50 किसानों के लगभग 50 लाख का भुगतान बाकी ........व्यापारी 1 महीने से फरार..…... किसान अपने परिवार के इलाज तथा मजदूरी भुगतान व नवाखाई के लिए उधारी लेने को मजबूर ........अपनी बकाया राशि हेतु किसान भटक रहे
50 किसानों के लगभग 50 लाख का भुगतान बाकी ........व्यापारी 1 महीने से फरार..…... किसान अपने परिवार के इलाज तथा मजदूरी भुगतान व नवाखाई के लिए उधारी लेने को मजबूर ........अपनी बकाया राशि हेतु किसान भटक रहे
तेजस्वी यादव/ छुरा -
-नगर के आसपास के लगभग 50 किसानों का 50लाख का धान खरीद कर व्यापारी विगत 1 माह से गायब है और किसान अपने राशि के लिए के लिए भटक रहा है, किसी को अपने पिताजी का इलाज कराना है, किसी को तीजा सहित नवाखाई की तैयारी करनी है, तथा कुछ लोगों को रबी फसल की मजदूरी आदि का भुगतान करना है, किंतु किसानों का भुगतान नहीं होने की वजह से सभी किसान भटक रहे ,हैं उन्हें आशा है कि उक्त व्यापारी को पकड़कर प्रशासन किसानों की राशि अवश्य दिलवाएगी , ज्ञात हो कि गिरधारी वाधवानी पिता पंजु मल वाधवानी, माता शिला देवी राजनांदगांव जो वर्तमान में वैशाली पांडे के मकान में रहकर मार्केटिंग सोसायटी के गोदाम में किराना व धान का व्यापार कर रहा था, जो किसानों को रबी की फसल अधिक दर पर खरीद कर किसानों को भुगतान करता था, किंतु लगभग 50 किसानों के 50 लाख का भुगतान लेकर अचानक गायब हो गया ,इस संबंध में किसानों ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ,विधायक अमितेश शुक्ल ,जिले के कलेक्टर, एसपी सहित थाने में आवेदन देकर व्यापारी को पकड़कर धान के राशि प्रदान करने की मांग की है किंतु विगत 1 माह के बाद भी आज तक इस दिशा में कोई भी कार्यवाही नहीं हो पाई है, ज्ञात हो कि उक्त व्यापारी राइस मिल में काम करने हेतु आया था किंतु अचानक धान खरीदी व किराना का व्यापार प्रारंभ करके क्षेत्र के भोले-भाले किसानों को अधिक दर धान कर भुगतान करने का झांसा देकर 50लाख का भुगतान बाकी कर फरार हो गया है, सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इतने बड़े धान की खरीदी के बावजूद भी उनके पास में मंडी का लाइसेंस है और ना ही किसी प्रकार का धान खरीदी करने की अनुज्ञा है, इतने खरीदने के पश्चात भी प्रशासन काध्यान नही देना भी संदेह को जन्म देती है ,रबी फसल के समय जब पूरा बाजार सरना 12 सौ में खरीद रहा था तब वह 1400 में खरीद रहा था ,इसी तरह प्रत्येक खरीदी पर ₹100 प्रति कुंटल बढ़ाकर खरीदने के कारण अधिकांश किसान अपने उत्पादन का अधिक मूल्य के आस में धान बेचा है, ज्ञात हो कि उक्त व्यापारी लगभग 19-20 में छुरा में आया था और अधिक दर पर धान खरीद कर भुगतान कर किसानों का विश्वास जीता और दूसरे साल बिना भुगतान किए हैं गायब हो गया है ,इस संबंध में किसान अपनी राशि हेतु भटक रहे हैं।
