*गौठानो में सर्वाधिक पैर दान करने वाले कृषक होंगे पुरष्कृत,प्रदूषण से बचने खेतों में पैरा न जलाएं किसान,कलेक्टर ने दिए निर्देश*
*गौठानो में सर्वाधिक पैर दान करने वाले कृषक होंगे पुरष्कृत,प्रदूषण से बचने खेतों में पैरा न जलाएं किसान,कलेक्टर ने दिए निर्देश*
सुरेन्द्र जैन/ धरसीवां
कलेक्टर श्री सौरभ कुमार ने राज्य शासन की महत्त्वपूर्ण सुराजी गांव योजना के तहत निर्मित गोठानों में सालभर चारा की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु किसानों को पैरा-दान करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिये निर्देशित किया है।
उन्होंने कहा कि खरीफ धान फसल की कटाई में कंबाईन हार्वेस्टर का बहुतायत उपयोग होता है। हार्वेस्टर से कटाई उपरांत फसल अवशेष (पैरा) खेत में फैल जाता है। खेत में फैले हुए पैरा को किसान आमतौर पर समेटते नहीं है और खेत में जला देते है।इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध नहीं हो पाता है। खेत में फैले हुए फसल अवशेष (पैरा) को सुविधानुसार एकत्र किया जा सकता है। इसके अलावा कल्टीवेटर के पीछे तार जाली लगाकर या देशी यंत्र कोपर द्वारा भी खेत में फैले हुए पैरा को एकत्र किया जा सकता है।इससे पर्याप्त मात्रा में पैरा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। गोठान में एकत्र पैरा को गोठान स्तर पर आवश्यकतानुसार बंडल बनाकर सुरक्षित रखा जा सकता है।
ज्ञात हो कि गोठानों में सामान्यतः प्रतिदिन प्रति पशु औसतन दो किलोग्राम पैरा की
आवश्यकता होती है, व प्रतिदिन औसतन एक ट्राली पैरा की खपत के हिसाब से 150 दिन के लिये 150-200 ट्राली पैरा की खपत होती है। गोठान ग्राम में पशुओं की आवक संख्या के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में सूखे चारे की व्यवस्था करने हेतु पैरा-दान किया जा सकता है। गोठानों में पैरा-दान को प्रोत्साहन करने हेतु विकासखण्ड स्तर में प्रतियोगिता आयोजित कर सर्वाधिक पैरा-दान करने वाले कृषक तथा पैरा दान से सर्वाधिक पैरा प्राप्त करने वाले गोठान प्रबंधन समिति को पुरस्कृत किया जाएगा।