आज का सुविचार(चिन्तन) - fastnewsharpal.com
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आज का सुविचार(चिन्तन)

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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠

🎋 *..06-09-2021*..🎋


✍🏻आध्यात्मिक मूल्य जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति हैं। यह वह शिक्षा है जो जीवन को अधिक मूल्यवान और अर्थपुर्ण बनाती है।

💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐

🌷 *σм ѕнαитι

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  💥 *विचार परिवर्तन*💥


✍🏻अतीत के बारे में अधिक मत सोचें, यह आँसू लाता है। भविष्य के बारे में भी अधिक मत सोचें, यह भय लाता है। आज के पल को मुस्कुराहट के साथ जियें, यह आनन्द लाता है।

🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹

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*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l* 

♥ मीठे बच्चे इस दुनिया की हो गई है शाम l चलना है अब सब आत्माओं को, अपने घर मुक्तिधाम l 🚨

💁🏻‍♂️सभी आत्मा रूपी सीताओं को, पावन बनाने आया हूं मैं परमपिता परमात्मा राम l त्रेता युग वाले राम सीता का, नहीं है यह काम l🚜 

🙏🏼मैं ज्योति स्वरूप परमात्मा हूं, तुम ज्योति सरूप सीताओं का राम l इसलिए मेरा गायन है, पतित पावन सीताराम l सूर्य, चांद, सितारों से भी पार है मेरा धाम l🌎 

☄️अभी महाविनाश के बाद, तुम सब आत्माओं को भी करना है वहीं पर विश्राम l जिसको ही कहते हैं, शांतिधाम, मुक्तिधाम l 🏰

🧭विकारों रूपी रावण सभी में प्रवेश होकर, हो गए हैं सभी बदनाम l अपने आप से हो गए हो, तुम बच्चे गुमनाम l🧚🏻‍♀️ 

👍🏻अपने आत्म स्वरूप को भूल कर, हो गए हो देह के गुलाम l भ्रष्ट, रोगी, पतित, दुखी हो गए, जब से आया जीवन में क्रोध और काम l 🧑🏿‍🦲

🌝आज भी आपके पावन देवी देवता जीवन को, सभी करते हैं प्रणाम l इन विकारों के कारण ही, बन गए हो साधारण, आम I🤔 

💥अगर जलाना चाहते हो सच में, इन विकारों का रावण, तो याद रहे सदा एक परमात्मा राम l 🧎🏻

🧑🏿‍🦲फिर विनाश हो जाएगा, यह रावण का दुखधाम l प्रिय भारत बन जाएगा, स्वर्ग, सुखधाम l🌟 

🤴🏻फिर से 21 जन्मों तक मिलता रहेगा, पवित्रता सुख-शांति संपन्न जीवन का आराम l🌅
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*06 सितम्बर:-*_ जैसे सूरज की रौशनी पड़ते ही सूखे पोधे भी खिल जाते है, वैसे ही परमात्मा ज्ञान प्रकाश से जीवन सदा खिल जाता है।
        🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
       🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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🙏 *ॐ शांति* 🙏

हर मनुष्य की सोच हमसे मिले, ये संभव नहीं... पर हम उन्हें उनकी सोच के साथ स्वीकार कर सकें, यही हमारी सही *पहचान* होती है।

🌸 सुप्रभात...

💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇🎇
       ओम शांति
*इस संसार में....*

*सबसे बढ़िया दवा "हँसी"*

*सबसे बड़ी सम्पत्ति "बुद्धि "*

    *सबसे अच्छा हथियार "धेर्य"*

    *सबसे अच्छी सुरक्षा "विश्वास"*

    *और आनंद की बात यह है कि*
    *"ये सब निशुल्क हैं "*
     ॐ शांति
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

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          ओम शांति
*दुःखों की धूप में , तू छांव बन कर आया है*

*मेरी हर तकलीफ को , तूने हर बार अपनाया है*

*कैसे करू तेरा शुक्रिया , मेरे श्याम जी*

*तूने ही तो मुझ जैसे कंकर , को हीरा बनाया है*🦚🏹🦚
        ॐ शांति
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼

🦚🌻🦚🌻🦚🌻🦚🌻🦚

अनमोल वचन:

किसी को अपने दिल में बसाना हो तो अपने दिल को बड़ा कीजिए...! लेकिन किसी के दिल में बसना हो तो खुद छोटे हो जाइए...!!

