*माफियो पर आखिर कब होगी कार्यवाही अवैध रेत खनन में कार्यवाही न होना अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका*
अवैध रेत खनन को बढ़ावा देने वालों पर आखिर कार्यवाही कब होगी
गरियाबंद
वही कुरुसकेरा नदी से रेत का अत्यधिक खनन कर दोहन करने के कारण नदी के किनारे का कटाव होने के कारण रोपित किए गए वृक्षों का नुकसान हो रहा है। ताजा बनी रैम यह प्रदर्शित करता है कि प्रतिबन्ध के बावजूद धड़ल्ले से अवैध रेत उत्खनन जारी है। अब तक हाइवा व डम्परों से रेत का परिवहन किया जाता था परंतु अब बड़े पैमाने पर गुड्स कैरियर की ट्रकों से रेत का परिवहन हो रहा है जो ज्यादातर महाराष्ट्र की ट्रकें है अंतराज्यीय रेत परिवहन को दिखाता है। गाँव के लोग ट्रैक्टरों से अपने घर के लिए रेत लेकर नहीं जा पा रहे हैं लेकिन दूसरे राज्य की गुड्स कैरियर की ट्रकें कुरुसकेरा नदी से रेत का अवैध परिवहन कर रहा है इससे संबंधित विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा होता है।
अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव कॉमरेड तेजराम विद्रोही ने मौका स्थल का निरिक्षण कर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उक्त बातें कही। उन्होंने आगे कहा कि अपने क्षेत्र के खनिज सम्पदा की सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों व संबंधित अधिकारियों को है। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी एवं प्राधिकृत अधिकारी कसडोल ने ब्लॉक के चार ग्राम पंचायतों के सरपंचों के विरुद्ध धारा 40 के तहत नोटिस जारी किया है। अधिकारी ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि ग्राम पंचायतों के क्षेत्र अंर्तगत शासन द्वारा सरपंचों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। परंतु उन्होंने अपने अपने क्षेत्रों में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर अंकुश लगाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। क्या इस प्रकार स्वतः संज्ञान लेते हुए गरियाबंद जिला के अधिकारी अवैध रेत उत्खनन व परिवहन पर लगाम लगाने कार्यवाही करेंगे या जन आक्रोश का इंतजार करेंगे।

