के प्रयास की एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर भाजपा मंडल नवापारा द्वारा आज थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया है . भाजपा कार्यकर्ता आज दोपहर मंडल अध्यक्ष उमेश यादव के नेतृत्व में थाना पहुंचे और थाना प्रभारी कृष्णचंद सिदार को ज्ञापन सौंपकर सीएमओ राजेंद्र पात्रे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की . साथ ही शीघ्र मामले में जांच उपरांत एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने की स्थिति में उग्र आन्दोलन की चेतावनी दी गई है . इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश यादव, भाजपा पार्षद दल के नेता प्रसन्न शर्मा,महामंत्री नवल साहू,वरिष्ठ पार्षद बॉबी चावला,अजीत चौधरी, पूर्व पार्षद रूपेंद्र चंद्राकर,भूपेंद्र सोनी,भाजयुमो अध्यक्ष नागेन्द्र वर्मा, सौरभ जैन, हितेश मंडई, कैलाश तिवारी, मीडिया प्रभारी ईश्वरी देवांगन, मुकेश निषाद ,वीरेंद्र साहू, महिला मोर्चा अध्यक्ष अन्नपूर्णा देवांगन, महामंत्री नीता धीवर, हर्षा कंसारी, किरण सोनी सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
ज्ञापन के संबंध में मंडल अध्यक्ष उमेश यादव ने बताया कि 29 जुलाई को तहसील कार्यालय गोबरा नवापारा में एसडीएम अभनपुर निर्भय साहू के नाम नायब तहसीलदार लखेश्वर किरण को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में सीएमओ राजेंद्र पात्रे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाने की मांग की गई थी . लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी मामले में एफआईआर तो दूर जांच कार्यवाही भी प्रारंभ नहीं की गई है . साथ ही एसडीएम साहू से चर्चा करने पर उनके जवाब से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मामले को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया जा रहा है . यही वजह है कि आज अपने वरिष्ठ नेताओं से सलाह-मशविरा कर उनके निर्देश पर भाजपा मंडल द्वारा सीधे थाने में आवेदन देकर सीएमओ पात्रे के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है . इसके अलावा सम्पूर्ण प्रकरण को तमाम साक्ष्यों के साथ गौसेवा आयोग के अध्यक्ष महंत श्यामसुंदर दास को भी अवगत कराया जाएगा . अगर शीघ्र कार्यवाही नहीं की जाती तो अपने शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर भाजपाई पालिका घेराव, थाना घेराव, नगर बंद व चक्काजाम जैसे आन्दोलन करने के लिए भी तैयार हैं .
ये है मामला – 29 जुलाई को लगभग 100 बेजुबान गौ माताओं को 8 लोग राजिम-फिंगेश्वर मार्ग की ओर ले जा रहे थे . राजिम तहसील कार्यालय के पास सिद्धेश्वरानन्द जी महाराज और राजिम क्षेत्र के हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गौ तस्करी की आशंका पर जब मवेशियों और उन्हें हांकते ले जा रहे लोगों को रोककर पूछताछ की तो उन लोगों ने बताया कि वे सभी नगरपालिका परिषद गोबरा नवापारा के कर्मचारी हैं और सभी मवेशी गोबरा नवापारा के अस्थायी गौठान/कांजी हाउस में रखे गए थे, जिन्हें सीएमओ साहब के आदेश पर जंगल में छोड़ने जा हैं . इसके बाद सिद्धेश्वरानन्द जी महाराज और हिन्दू संगठ्नों के कार्यकर्ताओं ने इसे अमानवीयता करार देते हुए कर्मचारियों को गौ माताओं को वापिस गोबरा नवापारा के अस्थायी गौठान/कांजी हाउस ले जाने की बात कहते हुए खुद उनके साथ-साथ अस्थायी गौठान/कांजी हाउस तक छोड़ने आये थे . इस दौरान राजिम पुल पर मामले की जानकारी होने पर पहुंचे मीडियाकर्मियों ने जब कर्मचारियों से पूछा तो उस वक्त उन्होंने सीएमओ की जगह कर्मचारी रोशन साहू के निर्देश का हवाला दे दिया था . भाजपा मंडल नवापारा को जब इस मामले की जानकारी हुई तो भाजपाइयों द्वारा इसे गौ हत्या का कुत्सित प्रयास निरुपित करते हुए इसके लिए सीएमओ राजेंद्र पात्रे को दोषी बताते हुए उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने उसी दिन एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंप दिया गया था ।
