*कबाड़ से जुगाड प्रतियोगिता में दिखाया बच्चों ने अपना हुनर*
*कबाड़ से जुगाड प्रतियोगिता में दिखाया बच्चों ने अपना हुनर*
सुरेन्द्र जैन /धरसींवा
रविवार को कबाड़ से जुगाड़ विज्ञान प्रदर्शनी में स्कूली बच्चों ने एक से बढ़कर एक मॉडल बनाकर दिखा दिया कि वह भी किसी से कम नहीं इस दौरान किसी ने ट्रैफिक सिग्नल तो किसी ने बस्तर ओर किसी ने गोबर से बिजली बनाने के शानदार मॉडल बनाये।
कहते भी है कि प्रतिभा कभी किसी उम्र की मोहताज नहीं होती इसी को सच साबित करते हुए धरसींवा ग्रामीण के प्राथमिक और माध्यमिक शाला के बच्चों ने विकासखण्ड स्तरीय कबाड़ से जुगाड़ विज्ञान प्रदर्शनी में अपना हुनर दिखाया ।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड संकुल स्रोत समन्वयक धरसीवां ग्रामीण के मार्गदर्शन में सजग पीएलसी द्वारा आडवाणी आर्लिकन हायर सेकेंडरी स्कूल बिरगांव में आयोजित प्रतियोगिता का मे में स्कूल एवं संकुल स्तर से होते हुए कबाड़ से जुगाड़ की यह प्रतियोगिता तीसरे सोपान में विकासखंड स्तर पर पहुंची जिसमें धरसीवां ग्रामीण के 35 संकुलों से प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के कुल 70 कबाड़ से बने मॉडलों का प्रदर्शन किया गया।
आमंत्रित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ । तत्पश्चात कार्यक्रम में आए अतिथियों का पीएलसी सदस्यों द्वारा स्वागत किया गया। उक्त कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सहायक परियोजना समन्वयक रायपुर अरुण शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी धरसीवां संजय पुरी गोस्वामी, बीआरसी नरेश सिंह ठाकुर, प्राचार्य मुकेश सिरमौर, ललिता अग्रवाल, नीलिमा शर्मा, प्रवीण कुमार चटर्जी, स्नेह लता शुक्ला, गंगा शरण पासी एबीओ रवि शर्मा, विकासखंड परियोजना अधिकारी (साक्षरता) लोकेश वर्मा इनके अलावा निर्णायक के तौर पर व्याख्याता अनुरीमा शर्मा, मंजुल वी जॉन, मोरध्वज वर्मा एवं प्रीति रानी तिवारी उपस्थित थे। इस अवसर पर कबाड़ से जुगाड़ की रायपुर जिला एवं धरसीवां ग्रामीण की ब्लॉक नोडल अनुपम दुबे द्वारा कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के अगले क्रम में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर पर गठित 5-5 निर्णायकों के समूह द्वारा सभी कबाड़ से जुगाड़ मॉडलों का निरीक्षण कर अपना निर्णय दिया गया। प्राथमिक स्तर में संकुल कपसदा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तिवरैया के छात्र *लक्ष्य साहू के मॉडल ट्रैफिक सिग्नल को प्रथम* तथा संकुल दतरेंगा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला डोमा के छात्र *नमन भारती के मॉडल बस्तर का गांव को द्वितीय* स्थान प्राप्त हुआ। माध्यमिक स्तर पर संकुल सेजबहार अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मुजगहन की छात्रा *रागिनी महेश्वरी के मॉडल फ्रॉम ए रेलवे कैरिज को प्रथम* तथा संकुल उरकुरा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रांवाभाटा के छात्र *मुस्कान शर्मा के मॉडल गोबर से बिजली को द्वितीय* स्थान प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा सजग पीएलसी धरसीवां ग्रामीण के मोनो का भी विमोचन किया गया जिसे पीएलसी सदस्य रवि कुमार सिन्हा द्वारा बनाया गया है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरिष्ठ संकुल समन्वयक फजल मोहम्मद तथा फेरु राम सिवारे सहित समस्त संकुल समन्वयकों, सजग पीएलसी प्राथमिक/माध्यमिक/ हाई - हायर के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष अचला मिश्रा, टी श्रीलाल नायर, बृजेन्द्र तिवारी, मेघा देवांगन, प्रमोद कुमार ढोमने, अभिमन्यु मिश्रा सहित समस्त ज़ोन प्रभारी एवम् पीएलसी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा जिन्होंने कार्यक्रम की तैयारी से लेकर अंतिम निर्णय तैयार करने सहित समस्त कार्यों में अपना योगदान दिया। साथ ही छात्रों के साथ आए प्रभारी शिक्षकों का भी बहुत बड़ा योगदान रहा जिनके मार्गदर्शन में कबाड़ से जुगाड़ के यह मॉडल बच्चों द्वारा तैयार किए गए।
कार्यक्रम का संचालन अचला मिश्रा तथा आभार प्रदर्शन बीआरसी नरेश सिंह ठाकुर द्वारा किया गया।
*बॉक्स में*
*गोबर से बिजली उत्पादन का नवाचारी मॉडल*
धरसीवा विकासखंड में आयोजित कबाड़ से जुगाड़ प्रतियोगिता में गोबर से विद्युत उत्पादन करने वाला नवाचारी मॉडल शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला रावाभाठा की छात्रा कुमारी मुस्कान शर्मा ने अपनी शिक्षिका श्रीमती संगीता वर्मा के मार्गदर्शन में बनाया । एक छोटा सा मॉडल छात्रा की कल्पनाशीलता और वैज्ञानिक सोच का परिचायक रहा जिसमें छात्रा ने बताया कि बढ़ते उर्जा संकट के बीच किस तरह एक नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत के रूप में गोबर का प्रयोग विद्युत उत्पादन में किया जा सकता है और यह प्रक्रिया पर्यावरण की दृष्टि से पूरी तरह सुरक्षित है ।
*मॉडल ट्रैफ़िक सिग्नल*
शासकीय प्राथमिक शाला तिवरैया के छात्र लक्ष्य साहू द्वारा पर्यावरण विषय के अध्ययन हेतु मॉर्डन ट्रैफिक सिग्नल बनाया गया है। इस मॉडल के द्वारा *कक्षा 3* के पाठ घर कैसे कैसे, संकेतो की दुनिया, आओ सवारी करें, *कक्षा 4* के पाठ तरह तरह के घर औऱ *कक्षा 5* के पाठ परिवहन की अवधारणा बच्चों में विकसित की जा सकती हैं साथ ही पर्यावरण के लर्निंग आउटकम अपने आसपास के संकेतों/चिन्हो/साधनो/वस्तुओं को पहचानता है । भ्रमण कर जगहों का अवलोकन/अनुभव कर चित्र/ड्रॉइंग बना सकता है । पोस्टर, डिजाइन व सेटअप बना सकता है । की पूर्ति करता है।