*पहली बार मंच से पंडितों के मन की पीड़ा को महिला विधायक ने किया व्यक्त*
*एक तरफ पूजा पाठ दूसरी तरफ मटन मुर्गा पार्टी पंडितों के लिए होती है पीड़ादायक*
*पहली बार मंच से पंडितों के मन की पीड़ा को महिला विधायक ने किया व्यक्त*
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां
पंडित कभी किसी से मांगते नहीं है बल्कि स्वेच्छा से मिला दान लेते है बदले में जहां भी जाते है पूजा पाठ कर उन्हें ज्ञान देकर ही आते है सुख शांति समृद्धि का वातावरण उनके घर व संस्थानों में तैयार कर आते हैं लेकिन कभी किसी ने पंडितों की पीड़ा को जानने का प्रयास नही किया।
यह बात धरसीवां क्षेत्र की कांग्रेस विधायक श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा ने कही वह रविवार को छत्तीसगढ़ प्रांतीय अखंड ब्राह्मण समाज के तीज मिलन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी
पंडितों के मन की पीड़ा को मंच से व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि किसी के खान पान के बारे में मैं कभी कुछ नही बोलती लेकिन जब अवसर मिलता है तो मैं छोड़ती नही है।
*एक तरफ पूजा दूसरी तरफ मांस मटन*
विधायक श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा की ग्रामीण अंचलों में अक्सर रामायण पूजा पाठ या छट्टी कार्यक्रमो में पंडितों को बुलाया जाता है लेकिन पंडित जब पहुचते हैं तो उनका मन बहुत दुखी होता है एक तरफ पूजा पाठ दूसरी तरफ वहां मांस मटन मदिरा मुर्गा पार्टी चलती रहती है अब दोनो में से एक ही काम कर लें तो अच्छा अक्सर कहीं कहीं छट्टी कार्यक्रमो में मैं भी पहुचती हूँ तो ये देखकर मन को बहुत पीड़ा होती है कि जो हमारी भारतीय संस्कृति का हिस्सा नही वहां वो चलता रहता है एक तरफ तो पंडित पूजा पाठ कर रहा दूसरी तरफ मांस मटन मुर्गा मदिरा पार्टी पंडित को कितनी पीड़ा होती है इसका अंदाजा भी नही लगाया जा सकता बाबजूद इसके पंडित उनके यहां पूजा पाठ करते है उनकी सुख समृद्धि के लिए ईश्वर से कामना करते हैं उन्हें ज्ञान देकर आते हैं।
*हे भगवान सद्बुद्धि दें*
विधायक श्रीमती अनिता योगेंद्र शर्मा ने आगे कहा कि समय ऐंसा आ गया है कि प्राचीन भारतीय धर्म सँस्कृति से भटके लोगो को मना भी नही कर सकते बोलोगे तो बुरा मानेंगे इसलिए ईश्वर से यही कामना करते हैं कि हे प्रभु राह से भटको को सद्बुद्धि प्रदान करें।

