जीवन की बुराइयों को त्यागने का नाम ही है यज्ञ---संत श्री राम बालक दास जी
जीवन की बुराइयों को त्यागने का नाम ही है यज्ञ---संत श्री राम बालक दास जी ,
,, छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ श्री जामडी पाटेश्वर धाम जिला बालोद के संत श्री राम बालक दास महात्यागी जी के संचालन में
100 वां महायज्ञ ग्राम पाढी पंडरिया जिला कबीरधाम में हो रहा है महायज्ञ के दूसरे दिवस संत श्री राम बालक दास जी ने अपने रामकथा के मंच से यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तीन प्रकार की आहुति महायज्ञ में दी जाती है ,, प्रथम आहुति अन्न द्रव्य की ,, दूसरी आहुति यज्ञ सामग्री की ,,और तीसरी और महत्वपूर्ण आहुति होती है अपने जीवन की बुराइयों को त्यागने का संकल्प करना ,,
पाढ़ी में होने वाले इस यज्ञ में उन्होंने संपूर्ण प्रदेशवासियों को आमंत्रित किया साथ ही यज्ञ में महाराष्ट्र मध्यप्रदेश के भी लोग आ रहे हैं जानकारी देते हुए संत श्री नेब बताया कि इस महायज्ञ में 20 अप्रैल को ,,, जगत गुरु शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का आगमन होगा,, साथ ही 23 अप्रैल को ,,,
दैवी संपद मंडल के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद जी का भी आगमन अमरकंटक से होगा ,,, इसी तरह 24 अप्रैल को ,,, हिंदू शेरनी सरस्वती दीदी जी का आगमन छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के होगा ,,, महायज्ञ में हजारों की संख्या में माताएं बहने बंधु प्रतिदिन सुबह प्रभात फेरी निकालकर यज्ञ को सफल बना रहे हैं साथ ही पूरे यज्ञ परिसर को से लिपकर ,, रंगोलियां बनाकर ,, केले के पेड़ लगाकर ,, जवारे लगाकर सजाया गया है जो देखते ही बनता है बाहर से आने वाले दर्शनार्थी सभी सजावट को देखकर ग्राम पाढी की भूरी भूरी प्रशंसा कर रहे हैं
इस पूरे कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पाटेश्वर धाम के यूट्यूब चैनल rambalak das पर शाम 3 बजे से 6 बजे तक किया जा रहा है
