उपेक्षा का दंश झेल रहे नगर सैनिक - fastnewsharpal.com
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उपेक्षा का दंश झेल रहे नगर सैनिक

कोर्ट के निर्देश के बाद भी आरक्षक के वेतन समान नहीं मिल रहा मानदेय


रायपुर
 मंत्री से लेकर अधिकारियों के बंगले और शहर की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस जवानों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर ड्यूटी करने वाले नगर सैनिक लंबे समय से उपेक्षा का दंश झेल रहे है। वर्ष 2017 में सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि नगर सैनिकों को मानदेय की जगह पुलिस विभाग का वेतन स्लैब दिया जाये। इसके बाद अप्रैल 2020 तक सुप्रीम कोर्ट 15 बार रिमांइडर दे चुका है। कोर्ट के निर्देश के बाद विगत कई वर्षों से आरक्षक के वेतन समान मानदेय नहीं दिया जा रहा है, जबकि वेतन स्लेब देने की अति आवश्यक है। सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन अब तक सुनिश्चित नही किया है। नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित सभी कार्य शासन-प्रशासन के अधिकारी नगर सैनिको से ले रहे हैं। प्रदेश के सभी जिलोें में नगर सैनिकों की ड्यूटी दे रहे है। अस्पताल से लेकर यातायात व्यवस्था, मंत्रालय की सुरक्षा और क्लास-1 अधिकारियों के बंगलो की भी ड्यूटी कर रहे है। इसके बाद भी उसकी दशा सुधारने की लिए जिम्मेदार अधिकारी किसी तरह की पहल नहीं कर रहे है। प्रदेश में 9000 नगर सैनिको को वेतन की जगह मानदेय ही दिया जा रहा है। 

सिर्फ 13200 रूपए महीना मिलता है मानदेय
नगर सैनिक भी पुलिस विभाग की तरह रोटेशन में ड्यूटी कर रहे है। प्रत्येक कर्मचारी प्रतिदिन 10 से 12 घंटे ड्यूटी करते है। इसके एवज में एकमुश्त 13200 रूपए मासिक मानदेय मिलता है। 2016 से नया मानदेय इन्हे मिल रहा है। नगर सैनिको का कहना है कि एक साल का एरियस भी दो साल बाद भी नही मिला है।

प्रत्येक कर्मचारी को होगा 8 हजार तक का फायदा
जानकारी के मुताबिक वेतन विसंगती को दूर करने गृह मंत्रालय भारत सरकार के अपर सचिव सुरेन्द्र ठाकुर 21 सितंबर 2018 को राज्य शासन के गृह विभाग को पत्र लिखा है। जिसमें प्रत्येक कर्मचारी को 19500 रूपए तक देने का आदेश जारी किया है। इस पत्र पर अब तक पहल नही हुई है। 

*राज्यसभा में उठ चुका है मुद्दा*
तत्कालीन राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए 25 जुलाई 2018 को राज्य सभा में उठाया था। उन्होने सुप्रीम कोर्ट में दिए फैसले का हवाला देते हुए संघ व राज्य द्वारा इस बिंदु पर किए गये कार्य की जानकारी मांगी थी। जिम्मेदारो ने यह कहते हुए इस गंभीर विषय को समाप्त कर दिया कि वे सभी राज्यो को नगर सैनिकों को पुलिस के समान वेतन जारी करने का आदेश जारी कर चुके है।
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