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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..16-09-2021*..🎋
✍🏻खुशियों के लिए क्यों किसी का इंतज़ार, आप ही तो हो अपने जीवन के शिल्पकार, चलो आज मुश्किलों को हराते हैं और दिन भर मुस्कुराते हैं।
💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*🌷
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻कठिनाई के समय में कुछ लोग टूट जाते हैं, जबकि कुछ नया कीर्तिमान बनाते है।अदाकार हमेशा कठिन परिस्थितियों में पैदा होते हैं न की आसान समय मे।
🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹
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ओम शांति
*पुण्य किसी को दगा नहीं देता*
*और पाप किसी का सगा नहीं होता* *जो कर्म को समझता है*
*उसे* *धर्म* *को समझनेकी जरूरत ही नहीं*
*संपत्ति के उत्तराधिकारी एक से ज्यादा हो सकते है, लेकिन कर्मों के उत्तराधिकारी, केवल हम स्वयं ही होते है*
꧁!! ओम शांति !!꧂
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अनमोल वचनः
मुस्कान और मदद यह दोनों ऐसे खुशबू (इत्र ) हैं, जिन्हें जितना ज्यादा हम दूसरों पर छिड़केंगे उतने ही खुशबूदार हम खुद होंगे।।आज से हम मुख पर मीठी मुस्कान रख हर एक की दिल से मदद करते रहें...
🙏ओम् शांति🙏
🍁आपका दिन शुभ हो🍁
😄😄😄😄😄😄😄😄😄
💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*16 सितम्बर:-*_ ईश्वर अविनाशी है, हम आत्मा भी अविनाशी है, परम् पिता से प्राप्त भाग्य भी अविनाशी होता है।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*जिंदगी को गमले के पौधे*
*की तरह मत बनाईये जो*
*थोड़ी सी धूप लगने पर*
*मुरझा जाये....,*
*जिंदगी को जंगल के पेड़ की*
*तरह बनाइये जो हर परिस्तिथि में*
*मस्ती से झूमता रहे..!!*
*""सदा मुस्कुराते😊रहिये""*
*
Good👆🏻💫🇲🇰🌌🧘🏻♀️🧘🏻♂️night.
🙏 *ॐ शांति* 🙏
लोग *पुण्य* कमाने के लिये *दान* करते हैं, परंतु कई बार दान से पुण्य नहीं.. पाप की *कमाई* कर बैठते हैं, क्योंकि दान किस भाव से किया...दिखावा, वाह वाही या अपनी मान-शान के लिये दान करने से पुण्य नहीं बनता। साथ ही दान भी *पात्र* देख कर करना चाहिये।
🌸 सुप्रभात...
💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
*ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा निराकार शिव भगवानुवाच l* ♥
🪖इस पतित दुनिया की महफिल में आई है, परम पवित्र ज्योति स्वरूप शिव शमा l सर्वशक्तिमान सर्वोच्च है, वह परमपिता परमात्मा l 🇲🇰
🔥उस ज्योति बिंदु परमात्मा पिता का, साकार माध्यम है ब्रह्मा l उस शिव शमा की याद से ही, पावन बनती है आत्मा l 🧎🏻♀️
🌝पूरा हो गया अब यह, चार युगों का ड्रामा l पुरुषोत्तम संगम युग का भी है यह, अंतिम समा l भगवान बाप बनकर आया है, सर्व आत्माओं के लिए रहनुमा l 💥
🧎🏻उनकी याद से ही सर्व पाप नाश होते हैं, आत्माओं को मिलती है क्षमा l हमें अपना बनाकर दिन-रात कर रहे हैं हमारी पालना, बाप शिव और मां ब्रह्मा l👨🏻🦳
🧎🏻♂️उनकी ही याद से पावन हो रहा है, सारा संसार, सारी जमी, सारा आसमां l आत्मा परमात्मा के परम प्रीत का,है यह सर्वश्रेष्ठ समा l 🧎🏻♂️
🇲🇰जिस समय परमात्मा शमा पर, कुर्बान जाती है भाग्यशाली आत्मा l इस बेअंत बेहद प्यार की, नहीं है कोई भी सीमा l🇲🇰
♦️♦️♦️रात्रि कहांनी ♦️♦️♦️
*🟣👉🏿मरी हुई गाय 🏵️
Good
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एक बार रामानकंद जी ने कबीर जी से कहा की हे कबीर आज श्राद्ध का दिन है और पितरो के लिये खीर बनानी है.
आप जाइये पितरो की खीर के लिये दुध ले आइये..
कबीर जी उस समय 9 वर्ष के ही थे..
कबीर जी दुध का बरतन लेकर चल पडे...
चलते चलते आगे एक गाय मरी हुई पडी थी..
कबीरजी ने आस पाससे घास को उखाड कर गाय के पास डाल दिया और वही पर बैठ गये...!!!
दुध का बरतन भी पास ही रख लिया...
जब काफी देर होगयी तो रामानंद ने सोचा..
पितरो को छिकाने का टाइम हो गया है...
कबीर अभी तक नही आया..
तो रामानंद जी खुद चल पडे दुध लेने...
चले जा रहे थे तो आगे देखा की कबीर जी एक मरी हुई गाय के पास बरतन रखे बैठे है...!!!
रामानंद जी बोले अरे कबीर तु दुध लेने नही गया.?
कबीर जी बोले स्वामीजी ये गाय पहले घास खायेगी तभी तो दुध देगी...!!!
रामानंद बोले अरे ये गाय तो मरी हुई है ये घास कैसे खायेगी??
कबीर जी बोले स्वामी जी ये गाय तो आज मरी है..
जब आज मरी गाय घास नही खा सकती...!!!
तो आपके 100 साल पहले मरे हुए पितर खीर कैसे
खायेगे...??
यह सुनते ही रामानन्दजी
मौन होगये..!!
उन्हें अपनी भूलका अहेसास
हुआ.!!
*माटी का एक नाग बनाके*
*पुजे लोग लुगाया*
*जिंदा नाग जब घर में निकले*
*ले लाठी धमकाया*
*जिंदा बाप कोई न पुजे*
*मरे बाद पुजवाया*
*मुठ्ठीभर चावल लेके*
*कौवे को बाप बनाया*
*यह दुनिया कितनी बावरी हैं*
*जो पत्थर पुजे जाय*
*घर की चकिया कोई न पुजे*
*जिसका पिसा खाय*
*-संत कबीर*
*🟣👉🏿भावार्थ:➖*
*जो जीवित है उनकी सेवा करो....!!*
*वही सच्चा श्राद्ध है.!!.. सत् साहेब बंदगी🙏🏻🙏🏻🙏🏻*