🙏ओम् शांति🙏 

🌻आपका दिन शुभ हो🌻
🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚
      ॐ शांति
*विद्या यानी ज्ञान जहां से भी, जिस किसी भी व्यक्ति से, चाहे वो अच्छा हो या बुरा लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। ज्ञान से हम अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। ज्ञान प्राप्त होने पर हमारे लिए कुछ भी पाना ज्यादा कठिन नहीं रह जाता, लेकिन इसके लिए जरूरी है उस ज्ञान को अपने चरित्र में उतारना ज्ञान सिर्फ सुनने तक ही सीमित नहीं है, उसे अपने आचार-विचार, व्यवहार व जीवन में उतारने पर ही हम अपने लक्ष्य को आसानी से पा सकते हैं। ज्ञान ही हमें देश-दुनिया में लगातार हो रहे बदलावों के बारे में बताता है।। इन बातों को जानकर ही हमारी मानसिकता भी बड़ी होती है। इसलिए विद्या जहां से भी मिले,उसे लेने का प्रयास करना चाहिए।।*
    ओम शांति
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♦️♦️♦️ रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️


*👉🏿कन्हैया के आभूषण *🏵️

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एक भागवत कथा वाचक🗣 ब्राह्मण एक गांव में कथा वांच रहे थे. उस दिन उन्होंने नंदलाल, कन्हैया के 😍सौंदर्य, उनके आभूषणों 🎖का बड़ा मन मोहक वर्णन किया. 

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उधर से गुजरता एक चोर भी कथा सुनने👂 बैठ गया था. उसने जब आभूषणों के बारे में सुना👂 तो उसे लालच 😜आया. 

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उस दिन की कथा समाप्त होने पर पंडितजी को खूब दक्षिणा 💰मिली जिसे गठरी बनाकर वह लिए चले. जरा सुनसान में पहुंचे तो चोर सामने आ गया👥.

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उसने पूछा कि ये श्याम मनोहर,कृष्ण कहां रहते हैं. मुझे उनके घर से गहने 💍🏅चुराने हैं. पता बताओ. 📝

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पंडितजी डर गए. उन्हें अपने सामान 💰का भय हुआ. सो उन्होंने बुद्धि 🤔लगाई और कहा कि उनका पता मेरे झोले में लिखा है. यहां अंधेरा है थोड़ा उजाले में चलो तो देखके बताऊंगा

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चोर तैयार हो गया. उसे जल्दी थी. पंडितजी ने और चतुराई की. अपना बोझा💰 उसके सिर पर लाद दिया और ऐसे स्थान पर पहुंचकर रूके जहां लोगों को आवाजाही🏃 ज्यादा थी.

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फिर उन्होंने थैले💰 में से पोथी 📔खोली, देखने 👀का स्वांग करते रहे. विचारकर🤔 बोले वृंदावन चले🚶🏿 जाओ. मुझे जब☝ कृष्ण जी मिले थे तो उन्होंने वृंदावन ही बताया था.👈 

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👤चोर संतुष्ट हो गया और पंडितजी से आशीर्वाद🙏 लेकर विदा हुआ. चोर रास्ता पूछता, भटकता 🏃वृंदावन चल पड़ा.

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रास्ते में उसने बड़ी तकलीफें सहीं. जहां-जहां भी कन्हैया के🕌 मंदिर थे, उसमें दर्शन को गया. दर्शन क्या वह तो उनके 💍आभूषणों को देखने👁 जाता कि आखिर ऐसे आभूषण 🏅होंगे कन्हैया के पास.

