नहीं सुधर रहे हालात सड़क बनी चारागाह - fastnewsharpal.com
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नहीं सुधर रहे हालात सड़क बनी चारागाह

 नहीं सुधर रहे हालात सड़क बनी चारागाह



    सुरेन्द्र जैन/ धरसीवा

  क्षेत्र  में आये दिन सड़को पर गौवंश की हादसों में मौत के बाबजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं शुक्रवार की रात को भी धरसीवा के चरोदा मुख्य मार्ग पर गौवंश के बैठे रहने से वाहनों को भी आवाजाही में दिक्कत हो रही है।

    क्षेत्र में चाहे हाइवे हो या गांव की सड़कें जहां देखो वही सड़को पर गौवंश नजर आएगा चाहे दिन हो या रात सड़को पर गौवंश से जहां दुपहिया चालको सायकिल सवारों के अंधेरे दुर्घटना की आशंका रहती हैं तो वहीं बड़े भारी वाहनों से इन गौवंश की अक्सर मौत की घटनाएं भी हो रही हैं ।

   *दूध तक सीमित गौभक्ति*





   हिन्दू धर्म सँस्कृति में गौमाता का एक अलग ही स्थान है करोड़ों देवी देवताओं का गौमाता में वास होता है गाय की पूजा होती है लेकिन आज सड़को पर सर्वाधिक गौवंश ही नजर आता है क्या बर्तमान पीढ़ी अपनी भांरतीय  धर्म संस्कृति से भटक चुकी है क्या गाय सिंर्फ़ अब दूध देने तक सीमित रह गई है जिस गाय का दूध बीमारी नाशक व स्वस्थ्य वर्धक  होता है आख़िर क्यों उसे इस तरह सड़को पर बेमौत मरने छोड़ दिया जाता है कौन हैं इसके जिम्मेदार जिनकी गाय हैं वह या जो गौवंश की चारागाह निगल गए वह या फिर शासन प्रशासन ।


*सप्ताह भर में दर्जनभर गायों की मौत



    बैसे तो आये दिन कहीं न कहीं सड़क हादसों में गायों की मौत होती रहती है ओर जिम्मेदारों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती लेकिन हाल की बात करें तो विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल सहसंयोजक लोकेश साहू साकरा खंड संयोजक राजा साहू निखिल शर्मा विहिप राष्ट्रीय उपाध्यक्ष  सरवन राजपूत धनंजय पाठक गौ सेवा प्रमुख कार्यकर्ता  लक्की साहू राजा निषाद जब्बर शर्मा युवराज साहू रमेश दादू साहू विकास शर्मा दादू बंजारे आदि का कहना है कि सिंर्फ़ धनेली के आसपास ही सप्ताह भर में दर्जनभर गायों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है जिन्हें उन्होंने विधिवत अंतिम संस्कार भी कराया।

 

*गौसेवक निःस्वार्थ भाव से करते हैं अंतिम संस्कार*

   सांकरा धनेली ओर सिलतरा के निःस्वार्थ भाव से गौसेवा करने वाले  गौसेवको की टीम का व्हाट्सएप्प ग्रुप है बजरंग दल से जुड़े युवाओं की टीम गौवंश के साथ सड़क हादसों की या आसपास गांव में गाय के बीमार या उसकी मृत्यु की सूचना पर निःस्वार्थ भाव से उनका उपचार कराने सूचना देकर बंजारी गौशाला भेजने ओर मृत्यु होने पर हिन्दू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार करते हैं घायल अवस्था मे पशु चिकित्सको को सूचना देकर उपचार कराते हैं लंबे समय से बजरंग दल से जुड़े गौसेवक युवा यह कार्य करते आ रहे हैं । 

   *चारागाह खत्म*

 धरसीवा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों की बात करें तो आज अधिकांश गांवों में पशु चारागाह की जमीन खत्म हो चुकी है आख़िर मूक प्राणी जाएं भी तो कहां जाएं।

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