आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..01-09-2021*..🎋


✍🏻ज़िंदगी को अगर खुल कर जीना है तो थोडा सा झुक कर जियो, तब देखो फिर, ये ईश्वर आपको कितना ऊँचा उठा देंगा।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι*🌷

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻जहां प्रेम, दया विश्वास जैसे आपके सच्चे मित्र रहेंगे, वहां क्रोध, अहंकार, घमंड जैसे मतलबी मित्र आपके आसपास भी नहीं भटकेगे।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*01 सितम्बर:-*_ समजदार वह है जो मनसा वाचा कर्मणा तीनो सेवाएं साथ साथ करते है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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इंसान कहता है ईश्वर नजर क्यों नहीं आता ?
पर सच्चाई यह है कि जब जीवन में कोई साथ नहीं देता तो सिर्फ वही साथ होता है | इसलिये प्रार्थना कर |
      ओम शांति
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*“सोच ये ना रखें की  मुझे रास्ता अच्छा मिले,*
*बल्कि*
*ये होना चाहिए कि मैं जहां पाव रखूं वो रास्ता अच्छा हो जाए;*

       ओम शांति
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अनमोल वचनः

हर दिन,हर पल,हर कर्म ... हम यह सोच कर करें कि अभी यह शरीर छूट जाये तो हमारे साथ क्या जायेगा ...? तो बुरे कर्मों से तौबा करना सहज हो जायेगा।

🙏ओम् शांति🙏

💐आपका दिन शुभ हो💐

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❤️ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l ♥ 

👯🏻‍♀️मीठे बच्चे देह अभिमानी मनुष्य आत्मा, देह की इच्छाओं और आवश्यकताओं की पूर्ति करने में ही लगा रहता l 👆🏻

🧛🏼‍♂️जिस कारण से उसे आत्म स्वरूप, वा परमात्मा पिता में स्थित होना, कठिन लगता l 👳🏻‍♂️

👨🏻‍🦳जो आत्मा परमात्मा और सृष्टि चक्र का है, चिंतन करता l वही सहज राजयोग का, सहज अभ्यास कर सकता l हमें अपने भीतर जाने नहीं देती है, बह्यमुख्ता l 🧎🏻

🧭आत्मा का वास्तविक, एक परमात्मा से ही है रिश्ता l एक परमात्मा की याद से ही मिलती है आत्मा को संतुष्टता l उनके प्यार में ही है, लवलीनता, पवित्रता l 🌝

🙏🏼जिससे ही आत्मा को, तृप्ति का अनुभव होता l देह का कोई भी संबंध, पदार्थ, साधन आत्मा को सदा तृप्त नहीं कर सकता l ☺️

🤷🏻‍♀️उल्टा इसमें जो फंस जाता, उसके लिए याद का सफर, मुश्किल हो जाता l मन बुद्धि में नहीं रहती है एकाग्रता l 👀

😀सर्व सुखों की   संपूर्णता, सर्व ईश्वरीय प्राप्तियो की  संपूर्णता, प्राप्त कराता है, एक ही परमात्मा पिता l बाकी निमित्त मात्र है, सारे साधन सुविधा, रिश्ता नाता l 👯🏻‍♀️

💥मन बुद्धि से जो आत्मा, इनसे न्यारा रहता l उसके ही जीवन में आती है संपूर्ण पावनता l🧎🏻

❤️ उसका जीवन है सारे विश्व के लिए, रूहानी गुलाब महकता l वही बनता है फरिश्ता l यही है इस दिव्य जन्म की वास्तविकता l ♥
🙏 *ॐ शांति* 🙏

सन्तुष्टता आत्मा का निजी गुण है, बाहरी चमक-दमक इसका *स्रोत* नहीं... बल्कि *सन्तुष्टता* की शक्ति संसार की हर तरह की प्राप्ति का आधार बन सकती है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐

♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*कहते है दान तसुपात्रों को करना चाहिए* 🏵️

एक  सहर में

🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅🔅

👳‍♂️ *सेठ जयचन्द जैन* रहते थे एक बार गाँव में  अकाल पड़ा जब 2 महीनो बाद लोगो के पास खाने को अन्न नहीं रहा ।

तब

🤴 *राजा मानसिंह* 

ने 📢 मुनादी करवाई की जो सेठ साहूकार सक्षम है  वो अन्न, धन दान करे और राजकोष में  धन- अन्न🥜💰 जमकरवाये।


*सेठ जय चंद*👳‍♂️

 🥜💰🥜

*1000 क्विटल, गेहूं 500 किविंटल दाल, 1000 किलो घी, 2000 किलो तेल और 5000 स्वर्ण मुद्राएं दान दी।*


🙌 *5 माह बाद अकाल पूर्ण हुआ।*


और सेठ को पता चला की उनके पास  *जैन मंदिर* जहाँ वो दर्शन के लिए जाते थे उसके 👴🏻 *पुजारी के 2 बेटे* 👶🏻👩🏻‍🦲भूख से मर गए।


उसके 🏤 कोठी के पास का लगदुमल जो सेठ के बचपन का दोस्त था उसने भुखमरी से दम तोड़ दिया🥴।⚰️


यह सुनकर उसे

⚔️ *राज तंत्र* ⚔️पर बहुत रौष ♨️😡♨️आया वह 


🤴राजा के पास गया 🕌और राजा से कहा

💁🏻‍♂️ कि मैंने इतना दान दिया पर दान की चीज़े मेरे आस पास तक नहीं  पहुँची।


🤴 *राजा बोले:-*  "हे दानवीर आप के दान की मैं प्रशंसा करता हूँ किन्तु राज्य का विस्तार इतना बड़ा है कि जो हम तक और हम जिन तक पहुंच पाये हमने मदद कि कितुं

आपके आस पास के लोग भुखमरी से मरे उसका कारण शायद यह हो सकता है।


🧐 *आपके रिश्तेदार, नौकर-चाकर, मंदिर का माली, पुजारी और मित्र  और संमाज के लोग आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे और शायद वो आपसे कहने में हिचकिचा रहे हो।?*


अतः आपको राजकोष दान तो देना चाहिए था किंतु अगर आप उसका 20% अपने आस पास के लोगों को करते तो आपको ज़्यादा संतुष्टि मिलती।



*मित्रो यही स्थिति हमारी है।*


हमें पहले घर

हमारे कर्मचारी

फिर पड़ोस

फिर मोहल्ला

फिर मंदिर के लोग

फिर हमारे रिश्तेदार

फिर शहर

फिर प्रदेश

फिर देश

फिर विश्व


*अपनी प्राथमिकता निर्धारित करे*

 और 👳‍♂️ *सेठ जयचन्द* जैसी गलती करने से बचे।

प्राथमिकता आपको आपके दान की आत्मसंतुष्टि देगा और 

*यही मानवता और देश के प्रति आपकी संजीवनी सच्ची ज़िम्मेदारी होगी।*🙏



🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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