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आभूषण निहारने में उसने इतने मंदिरों🕌 में भगवान की इतनी छवि देख ली कि उसे खुली👀 आंखों से भी प्रभु ☝नजर आते. रात को मंदिरों में ठहर👤 जाता और वहीं कुछ प्रसाद🤑 खा लेता.

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माखन चोर भगवान आभूषण चोर पर रीझ 😍गए. चोर के मन में प्रभु के आभूषणों 💍🏅के प्रति कामना ही भा गई.💗 

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गोपाल उसे जगह-जगह दर्शन👁 देते तरह-तरह के आभूषण से सजे बालकों 👵🏼के रूप में लेकिन वह उन्हें नहीं लेता. उसे तो असली गोपाल के आभूषण🎖 चाहिए थे.

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चोर परेशान😇 कि कब वह कन्हैया के धाम पहुंचे और कन्हैया परेशान 😣कि वह इतनी दूर क्यों जा रहा है जब मैं राह में ही उसे सारे आभूषण 🏅दे रहा हूं.

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भगवान को भक्त से प्रेम 💕हुआ तो भक्त के मन में बसा चोरी का भाव अनुराग 💚में बदल गया.

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चोर गोकुल पहुंच 🚶🏿गया. एक स्थान पर नदी किनारे भगवान ने उसे गाय चराते उसी रूप में दर्शन दिया जो उसने मंदिरों में देखी थी.

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जितनी छवि देखी थी सारी एक-एक करके दिखा दी. आभूषणों के साथ. चोर उनके पैरों 👣में गिर पड़ा. 

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प्रभु ने आभूषण उतारकर दिए और बोले- लो तुम इसके लिए व्यर्थ ही इतनी दूर चले आए. मैं तो कब से तुम्हें दे रहा था. 

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चोर बोला- आपको देख👀 लिया तो आभूषणों की चमक फीकी पड़ गई. अब तो👉 आपको चुराउंगा.

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भगवान हंसे- 😃मुझे चुराओगे, कहां लेकर जाओगे ?

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चोर बोला- वह तो नहीं पता सोचकर🤔 बताता हूं लेकिन आभूषण💍नहीं चाहिए. अब तो मुझे आपकी ही लालसा है. चोर सोचता रहा, प्रभु 😄हंसते रहे. चोर ने बुद्धि दौड़ा 😇ली लेकिन कोई स्थान ही न सूझा.

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उसे चिंता थी कि इतनी मेहनत से वह इन्हें चुरा ले जाए और फिर सुरक्षा⚔ न कर पाए तो कोई और चुरा लेगा. 

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सोचते-सोचते उसे नींद😴 आने लगी. उसको उपाय सूझा – जब तक मैं निर्णय नहीं कर लेता कि आपको कहां रखूंगा, आप मुझे रोज दर्शन 😳देते रहो जिससे मुझे भरोसा रहे कि मेरी चोरी का सामान सुरक्षित है. 

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प्रभु खूब हंसे.😃 उन्होंने कहा- ठीक है ऐसा हो होगा लेकिन तुम्हें कुछ आभूषण🏅 तो लेना होगा.

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मना🖐 कर दिया. प्रभु रोज शाम उसे दर्शन👀 देते. वह अपने गांव लौट आया. 

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पंडितजी कथा वांच रहे थे. उन्हें सारी बात बताई. यकीन न हुआ तो शाम🌙 को जब प्रभु👤 दर्शन देने आए तो उनका एक आभूषण 🎖💍मांगकर दिखाया और साबित कर दिया.

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पंडितजी बोले- भाई चोर असली साधू तो तू है. मैं तो कान्हा का नाम लेकर बस कथाएं सुनाता रहा और आजीविका जुटाता रहा लेकिन तुमने तो उन्हें ही जीत  लिया।



🌷🌹🙏🙏

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