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*शिक्षकों ने बनाए पर्यावरण पर प्रेरक छत्तीसगढ़ी गीत-आरंग*
शनिवार, 1 अगस्त 2020
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शिक्षकों ने बनाए पर्यावरण पर प्रेरक छत्तीसगढ़ी गीत
आरंग
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में पदस्थ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने लाफिन कला निवासी गोवर्धन प्रसाद साहू, शिक्षक शेखर चन्द्राकर, शिक्षक व सुप्रसिद्ध लोकगायक विश्राम यादव के साथ मिलकर जनमानस को पौधरोपण व संरक्षण हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से शिक्षाप्रद प्रेरक छत्तीसगढ़ी गीत बनाये है। जिसका विमोचन महासमुंद विधायक व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चन्द्राकर ने करते हुए शिक्षकों के नवाचारी कार्य की सराहना कर बधाई दिए है। शिक्षक महेन्द्र ने बताया कि उनके परिकल्पना व आग्रह पर भिलाई के अंतर्राष्ट्रीय कलाकार के.के. पाटिल ने पौधरोपण पश्चात उनके संरक्षण पर विशेष ध्यानाकर्षित कर गीत की रचना किए है। जिससे हर आयु वर्ग के लोगो में गीत के वीडियो आडियो देख-सुनकर अधिक से अधिक पौधेरोपने व संरक्षित करने का भाव जागृत हो। गीत में स्वर सुप्रसिद्ध लोकगायक शिक्षक विश्राम यादव व महासमुंद की सुप्रसिद्ध गायिका वंदना कुलदीप ने दी है। स्वररचना में विशेष मार्गदर्शन लोकगायक टीकम पटेल व सुप्रसिद्ध लोकगायिका ममता चन्द्राकर के टीम के कलाकारों ने दिए है। गीत के परिकल्पना निर्माण, निर्देशन व अभिनय शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किए है। गीत निर्माण में विशेष सहयोग व अभिनय मूलचंद चोपड़ा तहसीलदार महासमुंद, शिक्षक गोवर्धन साहू, विश्राम यादव, हेमीन नेतन पटेल संरपच, हेमलता पटेल, कु. यशस्वी, साक्षी, भूमि, रुचि, राहुल, उज्जवल, हीरा पटेल ने किए है।
आरंग
शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला चरौदा में पदस्थ शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने लाफिन कला निवासी गोवर्धन प्रसाद साहू, शिक्षक शेखर चन्द्राकर, शिक्षक व सुप्रसिद्ध लोकगायक विश्राम यादव के साथ मिलकर जनमानस को पौधरोपण व संरक्षण हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से शिक्षाप्रद प्रेरक छत्तीसगढ़ी गीत बनाये है। जिसका विमोचन महासमुंद विधायक व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चन्द्राकर ने करते हुए शिक्षकों के नवाचारी कार्य की सराहना कर बधाई दिए है। शिक्षक महेन्द्र ने बताया कि उनके परिकल्पना व आग्रह पर भिलाई के अंतर्राष्ट्रीय कलाकार के.के. पाटिल ने पौधरोपण पश्चात उनके संरक्षण पर विशेष ध्यानाकर्षित कर गीत की रचना किए है। जिससे हर आयु वर्ग के लोगो में गीत के वीडियो आडियो देख-सुनकर अधिक से अधिक पौधेरोपने व संरक्षित करने का भाव जागृत हो। गीत में स्वर सुप्रसिद्ध लोकगायक शिक्षक विश्राम यादव व महासमुंद की सुप्रसिद्ध गायिका वंदना कुलदीप ने दी है। स्वररचना में विशेष मार्गदर्शन लोकगायक टीकम पटेल व सुप्रसिद्ध लोकगायिका ममता चन्द्राकर के टीम के कलाकारों ने दिए है। गीत के परिकल्पना निर्माण, निर्देशन व अभिनय शिक्षक महेन्द्र कुमार पटेल ने किए है। गीत निर्माण में विशेष सहयोग व अभिनय मूलचंद चोपड़ा तहसीलदार महासमुंद, शिक्षक गोवर्धन साहू, विश्राम यादव, हेमीन नेतन पटेल संरपच, हेमलता पटेल, कु. यशस्वी, साक्षी, भूमि, रुचि, राहुल, उज्जवल, हीरा पटेल ने किए है।
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