एक अटूट रिस्ता --फुलझर अँचल के पूर्व सैनिकों का महा सम्मेलन
एक अटूट रिस्ता --फुलझर अँचल के पूर्व सैनिकों का महा सम्मेलन
महासमुंद
हे नमन! उस विर साहसी शहीद को जिसने बलिदान दिया!
हे नमन ! उस विरनारी को जिसने सूहाग तक कूर्बान किया!!
1971 में शहिद छत्तीसगढ़, महासमून्द जिले के बसना (गढ़फूलझर अँचल) से जाबांज और होनहार सिपाही श्री जागेश्वर दास जी की धर्मपत्नी विरनारी श्रीमती पंखजिनी बाई दास जिन्हें हम समस्त पुर्व सैनिक परिवार माता जी से सम्बोधित करते है! उनके द्वारा दिनाँक 10 मई 2023 को रात्रिकालीन भोजन व अपने गृह में फुलझर अँचल के समस्त पूर्व सैनिकों का महा सम्मेलन रखीं थी! जिसमें हमारे सभी पुर्व सैनिक भाईयों मे पु.सै.सदाशिव चौहान, पु.सै. बालमूकुन्द साहू, पु.सै. लोकेश चन्द्र भोई, पु.सै. परिमल प्रधान, पु.सै. नित्यानंद प्रधान, पु.सै. महेन्द्र केवर्त, पु.सै.नविन भोई, पु.सै. ओमप्रकाश साहू, पु.सै. वासूदेव साव, पु.सै. राधेश्याम पटेल, पु.सै. चन्द्रमोहन दास, पु.सै.लोकनाथ डडसेना, पु.सै. मोतीलाल बूड़ेक , पु.सै.पुरूषोत्तम डनसना, पु.सै. मदन यादव, पु.सै.मायाराम पटेल, पु.सै. विजय मिश्रा, पु.सै. शौकीलाल पटेल, पु.सै. धर्मेन्द्र चौधरी, पु.सै. मनोज कूमार सोनी ने अपने समस्त सैनिक परिवार के साथ शामिल हुये! वे 1971 से अकेली नि:संतान होते हुये भी संघर्ष व साहस के साथ हम सभी सैनिकों को अपना पुत्र समान लाड प्यार करती आई है साथ ही समस्त सैनिक परिवार को अपना परिवार मानती हैं! उनके द्वारा सभी पुर्व सैनिकों को एक धागा मे पिरोये रखने तथा अपनेपन की अटूट भावना को देखकर हम इस अटूट रिस्ते के आगे नतमस्तक है! ऐसी महान विरनारी मात्रृशक्ति को हमारे पुर्व सैनिकों की ओर से शत्-शत् नमन! हम उनके तारीफ मे नि:शब्द है!



