आज का सुविचार
आज का सुविचार-चिंतन
आज का सुविचार(चिन्तन)
गुरुवार, 9 दिसंबर 2021
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💠 *Aaj_Ka_Vichar*💠
🎋 *..09-12-2021*..🎋
✍🏻जब हम ह्रदय से अपनी ही बुराई कमी को स्वीकार कर लेते हैं, तो उसी क्षण हम उससे मुक्त हो जाते है, क्योकि स्वीकार में मुक्ति है और निषेध में बन्धन है।
💐 *Brahma Kumaris Daily Vichar* 💐
🌷 *σм ѕнαитι*
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💥 *विचार परिवर्तन*💥
✍🏻जीवन वो रंगमंच हैं जहाँ किरदार को खुद पता नहीं कि, अगला दृश्य क्या होगा, इस लिये अभी जिस पल में हो, उसे खुल कर जी लो।
🌹 *Brahma Kumaris Daily Vichar*🌹
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💧 *_आज का मीठा मोती_*💧
_*09 दिसंबर:-*_ जब हम अपनी विशेषताओ का उपयोग करना भूल जाते है, तब ही बुराइयो को जीवन में प्रवेशता होती है।
🙏🙏 *_ओम शान्ति_*🙏🙏
🌹🌻 *_ब्रह्माकुमारीज़_*🌻🌹
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*चोरी ही करना हो तो*
*किसी के आंखों के आंसू*
*किसी के चेहरे की परेशानी*
*किसी के दिल से मायुसी*
*किसी के जिंदगी से दर्द चुरा लो*
*इंसानके आंसू उस वक्त कीमती होते हैं*
*जब वो किसी और के दुख और*
*तकलीफ़ को महसूस करके निकलें*
*हंसते-हँसते हुए लोगों की संगत*
*परफ्यूम की दुकान की जैसे होती है*
*चाहे कुछ न ख़रीदो फिर भी*
*आपकी रूह को महका देती है*
ओम शांति
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ओम शांति
*खुशनसीब है वो जिसने*
*अपने आज का समझदारीसे*
*इस्तेमाल किया क्यूं कि*
*कल कभी आता नहीं और*
*आज कभी जाता नहीं*
ओम शांति
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*तमन्नाएं भी उम्र भर कम नहीं होंगी,*
*समस्याएं भी कभी हल नहीं होंगी*
*फिर भी हम जी रहे हैं वर्षों से तमन्ना में,*
*कि मुश्किलें जो आज हैं, शायद कल नहीं होंगी ।*
ओम श ति
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🇲🇰ओम शांति ब्रह्मा मुख द्वारा सत्य गीता ज्ञान दाता निराकार शिव भगवानुवाच l🇲🇰
♥ मीठे बच्चे परमात्मा के ज्ञान के आधार से, किया है जिसने, आत्मा परमात्मा का रिलाइजेशन l उन आत्माओं की ही है, रियल एक्शन l ⚡
🌎दुनिया में देह अभिमान के वश है सभी की, नेगेटिव एक्शन रिएक्शन l माया रावण ने बना दिया है सभी को, विकारी, पतित, विलन l 👽
🥷🏻सभी की खराब हो गई है, चाल चलन l खास भारत, आम सारे विश्व का, हो गया है पतन l ओ मेरे अति मीठे बच्चे, प्रिय आत्मन l 🧏🏻♂️
🌞सूर्य 🌛चांद 💫सितारों के भी पार है, मेरा और तुम्हारा असली वतन l इस सृष्टि रंगमंच पर, 5000 वर्ष का पार्ट बजाया तुमने, लेकर पांच तत्वों का तन l 🦇
🌎जब इस सृष्टि पर आए, तब देवी-देवता थे, तुम संपूर्ण पावन l अनगिनत था तुम्हारे पास, हीरे मोती सोने का धन l 💮
🦚यह सारी सृष्टि थी, संपूर्ण पवित्र, सुंदर, खुशबूदार चंदन l दो युगों के बाद जब सृष्टि पर आया , पांच विकारों का रावण l तभी से देह अभिमान के वश, बिगड़ गया तुम्हारा आचरण l ☣️
👹विकारों के वश, सुख के संबंध बन गए दुख के बंधन l अब मुझ परमात्मा पिता का हुआ है, फिर से ब्रह्मा तन मे अवतरण l👨🏻🦳
⚡करने सारी पतित सृष्टि, और सारी पतितआत्माओं का परिवर्तन l अब मुझ एक परमात्मा की याद में, हो जाओ मगन l 🤗
🙏🏼फिर टूट जाएंगे सारे, विकारी बंधन l फिर से बन जाएंगे देवी देवता, संपूर्ण पावन l 🌹
🚶🏻♂️उसके पहले, चलना है मुझ पिता के साथ, अपने घर मूल वतन l फिर से सृष्टि में आकर, वंडरफुल पार्ट बजाओगे, देवी देवता बन l👸
🙏 *ॐ शांति* 🙏
*आत्मा* का स्थान *भृकुटि* है और भृकुटि के नीचे ही शरीर की सर्व इंद्रियां हैं अर्थात आत्मा *राजा* है और इंद्रियां *प्रजा* है। अब आत्मा की स्थिति निर्धारित करती है कि वह अपनी इंद्रियों को किस प्रकार प्रयोग कर कर्म करती है। यह प्रयोग ही हमें पुण्य आत्मा या पाप आत्मा बनाता है।
🌸 सुप्रभात...
💐💐 आपका दिन शुभ हो... 💐💐
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